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पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?
	
		
	BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

	 

	भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

	
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	जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

	अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

	 

	CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

	इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

	
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	ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

	पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

	 

	मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

	ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

	
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	शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

	पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
	Edited By : Chetan Gour 

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?
	
		
	BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

	 

	भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

	
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	जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

	अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

	 

	CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

	इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

	
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	ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

	पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

	 

	मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

	ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

	
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	शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

	पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
	Edited By : Chetan Gour 

BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

 

भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

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जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

 

CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

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ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

 

मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

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शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
Edited By : Chetan Gour 

BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।

 

भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।

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जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले 

अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।

 

CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।

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ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।

 

मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार

ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। 

ALSO READ: पश्चिम बंगाल के मुस्लिम-बहुल जिलों में ममता बनर्जी की हार की कहानी, आंकड़ों की जुबानी

शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट

पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।
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#पशचम #बगल #म #चनव #बद #हस #पर #शभद #न #क #यह #अपल #ममत #क #इसतफ #पर #कय #बल #BJP #नत #अधकर

">रश्मिका मंदाना का ‘मैसा’ अवतार: केरल में शूटिंग पूरी कर क्यों इमोशनल हुईं एक्ट्रेस, बैंकॉक में खास ट्रेनिंग Rashmika Mandanna’s ‘Maisaa’: ‘मैसा’ (Mysaa) 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनकर उभर रही है, जिसमें पैन-इंडिया सेंसेशन रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में हैं।           अपनी बहुमुखी प्रतिभा और स्क्रीन पर शानदार मौजूदगी के लिए मशहूर, रश्मिका ने बार-बार अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है, और ‘मैसा’ भी इससे अलग नहीं होगी।        फिल्म से उनके एक बोल्ड और शक्तिशाली अवतार में दिखने की उम्मीद है, जो शायद उनके ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व को पहले से कहीं ज्यादा नई पहचान देगा। केरल में एक इंटेंस एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान, अभिनेत्री ने अब इसे पूरा कर लिया है और अपनी टीम के प्रति आभार व्यक्त कर रही हैं। ​रश्मिका ने केरल में 16 दिनों के शेड्यूल के दौरान हाई-ऑक्टेन एक्शन दृश्यों के लिए कड़ी ट्रेनिंग ली। उन्होंने बैंकॉक में हर दिन आठ घंटे कॉम्बैट फाइटिंग और विभिन्न फॉर्म्स का अभ्यास किया। अब, अभिनेत्री ने केरल शेड्यूल पूरा कर लिया है और अद्भुत टीम का शुक्रिया अदा किया है। अपने सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा –   ​”दोस्तों, एक छोटा सा अपडेट है कि हमने केरल में #Mysaa का एक लंबा शेड्यूल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है!! और ये कुछ ऐसे प्यारे लोग हैं जिन्होंने बहुत मेहनत की और इसे मुमकिन बनाया! शुक्रिया दोस्तों.. और मैं आप लोगों से जल्द ही सेट पर फिर मिलूंगी!@rawindrapulle @unformulafilms” “आप लोग!! मुझे आप लोगों की अभी से याद आ रही है!! मुझे लोगों को मारना सिखाने के लिए शुक्रिया, और वो भी बिना उन्हें चोट पहुँचाए! आप लोगों से सीखना बहुत मज़ेदार रहा!! आप सभी से फिर से बहुत जल्द मिलने का इंतज़ार है!! @jaikastunts @june.sasitorn #केचा मास्टर!!बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों!!!”  अनफॉर्मूला फिल्म्स द्वारा निर्मित और रवींद्र पुल्ले द्वारा निर्देशित, ‘मैसा’ जनजातीय भूमि पर आधारित एक भावनात्मक एक्शन थ्रिलर है, जो प्रभावशाली दृश्यों, एक दिलचस्प कहानी और रश्मिका के अविस्मरणीय अभिनय का वादा करती है।

फिर मुसीबत में फंसे स्मृति मंधाना के एक्स मंगेतर पलाश मुछाल, क्रिकेटर के दोस्त ने दर्ज करवाया केस; जांच जारीस्मृति मंधाना के एक्स मंगेतर पलाश मुछाल एक बार फिर बड़ी मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। इस बार मामला स्मृति मंधाना ने जुड़ा हुआ नहीं, बल्कि उनके दोस्त की वजह से है और इस बार मामला ज्यादा गंभीर बताया जा रहा है। जानिए क्यों पलाश पर दर्ज हुई है शिकायत? 
                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                किसने किया केस?
                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                रिपोर्ट्स के मुताबिक, पलाश मुछाल पर अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। यह शिकायत सांगली के रहने वाले विज्ञान प्रकाश माने ने दर्ज कराई है, जो स्मृति मंधाना के बचपन के दोस्त बताए जा रहे हैं। 
                                
                
                
                                
                                
                
                                                                
                                                
                                                                                      
                     
                                                    
                                 
                                
                               
                                                                
                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                
                                                                                        
                                 
                                
                               
                                
                                                 
                शिकायत के अनुसार, यह घटना 22 नवंबर को सांगली-अष्टा रोड पर एक टोल प्लाजा पर हुई। माने का आरोप है कि बहस के दौरान पलाश मुछाल ने जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के साथ-साथ अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
                                Palash muchhal, smriti mandhana, palash muchhal case, palash muchhal controversy, smriti mandhana and palash muchhal, palash muchhal and smriti mandhana, palash muchhal legal trouble, palash muchhal news, Entertainment News in Hindi, Entertainment News in Hindi, Entertainment Hindi News, पलाश मुच्छल, स्मृति मंधाना, पलाश मुच्छल मामला, पलाश मुच्छल विवाद, स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल, पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना, पलाश मुच्छल कानूनी मुसीबत, पलाश मुच्छल समाचार

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