स्वच्छता में आठवीं बार इंदौर सरताज बन गया, लेकिन नौवीं बार फिर यह सफलता दोहराई जाए, इस पर अब शहरवासी संदेह करने लगे हैं। स्वच्छता रैंकिंग की टीम कभी भी सर्वे के लिए आ सकती है। इस कारण शहर के चौराहों और सड़कों को सुंदर बनाया जा रहा है, लेकिन बस्तियों और शहरी सीमा से लगी कॉलोनियों में हालत खराब है। जगह-जगह कूड़े के ढेर अब नजर आने लगे हैं और बैकलेन फिर कचरे से पटी हुई दिखाई देती हैं।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियों के रूट बदले गए हैं। इस कारण कई गलियों में गाड़ियां समय पर नहीं जा पा रही हैं। गाड़ियों को कचरा खाली करने ट्रांसफर स्टेशन पर जाना होता है। वहां से लौटकर फिर दूसरी गली में कचरा लेने के लिए समय लग रहा है। नौकरी और दुकान पर जाने का समय होने के कारण कई लोग गाड़ियों में कचरा नहीं फेंक पा रहे हैं और फिर उसे शाम या रात के समय मोहल्ले के खाली प्लॉट, मैदान या अन्य जगह पर फेंका जा रहा है।
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कई स्थानों पर बने अस्थायी कचरा पॉइंट
शहर के कई स्थानों पर अस्थायी कचरा पॉइंट बन गए हैं। लोग वहां कचरा फेंकने लगे हैं। फिर वह कई दिनों तक नहीं उठता। शहरी सीमा से जुड़ी कॉलोनियों में इस तरह के दृश्य देखे जा रहे हैं। सफाईकर्मियों के काम में भी अब पहले जैसी बात नहीं रही। सड़क साफ हो रही है, लेकिन कई सफाईकर्मी फुटपाथ और खाली प्लॉट पर पड़े कचरे को नहीं उठाते हैं। इस कारण शहर के प्रमुख मार्ग तो साफ नजर आते हैं, लेकिन गलियों की सफाई ठीक से नहीं हो रही है। चालान नहीं बनने के कारण लोग नालियों व आसपास के खाली प्लॉटों पर भी कचरा फेंकने लगे हैं।
खाली हिस्से को बना दिया मिनी ट्रेंचिंग ग्राउंड
कुर्मेडी क्षेत्र में खाली जमीन पर कचरे का ढेर किसी मिनी ट्रेंचिंग ग्राउंड का एहसास करा रहा है। यहां मैरिज गार्डनों का कचरा रोज फेंका जा रहा है। कई बार लोग उसमें आग भी लगा देते हैं। तेज हवा होने पर कचरा इधर-उधर उड़ता है। ओमेक्स सिटी, झलारिया वाले हिस्से में भी कचरा खुले में सड़कों के किनारे पर फेंका जा रहा है।
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इस कारण हो रही सफाई व्यवस्था में ढिलाई
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पिछली बार जिन अफसरों ने सफाई व्यवस्था में शहर को सिरमौर बनाने में भूमिका निभाई थी, उनके तबादले अब दूसरी जगह हो चुके हैं। नए अधिकारियों को सिस्टम चलाना मुश्किल साबित हो रहा है।
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बैकलेन में कचरा पड़ा होने की सैकड़ों शिकायतें हर रोज जोनल कार्यालय और 311 ऐप पर दर्ज हो रही हैं, लेकिन कचरा नियमित नहीं उठ रहा है।
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गाड़ियों का समय बदलने के कारण कचरा गाड़ियां कई गलियों में समय पर नहीं पहुंच रही हैं। सुबह 11 बजे तक कई मोहल्लों में गाड़ियां कचरा लेती हुई नजर आती हैं।
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