इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक ऐतिहासिक मंदिर के बुजुर्ग ट्रस्टी की हत्या कर दी गई है। अन्नपूर्णा इलाके में स्थित करीब 150 साल पुराने मंदिर के ट्रस्टी कैलाश मोदी (उम्र 70 वर्ष) की डंडे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस पूरी खौफनाक वारदात में मंदिर के चौकीदार मुकेश शर्मा ने उन पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी चौकीदार को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शराब पीकर मंदिर में विवाद करता था चौकीदार
एसीपी शिवेंदु जोशी से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंदिर का चौकीदार मुकेश शर्मा अत्यधिक शराब पीने का आदी है और वह अक्सर नशे में मंदिर परिसर के भीतर ही लोगों से विवाद करता रहता था। बुजुर्ग ट्रस्टी कैलाश मोदी उसे पहले भी कई बार इस तरह की हरकतें न करने की समझाइश दे चुके थे। मंगलवार सुबह जब मुकेश एक बार फिर अत्यधिक नशे की हालत में मंदिर पहुंचा तो मोदी ने उसे दोबारा समझाने का प्रयास किया। लेकिन इस बार मुकेश समझाने पर बुरी तरह भड़क गया और उसने मोदी को मारने के लिए पास ही रखा एक मजबूत डंडा उठा लिया। यह देखकर कैलाश मोदी अपनी जान बचाने के लिए वहां से तेजी से भागे, लेकिन थोड़ी ही दूरी पर दौड़कर मुकेश ने उन्हें पकड़ लिया और उन पर डंडे से अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया। लहूलुहान हालत में मोदी किसी तरह अपनी जान बचाने के लिए पास में स्थित एक गुरुद्वारे के भीतर घुस गए, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए वहां भी पहुंच गया। उसने गुरुद्वारे के अंदर भी मोदी के सिर पर कई जानलेवा हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार आरोपी ने बुजुर्ग मोदी के सिर, हाथ और पैरों पर करीब 31 बार डंडे बरसाए।
सिर में गंभीर चोट आने से इलाज के दौरान तोड़ा दम
हमले के दौरान सिर में गंभीर और बेहद गहरे घाव होने के कारण कैलाश मोदी अत्यधिक खून बह जाने की वजह से मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। वहां मौजूद स्थानीय लोग और श्रद्धालु उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनके सिर के घाव इतने गहरे थे कि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक चोटों और सिर में अंदरूनी ब्लीडिंग के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गुरुद्वारे में सत्संग के चलते सुनाई नहीं दी चीख-पुकार
गुरुद्वारा प्रबंधन के वाइस प्रेसिडेंट दिलराज छाबड़ा ने इस दुखद घटना के संबंध में बताया कि सुबह 5 बजे से ही गुरुद्वारे के मुख्य हॉल में रोज की तरह धार्मिक सत्संग चल रहा था। लाउडस्पीकर और भजनों के साउंड के चलते बाहर हो रही चीख-पुकार और विवाद की आवाज अंदर बैठे लोगों को सुनाई नहीं दे पाई। उन्होंने बताया कि मृतक कैलाश मोदी लंबे समय से श्रद्धापूर्वक मंदिर में अपनी सेवाएं दे रहे थे और समाज में उनका काफी सम्मान था। उन पर प्राणघातक हमला करने वाला मुकेश इसी मंदिर का चौकीदार है। दोनों के बीच पहले से भी कुछ बातों को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते मुकेश ने इस वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी चौकीदार के खराब व्यवहार की पहले भी हो चुकी थी शिकायत
दिलराज छाबड़ा के अनुसार, आरोपी चौकीदार मुकेश का ट्रैक रिकॉर्ड पहले से ही खराब रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कुछ पुलिस मामले चल रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को उसके हिंसक और अड़ियल व्यवहार को लेकर पहले भी कई बार लिखित आवेदन दिए जा चुके थे। वह अक्सर मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेवजह परेशान करता था। घटना के वक्त मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की थी, लेकिन आरोपी के हाथ में डंडा देखकर और उसका हिंसक रूप देखकर लोग डर गए कि कहीं वह उन पर भी हमला ना कर दे, इसलिए वे पीछे हट गए। मृतक कैलाश मोदी मूल रूप से कैटरिंग का व्यवसाय करते थे और अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनके 4 भाई और एक बेटा पवन शामिल है।
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