- बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
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उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
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तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान
लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,">
- बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
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उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
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तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान
लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,">योगी सरकार, बुलेट की रफ्तार
Published By: WD News Desk
Updated: Sat, 1 Aug 2026 (15:56 IST)
- बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने पूरी की ई-केवाईसी
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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी
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उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के मात्र चार दिनों में लगभग 47% लाभार्थियों का हुआ ई-केवाईसी
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तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए मिशन मोड में अभियान
लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, योगी आदित्यनाथ, यूपी शिक्षक योजना, उत्तर प्रदेश शिक्षक, ई-केवाईसी, e-KYC, शिक्षक ई-केवाईसी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कैशलेस इलाज, कैशलेस चिकित्सा सुविधा,Chief Minister Teacher Cashless Medical Scheme, CM Teacher Cashless Medical Scheme, Uttar Pradesh Teacher Scheme, Yogi Adityanath, UP Government, Teacher e-KYC, e-KYC for Teachers, Cashless Medical Treatment, Cashless Healthcare Scheme, Basic Education Department UP, Secondary Education Department UP, Higher Education Department UP,
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