इंदौर में मानसून की रफ्तार फिलहाल पूरी तरह से थम गई है। पिछले 7 दिनों से शहर के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, लेकिन बरसात नहीं होने के कारण वातावरण में उमस काफी ज्यादा बढ़ गई है जिससे लोग परेशान हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले सप्ताह से मानसून के एक बार फिर से सक्रिय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चढ़ रहा पारा
बुधवार को शहर में दिन का तापमान 33.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक है। वहीं मंगलवार रात का पारा 24 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक है। यह दोनों ही तापमान इस सीजन के सामान्य औसत तापमान से अधिक रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कोई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार बहुत कम हैं।
7 दिनों के विराम के बावजूद औसत से ज्यादा बारिश
मौसम में आए इस 7 दिन के लंबे विराम के बावजूद इंदौर में इस चालू मानसून सीजन में अब तक कुल 329.1 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस समय तक होने वाली सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 94 मिमी अधिक है, जिससे शहर पानी और बारिश के कुल कोटे के मामले में फिलहाल काफी बेहतर स्थिति में बना हुआ है।
जुलाई के शुरुआती दिनों ने पिछले साल का रिकॉर्ड पछाड़ा
मौसम विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 पिछले पूरे एक दशक की सबसे कमजोर जुलाई साबित हुई थी। उस दौरान पूरे महीने में कुल मिलाकर केवल 155.5 मिमी बारिश ही दर्ज हो पाई थी। इसके विपरीत इस साल जुलाई के शुरुआती दिनों में ही उस आंकड़े से कहीं ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जिससे यह शुरुआत पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर मानी जा रही है।
फसलों के लिए चिंता बढ़ी, सेहत को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश में के बाद छोटा सा विराम खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है लेकिन यदि यह विराम लंबा खिंचता है तो फिर फसलों के लिए चिंता की बात हो सकती है। कुछ दिन बारिश थमने से खेतों में जमा हुआ अतिरिक्त पानी बाहर निकलने से फसलों की जड़ों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है और पौधों का विकास भी बेहतर ढंग से होता है वह बारिश में ज्यादा देरी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं दूसरी ओर, बारिश थमने के बाद बढ़ती उमस और विभिन्न निचले स्थानों पर जमा पानी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। ऐसे में खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखने की अत्यंत जरूरत है।
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