आबूधाबी से इंदौर के लिए शुरू हुई सीधी उड़ान में सोने की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश कर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तस्कर के अलावा सराफा व्यापारी, कस्टम कर्मचारी, एयरलाइंस कर्मचारी और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।
तस्कर एक किलो सोने के कड़े बनाकर लाया था। उस पर चांदी की परत चढ़ाई गई थी। एयरलाइंस के कर्मचारी वासुदेव बरनाले ने कस्टम जांच से पहले ही वह कड़ा तस्कर गोविंद पोरवाल से ले लिया और एयरपोर्ट के बाहर खड़े सराफा कारोबारी संजय मुंजे को सौंप दिया।
डीआरआई की टीम एयरपोर्ट के बाहर भी तैनात थी। जैसे ही एक किलो सोने की डिलीवरी हुई, टीम ने उसे धर दबोचा। सप्ताह में चार दिन संचालित होने वाली इस उड़ान के जरिए आरोपी पहले भी तस्करी कर चुके थे, लेकिन आबूधाबी से सोना लाने वाले तस्कर के पास से अधिकारियों को कभी कुछ नहीं मिला। दरअसल, तस्कर उड़ान से उतरने के बाद एयरोब्रिज पर ही सोना एयरलाइंस के कर्मचारी को दे देता था। सराफा व्यापारी संजय मुंजे हर बार तस्करी का सोना लाने के एवज में कर्मचारियों को 10 हजार रुपये देता था।
यात्रियों का रिकॉर्ड खंगाला
इस उड़ान में सोने की तस्करी की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने यात्रियों का रिकॉर्ड खंगाला। पोरवाल पर पहले से ही शक था, लेकिन उसके पास से कभी सोना नहीं मिला। इस बार टीम ने उससे जुड़े पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया। एक टीम एयरपोर्ट के बाहर तैनात की गई और बरनाले द्वारा एक किलो सोने की डिलीवरी देने तक इंतजार किया गया।
आयात शुल्क से बचने के लिए तस्करी
खाड़ी देशों का सोना अच्छी गुणवत्ता का होने के साथ अपेक्षाकृत सस्ता भी होता है। इसके अलावा वहां और भारत के बीच कीमतों में भी अंतर रहता है। भारत में खाड़ी देशों से सोना लाने पर भारी आयात शुल्क देना पड़ता है। इसी शुल्क से बचने के लिए तस्करों की मदद से अवैध रूप से सोना भारत लाया जाता है, जिससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सके।
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