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ॉसोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा प्रबंधन ने बुधवार को हाई कोर्ट में…

भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और 'अपराजेय' एक मिथक

जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

 

CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

ALSO READ: TMC के खेल मंत्री और पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने खोली ममता की पोल, बताया टिकट का रेट

ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

 

मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

ALSO READ: पश्चिम बंगाल के मुस्लिम-बहुल जिलों में ममता बनर्जी की हार की कहानी, आंकड़ों की जुबानी

शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
Edited By : Chetan Gour 

"> पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?
	
		
	BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

	 

	भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

	
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	जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

	अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

	 

	CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

	इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

	
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	ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

	पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

	 

	मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

	ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

	
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	शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

	पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
	Edited By : Chetan Gour 
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भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और 'अपराजेय' एक मिथक

जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

 

CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

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ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

 

मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

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शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
Edited By : Chetan Gour 

">पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?
	
		
	BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

	 

	भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

	
		ALSO READ: भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और 'अपराजेय' एक मिथक


	जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

	अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

	 

	CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

	इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

	
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	ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

	पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

	 

	मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

	ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

	
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	शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

	पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
	Edited By : Chetan Gour 

BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

 

भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

ALSO READ: भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और 'अपराजेय' एक मिथक

जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

 

CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

ALSO READ: TMC के खेल मंत्री और पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने खोली ममता की पोल, बताया टिकट का रेट

ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

 

मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

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शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
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