नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (एलएसी) व्यापार एवं निवेश मंच में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन उत्साह, विश्वास और नई संभावनाओं से भरा रहा। उन्होंने मध्यप्रदेश को अवसरों की धरती बताते हुए दुनिया भर के निवेशकों को प्रदेश में साझेदारी और निवेश के लिए खुला आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से वैश्विक आर्थिक शक्ति बन रहा है और मध्यप्रदेश इस परिवर्तन की मजबूत धुरी बनेगा। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए अवसर तैयार हो रहे हैं और मध्यप्रदेश इस साझेदारी को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मध्यप्रदेश और लैटिन अमेरिका व्यापार के बढ़ते आंकड़े
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) और ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के संयुक्त सहयोग से इंदौर में एलएसी व्यापार एवं निवेश मंच का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एलएसी व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 का शुभारंभ किया गया।
इस वैश्विक मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के साथ निर्यात 3835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। फार्मा, ऑटोमोबाइल, आईटी, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
वैश्विक निवेश के नए केंद्र के रूप में इंदौर
उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वाद और स्वच्छता का प्रतीक नहीं है, बल्कि उद्योग, व्यापार और नवाचार का भी केंद्र है। सदियों से व्यापारिक समृद्धि की पहचान रहा यह शहर अब आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी भी मौजूद रहे।
मजबूत नेटवर्क, संसाधन और औद्योगिक बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और पीथमपुर का फार्मा एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है। राज्य आईटी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां छह हजार से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मजबूत सड़क, रेल और हवाई संपर्क, 30 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत क्षमता, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन तथा स्थिर निवेश नीतियां उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती हैं। उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया।
15 देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक
कार्यक्रम में 14 से अधिक देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के अलावा 350 प्रतिनिधि मौजूद रहे। राजनयिकों ने अपने देश में व्यापारिक और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने 14 राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निवेश और व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, प्लास्टिक उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएं और कृषि आधारित उत्पाद राज्य की प्रमुख ताकत बनकर उभर रहे हैं। कार्यक्रम में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी, क्यूबा के राजदूत खुआन कार्लोस फुनेस, पनामा के राजदूत अलोंसो कोरे आदि मौजूद रहे।
इंडिया और एलएसी देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का गणित
- 42 अरब डॉलर का व्यापार इंडिया-एलएसी के बीच
- 16.4 अरब डॉलर भारत का एलएसी देशों में निर्यात
- 25.6 अरब डॉलर एलएसी देशों से भारत में आयात
भारत से एलएसी देशों में होने वाला प्रमुख निर्यात
- 25 प्रतिशत मशीनरी और मैकेनिकल उत्पाद
- 20 प्रतिशत फार्मा उत्पाद
- 12 प्रतिशत ऑर्गेनिक केमिकल
- 8 प्रतिशत कपास
- 6 प्रतिशत फार्मा प्रोडक्ट
यह भी पढ़ें- शिवपुरी में दो भीषण सड़क हादसे, रेत के डंपर और तेज रफ्तार बस ने ली चार की जान, 3 घायल
मुख्यमंत्री द्वारा रेखांकित की गई मध्य प्रदेश की खासियातें
- इंदौर-पीथमपुर फार्मा और ऑटोमोबाइल का हब है, वैश्विक सप्लाई चेन बनेगा।
- कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला के साथ सहयोग का प्रस्ताव।
- ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, खनन, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में साझेदारी की बात कही।
- मध्यप्रदेश को स्थिर, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल निवेश गंतव्य बताया।
- पांच लाख किमी से अधिक सड़क नेटवर्क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी और सरप्लस बिजली।
Source link
#मधय #परदश #अवसर #क #धरत #अब #बनग #वशवक #नवश #और #वयपर #क #मजबत #कदर #LAC #वयपर #मच #म #बल #सएम #महन #यदव


Post Comment