×
PoK: पाक सेना की बर्बरता पर भड़के कश्मीरी अलगाववादी, पीओके में जारी हिंसा और मौतों की स्वतंत्र जांच की मांग

PoK: पाक सेना की बर्बरता पर भड़के कश्मीरी अलगाववादी, पीओके में जारी हिंसा और मौतों की स्वतंत्र जांच की मांग

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी मानवाधिकार हनन ने अब उन लोगों को भी हिला दिया है, जो दशकों से अलगाववादी रवैया रखते आए हैं। कश्मीर घाटी के प्रमुख अलगाववादी हलकों से जुड़े रहे और फिलहाल कश्मीर डायस्पोरा कोएलिशन  के अध्यक्ष डॉ. मुबीन शाह ने पीओके में जारी हिंसा, गिरफ्तारियों और मौतों के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार और सेना को कठघरे में खड़ा किया है।

डॉ. शाह ने गहरा आक्रोश जताया है कि पाकिस्तानी हुकूमत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए दमनकारी रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि भारतीय जम्मू-कश्मीर के कश्मीरी नेताओं ने हमेशा एक नीति के तहत खुद को पीओके की स्थानीय राजनीति से दूर रखा था ताकि मूल मुद्दा न भटके। लेकिन आज वहां निर्दोषों की मौतें और अंधाधुंध गिरफ्तारियां बेहद दर्दनाक हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के लिए यह इलाका महज जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उम्मीद, सुरक्षा, शरणस्थली और कश्मीरी संघर्ष का बेस कैंप था। लेकिन आज उसी बेस कैंप में पाकिस्तानी सुरक्षा बल अपने ही लोगों के खिलाफ बल प्रयोग कर रहे हैं, जिससे नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ कश्मीरियों में भारी गुस्सा है।

कश्मीर डायस्पोरा कोएलिशन

वैश्विक स्तर पर सक्रिय छह प्रमुख कश्मीरी प्रवासी संगठनों का संयुक्त अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसकी स्थापना अक्तूबर 2022 में बाकू, अजरबैजान में की गई थी। इसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, तुर्की और यूरोपीय संघ में स्थित संगठन शामिल हैं। जो एक साझा मंच से अपनी गतिविधियां चलाते हैं। यह कोएलिशन संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत कश्मीर के लिए आत्मनिर्णय के अधिकार की वकालत करता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों के समक्ष भारत सरकार की कश्मीरी नीतियों तथा धारा 370 को हटाए जाने के फैसले का कड़ा विरोध करता है।

अवामी एक्शन कमेटी ने सौंपा 12 सूत्रीय मांग पत्र

पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के आंदोलन का खुला समर्थन करते हुए इन संगठनों ने पाकिस्तान सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने एक साझा मांग पत्र रखा है। इसमें पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही मांग की है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना हिंसक कार्रवाई तुरंत रोकें। अत्यधिक बल प्रयोग और मौतों की एक स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच कराई जाए ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके। मुबीन चाहते हैं कि पाकिस्तानी प्रशासन छुपाए जा रहे मौतों और अवैध हिरासत में लिए गए लोगों के आंकड़े जनता के सामने रखे।

शरणार्थी विरोधी साजिश बंद हो

पीओके विधानसभा सीटों में मनमाने प्रशासनिक सुधारों के नाम पर कश्मीरी शरणार्थी समुदायों को हाशिए पर धकेलने की साजिश बंद की जाए। स्थानीय आर्थिक और सांविधानिक मांगों को बंदूकों के दम पर कुचलने की कोशिशें केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करेंगी।

पाकिस्तान के लिए झटका…मुबीन शाह जैसे नेताओं का यह बयान इस्लामाबाद और रावलपिंडी के लिए बड़ा झटका है। साफ है कि पीओके का संकट अब केवल स्थानीय महंगाई का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के दमन के खिलाफ एक बड़े जन-विद्रोह का रूप ले चुका है।

Source link
#PoK #पक #सन #क #बरबरत #पर #भडक #कशमर #अलगववद #पओक #म #जर #हस #और #मत #क #सवततर #जच #क #मग

Previous post

मेलोडी मूमेंट के बाद फिर साथ PM मोदी-जॉर्जिया मेलोनी, ट्रंप से मिलाया हाथ, G7 Summit के मंच से भारत का दुनिया को बड़ा संदेश<p> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <p style="position:relative;color: #fff"> <img align="center" alt="modi_meloni" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/17/full/1781634882-5307.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="" width="1200" /></p> </p> फ्रांस के एवियन में ग्रुप-7 यानी G7 समिट चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की दो दोस्तों के साथ मुलाकात हुई। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी के बीच करीब 5 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मोदी की मुलाकात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें फिर वायरल हो रही हैं।<br /> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"> Before the start of the proceedings at the G7 Summit in Evian this afternoon.<br /> <br /> Always insightful to exchange perspectives with G7 leaders.<a href="https://x.com/G7?ref_src=twsrc%5Etfw">@G7</a> <a href="https://t.co/54wJN40uan">pic.twitter.com/54wJN40uan</a></p> — Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2066884979276353943?ref_src=twsrc%5Etfw">June 16, 2026</a></blockquote> </p> <p> <p> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/maharashtra/nagpur-woman-alleges-rape-blackmail-and-forced-religious-conversion-viral-video-under-investigation-126061600071_1.html" target="_blank">नागपुर में एयरफोर्स अफसर की पत्नी से हैवानियत, रेप, ब्लैकमेल कर धर्मांतरण की कोशिश</a></strong></p> इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।<br /> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <p style="position:relative;color: #fff"> <img align="center" alt="" class="imgCont" height="858" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/17/full/1781634931-8376.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="" width="1200" /></p> </p> </p> <h3> ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी</h3> <p> आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।</p> <p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"> Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… <a href="https://t.co/NjNddWGtFF">pic.twitter.com/NjNddWGtFF</a></p> — Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2066915355910660353?ref_src=twsrc%5Etfw">June 16, 2026</a></blockquote> <h3> G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी </h3> <p> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।</p> <p> <p> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/bike-news/top-10-best-electric-scooters-in-india-2026-long-range-ev-guide-126061200057_1.html" target="_blank">Electric Scooters : भारत के 10 सबसे शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, दमदार रेंज, स्मार्ट फीचर्स और किफायती कीमत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन</a></strong></p> </p> <p> ‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।</p> <p> <p> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/car-news/top-10-best-electric-cars-in-india-2026-range-price-features-comparison-126061100067_1.html" target="_blank">Best Electric cars : भारत की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारें, घर पर चार्ज करने में कितना खर्च, BaaS और फुल ओनरशिप में क्या अंतर? मानसून में EV कितनी सुरक्षित</a></strong></p> </p> <h3> ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है भारत की सोच</h3> <p>  </p> <p> प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।</p> <h3> भारत की वैश्विक पहलों का किया उल्लेख</h3> <p> <p> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/prime-minister-narendra-modi-and-us-president-donald-trump-seen-together-on-the-sidelines-of-the-g7-summit-in-france-126061600061_1.html" target="_blank">16 महीने बाद PM मोदी और ट्रंप आमने-सामने, G7 Summit 2026 में क्या गले मिले दोनों नेता, किस मुद्दे पर हुई बात</a></strong></p> </p> <p> अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p> </p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

Next post

Quiz: Which ‘Stranger Things’ Character Are You?

Post Comment