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Indore News: 99 प्रतिशत अंक लाने वाले इन छात्रों ने बताया टॉपर बनने का असली मंत्र

Indore News: 99 प्रतिशत अंक लाने वाले इन छात्रों ने बताया टॉपर बनने का असली मंत्र

CBSE 12वीं के रिजल्ट में इंदौर के छात्रों ने भी कमाल किया है। इंदौर के छात्रों ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि वे न सिर्फ पढ़ाई में अव्वल हैं बल्कि देश में इंदौर का नाम रोशन करने में भी सक्षम हैं। बुधवार को आए परिणाम में मध्यप्रदेश के 80 हजार 454 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। अर्णव सिसोदिया, पीसीएम में 98.4 प्रतिशत के साथ प्रथम आए हैं, वहीं अनुभूति अग्रवाल, 99.2 प्रतिशत के साथ बायो में प्रथम आई हैं। अभिराज सिंह सेंगर ने आर्ट्स ह्यूमेनिटीज में  98.6 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया और युवराज सराफ ने कॉमर्स में 99 प्रतिशत के साथ पहला स्थान पाया है। यह चारों इंदौर शहर में अलग अलग स्ट्रीम में पहला स्थान प्राप्त करने में सफल रहे हैं। 

प्रथम स्थान पर आना जादू की बात नहीं

टॉपर्स ने बातचीत में बताया कि प्रथम स्थान पर आना किसी जादू का परिणाम नहीं है। यह दृढ़ संकल्प, डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से बचाव, स्वस्थ शरीर और अपनों के साथ का मेल है। यदि कोई छात्र इन बातों को अपने जीवन में उतार ले, तो सफलता उसके कदम चूमने के लिए तैयार रहती है। टॉपर्स ने विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया कि माता-पिता ने घर में शांतिपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाए रखा। असफलताओं या कम अंकों पर डांटने के बजाय परिवार ने “तुम कर सकते हो” वाला भरोसा दिलाया। परिवार का इमोशनल सपोर्ट परीक्षा के कठिन दिनों में उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना।

इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं रिजल्ट

सीबीएसई ने रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जारी किया है। छात्र रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर मार्कशीट देख सकेंगे। बोर्ड ने भारी ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए DigiLocker और UMANG ऐप का विकल्प भी दिया है।

सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें

अर्णव सिसोदिया कहते हैं कि आज के डिजिटल युग में एकाग्रता सबसे बड़ी चुनौती है। उनका मानना है कि तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया (Instagram, Snapchat, YouTube) से पूरी तरह दूरी बना ली या उसका उपयोग बेहद सीमित कर दिया। उनके अनुसार, रील और नोटिफिकेशन का अंतहीन सिलसिला न केवल समय बर्बाद करता है, बल्कि मानसिक थकान भी पैदा करता है। इस समय को उन्होंने अपनी किताबों और खुद के साथ बिताया।

खेलकूद जारी रखें, योग भी करें

अनुभूति अग्रवाल ने कहा कि सफलता के लिए केवल तेज दिमाग ही नहीं, बल्कि शांत मन की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि वे अपनी दिनचर्या में खेलकूद, दोस्तों से मिलना, योग और प्राणायाम जैसी बातों का शामिल करती थी ताकि मानसिक स्वास्थ बेहतर रहे और एकाग्रता भी बढ़े। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा के तनाव को प्रबंधित करने में भी मदद मिलती है। सुबह की 15-20 मिनट की सैर या ध्यान भी दिन भर ऊर्जावान बनाए रखता है। 

रिवीजन ही सफलता की असली कुंजी

अभिराज सिंह सेंगर ने कहा कि टॉपर्स कभी भी केवल एक बार पढ़कर संतुष्ट नहीं होते। उनका मूल मंत्र है “कम पढ़ो, लेकिन बार-बार पढ़ो।” उन्होंने अपने हस्तलिखित नोट्स तैयार किए और साप्ताहिक आधार पर उनका रिवीजन किया। अंतिम समय में पूरी किताब पढ़ने के बजाय, इन नोट्स और रिवीजन के कारण वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में उतरे।

सफलता में पूरे परिवार का योगदान

युवराज सराफ ने कहा कि बिना सही दिशा के कड़ी मेहनत भी बेकार जा सकती है। शिक्षकों के प्रति अटूट विश्वास और उनके द्वारा बताई गई तकनीकें बहुत काम आईं। जो छात्र कक्षा में प्रश्न पूछने से नहीं झिझकते और अपने शिक्षकों से निरंतर फीडबैक लेते हैं, वे कठिन विषयों को भी आसानी से समझ लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक छात्र की सफलता केवल उसकी अपनी नहीं होती, उसके पीछे पूरे परिवार का त्याग होता है। 

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