गिरोह का सरगना दुबई से नेटवर्क संचालित करता है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी करवाया जा रहा है। मैच की हर गेंद पर लाखों का दांव लगा रहे थ …और पढ़ें
HighLights
- आरसीबी और जीटी मैच पर सट्टा लगा रहे आरोपियों को पकड़ा
- मोबाइल-एलसीडी सहित लाखों का सामान जब्त किया
- सरगना का लुक आउट सर्कुलर जारी करेगी क्राइम ब्रांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अपराध शाखा ने आईपीएल मैच पर सट्टे के इंटरनेशनल नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। पुलिस ने हाईटेक आनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश कर आठ सटोरियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना दुबई से नेटवर्क संचालित करता है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी करवाया जा रहा है।
डीसीपी (अपराध) राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार आरोपितों को बापजी नगर (लसूड़िया) के एक मकान से पकड़ा है। आरोपी प्रमियम क्लाइंट्स बुक इंटरनेशनल वेबसाइट के जरिए क्रिकेट मैच और आनलाइन कसीनो पर सट्टा संचालित कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान 23 मोबाइल,तीन लैपटाप,एलईडी टीवी, वाई-फाई राउटर, 13 डेबिट कार्ड और करोड़ों के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 10.57 लाख रुपए बताई जा रही है।
हर गेंद पर लगा रहे थे लाखों का दांव
डीसीपी के अनुसार आइपीएल के महामुकाबले आरसीबी बनाम जीटी मैच पर हर गेंद पर लाखों का दांव लगा रहे थे। आरोपितों द्वारा अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर ग्राहकों को सीक्रेट आइडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जाते थे। मास्टर माइंड दुबई में है मगर आरोपित कुणालदास ने किराये से मकान लेकर सेफ हाउस लिया था।
उसने टेलीग्राम ऐप के जरिए युवकों को अच्छी नौकरी का लालच देकर इंदौर बुलाया और उन्हें सट्टा संचालन में लगा दिया। पुलिस के अनुसार राजेंद्र दास निवासी कोलाथाड़ी खुर्दा ओडिसा,रामास्वामी निवासी बिलहेरी जबलपुर, चिन्मयकुमार साहू निवासी महिपुर नयागढ़ ओडिसा,आनंद प्रधान निवासी बालीतोटासाही खुर्दा ओडिसा,अविनाश ठाकुर निवासी तीसरा पुल कैंट जबलपुर,कुणालदास निवासी आधारताल जबलपुर,शशांक नेगी निवासी समदड़िया काम्पलेक्स जबलपुर और विकास विश्वाल निवासी जयदेव विहार भुवनेश्वर ओडिसा को गिरफ्तार किया है।
डिलीवरी ब्वॉय का काम करने वालों को बनाया सटोरिया
आरोपित कुणाल ने बाकायदा सट्टे के धंधे के लिए युवाओं की भर्ती की है। उसने कम आय वर्ग और जरुरतमंदो को चुना था। टेलिग्राम के माध्यम से काम के बहाने बुलाया और युवकों को सट्टे के काम में लगा दिया। ज्यादातर युवक फुड डिलीवरी कंपनियों में काम करते थे। आरोपित कुणाल ने 30 हजार रुपये माह पर मकान किराये से लिया था। उसमें किराये से ही एसी लगावा लिए थे। पुलिस मकान मालिक की भूमिका की जांच कर रही है।
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