×
आज से देखिए 10 साल के लीप के साथ क्योंकि सास भी कभी बहू थी का नया अध्याय   ;'हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है' — स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह आइकॉनिक किरदार

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराज़गी की जगह माफ़ी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।

शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं

"बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।



तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।Mother-in-law was also once a daughter-in-law, TV Serlal, Smriti Irani

आज से देखिए 10 साल के लीप के साथ क्योंकि सास भी कभी बहू थी का नया अध्याय

आज से देखिए 10 साल के लीप के साथ क्योंकि सास भी कभी बहू थी का नया अध्याय   ;'हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है' — स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह आइकॉनिक किरदार

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराज़गी की जगह माफ़ी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।

शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं

"बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।



तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।Mother-in-law was also once a daughter-in-law, TV Serlal, Smriti Irani

;'हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है' — स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह आइकॉनिक किरदार

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराज़गी की जगह माफ़ी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।

शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं

"बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।

तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।

Mother-in-law was also once a daughter-in-law, TV Serlal, Smriti Irani

;'हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है' — स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह आइकॉनिक किरदार

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराज़गी की जगह माफ़ी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।

शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं

"बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।

तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।

Source link
#आज #स #दखए #सल #क #लप #क #सथ #कयक #सस #भ #कभ #बह #थ #क #नय #अधयय

इंटरनेट डेस्क। संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में एक मिसाल है। अब बॉलीवुड के दबंग सलमान खान ने संजय दत्त के साथ 2 फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर बड़ी बात कही है। उन्होंने इन फोटो को सोशल मीडया पर शेयर कर लिखा कि बाबा फॉरएवर… बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त।

बॉलीवुड के स्टार अभिनेता सलमान खान ने संजय दत्त को लेकर आगे कहा कि अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा। प्रशसंकों ने सलमान खान की इस पोस्ट पर प्रतिक्रयाएं दी हैं। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त और बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने भी इस पर कमेंट किया है।

आपको बता दें कि संजय दत्त और सलमा खान मिलकर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। इसमें से प्रमुख फिल्म साजन है। दोनों की जोड़ी को प्रशंसकों ने खूब पसंद किया है।

PC:me.mashable
अपडेट खबरों के लिए हमारा
वॉट्सएप चैनलफोलो करें

Bollywood,Salman Khan, Sanjay Dutt, social media, Hindi news">Bollywood: सलमान खान ने अब संजय दत्त के लिए सोशल मीडिया पर लिख दी है ये बड़ी बात   इंटरनेट डेस्क। संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में एक मिसाल है। अब बॉलीवुड के दबंग सलमान खान ने संजय दत्त के साथ 2 फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर बड़ी बात कही है। उन्होंने इन फोटो को सोशल मीडया पर शेयर कर लिखा कि बाबा फॉरएवर… बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त।

बॉलीवुड के स्टार अभिनेता सलमान खान ने संजय दत्त को लेकर आगे कहा कि अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा। प्रशसंकों ने सलमान खान की इस पोस्ट पर प्रतिक्रयाएं दी हैं। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त और बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने भी इस पर कमेंट किया है।

आपको बता दें कि संजय दत्त और सलमा खान मिलकर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। इसमें से प्रमुख फिल्म साजन है। दोनों की जोड़ी को प्रशंसकों ने खूब पसंद किया है।

PC:me.mashable
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंBollywood,Salman Khan, Sanjay Dutt, social media, Hindi news

वॉट्सएप चैनलफोलो करें

Bollywood,Salman Khan, Sanjay Dutt, social media, Hindi news">Bollywood: सलमान खान ने अब संजय दत्त के लिए सोशल मीडिया पर लिख दी है ये बड़ी बात

Bollywood: सलमान खान ने अब संजय दत्त के लिए सोशल मीडिया पर लिख दी है ये बड़ी बात   इंटरनेट डेस्क। संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में एक मिसाल है। अब बॉलीवुड के दबंग सलमान खान ने संजय दत्त के साथ 2 फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर बड़ी बात कही है। उन्होंने इन फोटो को सोशल मीडया पर शेयर कर लिखा कि बाबा फॉरएवर… बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त।

बॉलीवुड के स्टार अभिनेता सलमान खान ने संजय दत्त को लेकर आगे कहा कि अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा। प्रशसंकों ने सलमान खान की इस पोस्ट पर प्रतिक्रयाएं दी हैं। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त और बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने भी इस पर कमेंट किया है।

आपको बता दें कि संजय दत्त और सलमा खान मिलकर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। इसमें से प्रमुख फिल्म साजन है। दोनों की जोड़ी को प्रशंसकों ने खूब पसंद किया है।

PC:me.mashable
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंBollywood,Salman Khan, Sanjay Dutt, social media, Hindi news

इंटरनेट डेस्क। संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में एक मिसाल है। अब बॉलीवुड के दबंग सलमान खान ने संजय दत्त के साथ 2 फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर बड़ी बात कही है। उन्होंने इन फोटो को सोशल मीडया पर शेयर कर लिखा कि बाबा फॉरएवर… बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त।

बॉलीवुड के स्टार अभिनेता सलमान खान ने संजय दत्त को लेकर आगे कहा कि अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा। प्रशसंकों ने सलमान खान की इस पोस्ट पर प्रतिक्रयाएं दी हैं। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त और बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने भी इस पर कमेंट किया है।

आपको बता दें कि संजय दत्त और सलमा खान मिलकर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। इसमें से प्रमुख फिल्म साजन है। दोनों की जोड़ी को प्रशंसकों ने खूब पसंद किया है।

PC:me.mashable
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें

Bollywood,Salman Khan, Sanjay Dutt, social media, Hindi news

  • बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
  • मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
  • उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
  • तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान

 

लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।

तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

 

बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।

 

माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान

माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति

26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।

 

मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,">योगी सरकार, बुलेट की रफ्तार
										
																																		
                                                     													Published By: WD News Desk
												
												
																																	
																							Updated: Sat,  1 Aug 2026 (15:56 IST)
																							
										

										

									बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
	
		मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
	
		उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
	
		तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान


	 																					
																											
																														
																																			
	लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।									
	 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।																								
																														
																																			
	तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।																									
																
																
																														
																														
																																										
	 
	बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया																								
																														
																																			
	बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।																								
																														
																																			
	 
	माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
	माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।																								
																														
																																																					
																						
																																						
	 
	उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
	26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।																																																									
															
																														
																																			
	 
	मिशन मोड में चल रहा है अभियान
	महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																
																																																															

								
								
							मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,

Updated: Sat, 1 Aug 2026 (15:56 IST)

  • बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
  • मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
  • उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
  • तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान

 

लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।

तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

 

बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।

 

माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान

माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति

26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।

 

मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,">योगी सरकार, बुलेट की रफ्तार

Updated: Sat, 1 Aug 2026 (15:56 IST)

  • बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
  • मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
  • उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
  • तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान

 

लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।

तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

 

बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।

 

माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान

माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति

26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।

 

मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,

Post Comment