इंदौर में नीट परीक्षा निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस और जिला कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में इस गंभीर मुद्दे को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और परीक्षा नियामक एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं का कहना था कि देश की इतनी प्रतिष्ठित परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद शर्मनाक है और इसकी वजह से देशभर के लाखों होनहार विद्यार्थियों का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में लटक गया है।
रीगल चौराहे पर उमड़ा जनसैलाब
कांग्रेस द्वारा आयोजित यह धरना प्रदर्शन इंदौर के प्रमुख रीगल चौराहे पर आयोजित किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल राजनेता ही शामिल नहीं हुए, बल्कि बड़ी संख्या में आम शहरवासी, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी स्वेच्छा से अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे। प्रदर्शन में शामिल नागरिकों ने बेहद आक्रोशित स्वर में कहा कि देश में पिछले कुछ समय से लगातार विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इतनी बड़ी लापरवाहियों के बाद भी आज तक किसी की भी जवाबदेही या जिम्मेदारी तय नहीं की गई है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने उठाए सवाल
इस मौके पर मौजूद प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आजाद भारत के इतिहास में देश में शिक्षा का स्तर कभी भी इतना नीचे नहीं गिरा है जितना वर्तमान समय में गिर चुका है। एक तरफ जहां सरकारी स्कूल लगातार बंद होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जो परीक्षाएं हो रही हैं उनके पेपर धड़ल्ले से लीक हो रहे हैं। वर्मा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस अव्यवस्था के कारण छात्र अपना उज्ज्वल भविष्य बनाने की जगह मानसिक तनाव में आकर गलत रास्तों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं। यदि युवाओं को समय पर बेहतर और पारदर्शी शिक्षा नहीं दी गई, तो न केवल इन छात्रों का बल्कि पूरे देश का भविष्य गहरे संकट में पड़ जाएगा।
सत्ता संरक्षण और जांच पर खड़े हुए प्रश्न
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह यादव ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की और इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है, लेकिन बेहद अचंभे की बात है कि मुख्य जिम्मेदार और दोषी लोग अभी तक पुलिस तथा अन्य जांच एजेंसियों की गिरफ्त से कोसों दूर हैं। यादव ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे रसूखदार लोगों के संरक्षण के बिना इस तरह के बड़े रैकेट का चलना और पेपर लीक होना कतई संभव नहीं है। इस पूरे घोटाले में विभाग के जिम्मेदार उच्च अधिकारी और कुछ भ्रष्ट जनप्रतिनिधि पूरी तरह से आपस में मिले हुए हैं।
छात्रों की मौतों पर गहरा दुख और आक्रोश
युवा नेता गुरजोत सिंह गिल ने प्रदर्शन के दौरान बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस पूरी धांधली का खामियाजा देश के करीब 22 लाख छात्रों को भुगतना पड़ेगा, जिन्हें अब दोबारा से परीक्षा की कठिन तैयारी करनी होगी। गिल ने अत्यंत दुख व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा निरस्त होने और पेपर लीक के सदमे को न झेल पाने के कारण देश के कई हिस्सों में छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनकी कमी को कभी भी पूरा नहीं किया जा सकता। शिक्षा व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने से कई माताओं की कोख सूनी हो गई है और घरों के चिराग बुझ गए हैं। उन्होंने मांग की कि इसे महज आत्महत्या न माना जाए बल्कि यह सीधे तौर पर प्रशासनिक हत्याएं हैं, इसलिए इस घोटाले के असली जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
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