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West Asia LIVE: अमेरिका ने ईरान पर हमले का वीडियो किया जारी, इस्राइल-लेबनान ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर

West Asia LIVE: अमेरिका ने ईरान पर हमले का वीडियो किया जारी, इस्राइल-लेबनान ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर

08:59 AM, 27-Jun-2026

ईरान ने युद्धविराम तोड़ा तो नतीजे भुगतने होंगे- ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से कथित तौर पर युद्धविराम उल्लंघन के सवाल पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा कि इसके क्या नतीजे होंगे, यह जल्द ही पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया कि ईरान ने एक दिन पहले गोलीबारी की। ट्रंप के मुताबिक, चार हमले किए गए थे, जिनमें से तीन को अमेरिकी बलों ने मार गिराया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक महंगे वाणिज्यिक जहाज को नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा कि ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। उनका यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।

08:59 AM, 27-Jun-2026

सुलेमानी की हत्या को लेकर क्या बोले ट्रंप?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के पूर्व सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि सुलेमानी की हत्या पिछले 100 वर्षों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक थी। उन्होंने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई लोग भी सुलेमानी से डरते थे और उसकी मौत से खुश थे। ट्रंप ने कहा कि सुलेमानी का प्रभाव इतना बड़ा था कि उसकी मौत ने पूरे क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित किया। हालांकि, ट्रंप के इस दावे पर ईरान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

08:59 AM, 27-Jun-2026

ट्रंप बोले- ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पिछले सप्ताह अमेरिका ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा। फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन की 2026 पॉलिसी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अब तक कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर पाया था। उन्होंने कहा, “हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।” ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब कोई भी ईरान का नेतृत्व नहीं करना चाहता। ट्रंप के बयान को अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अहम माना जा रहा है।

08:51 AM, 27-Jun-2026

अमेरिका ने ईरान पर हमले का वीडियो किया जारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के ठिकानों पर किए गए सैन्य हमलों का वीडियो जारी किया है। अमेरिका ने दावा किया है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई। वीडियो में अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा ईरान के कथित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। सेंटकॉम के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली पर ड्रोन से हमला किया गया था। अमेरिकी सेना का आरोप है कि यह हमला ईरान की ओर से किया गया। जहाज उस समय ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।

02:56 AM, 27-Jun-2026

अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर किए हवाई हमले

अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि उसके ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए हैं। यह कार्रवाई तब की गई, जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया। 

02:15 AM, 27-Jun-2026

समझौते से देश की संप्रभुता बहाल होगी: लेबनानी प्रधानमंत्री

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि इस ढांचा समझौते का उद्देश्य इस्राइल की सभी लेबनानी क्षेत्रों से वापसी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इससे देश की संप्रभुता बहाल होगी और लोग अपने घरों में सुरक्षित लौट सकेंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इस समझौते के दौरान लेबनान से यह अपेक्षा है कि वह अपने सभी क्षेत्रों पर राज्य की सेना के जरिये पूरा नियंत्रण स्थापित करे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के मंत्रिमंडल के बयान और संसद का विश्वास इस बात की पुष्टि करता है कि देश में युद्ध और शांति का निर्णय केवल सरकार के पास होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, अरब देशों और अन्य मित्र देशों के प्रयासों से यह समझौता संभव हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस्राइल अपनी वापसी शुरू करेगा, जिससे विस्थापित लोग अपने घरों में सम्मान के साथ लौट सकेंगे और पुनर्निर्माण का काम शुरू हो सकेगा।

01:18 AM, 27-Jun-2026

इस्राइल-लेबनान के बीच समझौता ईरान के लिए झटका: नेतन्याहू

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका, इस्राइल और लेबनान के बीच हुआ यह शुरुआती (फ्रेमवर्क) समझौता ईरान के लिए एक बड़ा झटका है।

उन्होंने एक टेलीविजन संबोधन में कहा कि यह समझौता ईरान के प्रभाव को कमजोर करता है। इस्राइली सेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए उनके बयान के अनुसार, नेतन्याहू ने यह भी कहा कि जब तक लेबनान हिजबुल्ला को निरस्त्र नहीं करता, तब तक इस्राइल की सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी।

 

12:46 AM, 27-Jun-2026

West Asia LIVE: अमेरिका ने ईरान पर हमले का वीडियो किया जारी, इस्राइल-लेबनान ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को इस्राइल और लेबनान के बीच एक शुरुआती शांति समझौते की घोषणा की है। इसे कई महीनों से जारी संघर्ष के बाद शांति की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा है। यह संघर्ष इस्राइल और लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के बीच चल रहा था। इस समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस पर इस्राइल के अमेरिका में राजदूत येखिएल लीटर और लेबनान की अमेरिका में राजदूत नादा हमादेह ने हस्ताक्षर किए हैं।

लेबनान की राजदूत नादा हमादेह ने कहा, यह फ्रेमवर्क लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करने की दिशा में पहला कदम है। इसका मकसद लड़ाई को पूरी तरह और स्थायी रूप से रोकना है, ताकि लोग अपने घर लौट सकें और देश में शांति, सुरक्षा और समृद्धि स्थापित हो सके।

इस्राइल के राजदूत येखिएल लीटर ने कहा कि इस समझौते का अंतिम लक्ष्य दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह एक वास्तविक शांति होगी, जिसमें दोनों देश सुरक्षित रहेंगे। एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते में ईरान और हिजबुल्ला को अलग रखा गया है और अब शांति की दिशा में रास्ता आगे बढ़ रहा है।

यह नया संघर्ष तब शुरू हुआ, जब 28 फरवरी को इस्राइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके कुछ दिनों बाद हिजबुल्ला ने इस्राइल पर रॉकेट दागे थे। इसके बाद इस्राइल ने लेबनान में घुसकर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया। मार्च से अब तक लेबनान में इस्राइली हमलों में 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लड़ाई के दौरान इस्राइल के 37 सैनिक लेबनान या उत्तरी इस्राइल में मारे गए हैं। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष में थोड़ी कमी आई थी। लेकिन इस्राइल की ओर से दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमलों के बाद तनाव फिर बढ़ गया।

हिजबुल्ला इस बातचीत का हिस्सा नहीं था। पहले कई बार संघर्षविराम समझौते हुए थे, लेकिन वे जमीन पर लागू नहीं हो सके। लेबनान के अधिकारियों का कहना है कि बातचीत में उनकी मुख्य मांग दक्षिणी लेबनान से इस्राइली सेना की वापसी है, जबकि इस्राइल का मुख्य जोर हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण पर है।

 

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