TCS केस में बड़ा झटका, आरोपी कर्मचारी को अंतरिम राहत से इनकार, कोर्ट ने बताए गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों से संकेत मिलता है कि शेख ने शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य किए। उसने मुंबई नाका थाने में दर्ज मामले में अंतरिम जमानत मांगी है।
बचाव पक्ष ने मुख्य याचिका पर निर्णय होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मांगी थी। हालांकि अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि उसे अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए। अभियोजन पक्ष को 27 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इस विशेष मामले में, शेख पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के निए जानबूझकर किए गए कृत्य) और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीसीएस की स्थानीय इकाई में महिला कर्मचारियों के कथित शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के संबंध में दर्ज कुल नौ मामलों की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। टीसीएस की नासिक इकाई में कार्यरत एक महिला एचआर मैनेजर सहित आठ कर्मचारियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों ने भी जमानत याचिका दायर की है जिस पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी। Edited by: Sudhir Sharma




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