नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की ने सोमवार को इंजीनियरिंग शैक्षणिक संस्थानों के लिए आयोजित जेईई एडवांस परीक्षा का परिणाम जारी किया। इंदौर से कई विद्यार्थियों ने आल इंडिया रैंक हासिल की है। परीक्षा 17 मई को हुई थी, जिसमें पेपर-1 और पेपर-2 शामिल थे। दोनों पेपर के मार्क्स को जोड़कर नेट मार्क्स के आधार पर आल इंडिया रैंक जारी की गई है।
इंदौर से इस बार करीब दस हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिसमें से करीब 250 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। परीक्षा में सफल विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी के दौरान पुरानी कमियों को सुधारा तो कठिन विषय को आसान बनाने के लिए मेहनत की वहीं नियमित पढ़ाई और माक टेस्ट पर फोकस किया।
कठिन सवालों की प्रैक्टिस पर अधिक जोर दिया
रिद्धेश बेंडले ने आल इंडिया रैंक 18 प्राप्त की है। इससे पहले आयोजित जेईई मेंस में भी वे टापर लिस्ट में शामिल रहे थे। रिद्धेश मूल रूप से महाराष्ट्र के हैं और इंदौर में रहकर जेईई की तैयारी कर रहे थे। जेईई मेंस क्वालिफाई करने के बाद उन्होंने एडवांस के लिए अपनी स्ट्रेटजी बदली और माक टेस्ट पर फोकस किया। इसके साथ ही उन सवालों की अधिक प्रैक्टिस की, जो कठिन लग रहे थे। उनका लक्ष्य आइआइटी बांबे में प्रवेश पाना है।
रोज 12 घंटे पढ़ाई की
पार्थ माहेश्वरी की आल इंडिया रैंक 55 है। जेईई मेंस के दोनों सेशन में उन्होंने 99.99 परसेंटाइल प्राप्त किए थे। उन्होंने जेईई एडवांस के लिए नियमित पढ़ाई पर अधिक ध्यान दिया। रोज करीब 12 घंटे तक पढ़ाई करते थे। यदि ध्यान भटकता तो थोड़ी देर ब्रेक लेते और दोबारा तैयारी शुरू कर देते। उनके पिता साफ्टवेयर इंजीनियर हैं और वे भी इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
केमिस्ट्री पर अधिक फोकस किया
अनुष्का अग्रवाल ने आल इंडिया रैंक 859 प्राप्त कर गर्ल्स कैटेगरी में मध्यप्रदेश में टाप किया है। मेंस में भी वे स्टेट टापर रही थीं। उन्होंने बताया कि एडवांस की तैयारी के दौरान केमिस्ट्री पर अधिक फोकस किया था। इस बार तीन-तीन घंटे तक दो पेपर देने थे, ऐसे में एक दिन छोड़कर परीक्षा की तर्ज पर तीन-तीन घंटे पेपर साल्व करती। प्रैक्टिस में फिजिक्स कठिन लग रहा था, ऐसे में इसके कंसेप्ट पर ध्यान दिया।
आईआईटी में प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे
विषय विशेषज्ञ विजित जैन के अनुसार इस बार पेपर का कठिनाई स्तर अधिक था, ऐसे में विद्यार्थियों को कटआफ कम रहने की उम्मीद थी। हालांकि, साल-दर-साल प्रतियोगिता का स्तर बढ़ रहा है, लिहाजा कटआफ में कोई खास गिरावट नहीं हुई है। कंप्यूटर साइंस, एआइ और डेटा साइंस, मैथमेटिक्स कंप्यूटिंग ब्रांच का स्कोप है। वहीं, मिडिल आर्डर रैंक के विद्यार्थी इकोनामिक्स ब्रांच लेना भी पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर से जुड़ी ब्रांच में भी रूझान रहता है।
आईआईटी में सीटें बढ़ने की संभावना
इस साल आईआईटी में कुल सीटें 19 हजार से ज्यादा होने की संभावना है। 2025-26 में 18,160 सीटें थीं। वहीं आईआईटी पालक्कड़, धारवाड़, जम्मू, भिलाई और तिरुपति में 2025-26 में ही 1,364 सीटें एक्स्ट्रा जोड़ी गई थीं। 2026-27 में इन पांच आईआईटी में 1,738 नई सीटें और बढ़ने की उम्मीद है।
इस बार आईआईटी में एआई और डेटा साइंस जैसी नई ब्रांचें शुरू हो चुकी हैं। इसके साथ ही सीएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसी इंटर-डिसिप्लिनरी ब्रांचों में सीटें बढ़ाई गई हैं।
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- राउंड-3: छह जुलाई
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