शहर की सड़कों पर सबसे बड़ा खतरा केवल तेज गति नहीं, बल्कि ओवरलोड वाहनों और बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रहे वाहनों से है। मई 2026 में यातायात पुलिस द्वा …और पढ़ें
HighLights
- 30 हजार 928 चालानी कार्रवाई के विश्लेषण में सामने आई अनुशासनहीनता की भयावह तस्वीर
- शहर के चारों यातायात जोन में सबसे ज्यादा चालान जोन-1 और जोन-4 में बनाए गए
- यह संकेत है कि व्यस्त और बाहरी मार्गों पर नियम उल्लंघन का स्तर अपेक्षाकृत ज्यादा है
प्रणय चौहान, नईदुनिया, इंदौर। शहर की सड़कों पर सबसे बड़ा खतरा केवल तेज गति नहीं, बल्कि ओवरलोड वाहनों और बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रहे वाहनों से है। मई 2026 में यातायात पुलिस द्वारा की गई 30 हजार 928 चालानी कार्रवाई के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि हर दिन औसतन 175 ओवरलोड वाहन पकड़े गए।
वहीं, बगैर लाइसेंस, फिटनेस और परमिट वाले वाहनों के छह हजार 23 चालान बनाकर समन शुल्क वसूला यानी प्रतिदिन 200 से ज्यादा ऐसे वाहनों को पकड़ा है, जिनके पास सड़क पर चलने के लिए जरूरी वैधानिक दस्तावेज नहीं थे। यातायात पुलिस द्वारा लगातार चालानी कार्रवाई के बावजूद वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। चालान से 11.30 करोड़ रुपये से ज्यादा का समन शुल्क भी वसूला गया।
404 चालान तेज गति से वाहन चलाने के बनाए गए
मई महीने में सबसे ज्यादा पांच हजार 297 ओवरलोड वाहनों के चालान बनाए गए। यह संख्या दर्शाती है कि शहर में बड़ी संख्या में क्षमता से ज्यादा भार लेकर वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा 404 चालान तेज गति से वाहन चलाने के बनाए गए। दोनों श्रेणियों को मिलाकर पांच हजार 701 मामले सामने आए, जो सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से सबसे गंभीर श्रेणी मानी जाती है।
वाहनों की ब्रेकिंग क्षमता प्रभावित होती है
विशेषज्ञों के अनुसार ओवरलोड वाहन दुर्घटना की स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे वाहनों की ब्रेकिंग क्षमता प्रभावित होती है और नियंत्रण खोने की आशंका बढ़ जाती है। लगातार सामने आ रहे आंकड़े संकेत देते हैं कि इंदौर की सड़कों पर हर दिन बड़े हादसों का जोखिम मौजूद है। चिंता की दूसरी वजह बिना वैध दस्तावेजों के सड़क पर दौड़ रहे वाहन हैं। यातायात पुलिस ने मई में बगैर लाइसेंस, फिटनेस और परमिट के कुल छह हजार 23 वाहनों के चालान बनाए। यह स्थिति बताती है कि नियमों की बुनियादी शर्तें पूरी किए बिना ही बड़ी संख्या में वाहन शहर की सड़कों पर संचालित हो रहे हैं।
शहर की सड़कों पर नियमों की अनदेखी आम बात बनी हुई है
शहर के चारों यातायात जोन में सबसे ज्यादा चालान जोन-1 और जोन-4 में बनाए गए। यह संकेत है कि व्यस्त और बाहरी मार्गों पर नियम उल्लंघन का स्तर अपेक्षाकृत ज्यादा है। पूरे महीने में 30 हजार 928 चालानी कार्रवाई से 11.30 करोड़ रुपये से ज्यादा का समन शुल्क भी वसूला गया। यदि ओवरलोडिंग, बगैर वैध दस्तावेजों वाले वाहन और लापरवाह ड्राइविंग पर केंद्रित अभियान चलाया जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। फिलहाल आंकड़े यही बताते हैं कि शहर की सड़कों पर नियमों की अनदेखी आम बात बनी हुई है।
चालानी कार्रवाई बढ़ी, लेकिन क्या व्यवहार सुधर रहा है?
आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि इंदौर में सड़क सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती ओवरलोड वाहन, बगैर वैध दस्तावेजों के संचालन और लापरवाह ड्राइविंग है। यदि इन तीन क्षेत्रों पर केंद्रित अभियान चलाया जाए तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। फिलहाल तस्वीर यही है कि शहर की सड़कों पर हर दिन सैकड़ों वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए दौड़ रहे हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। ट्रैफिक डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार यातायात नियमों का पालन करने के लिए वाहन चालकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है। वहीं, एडिशनल डीसीपी संतोष कौल के अनुसार स्कूल, कालेजों और निजी संस्थानों में लगातार समझाइश दी जा रही है कि यातायात नियमों का पालन करें।
Source link
#इदर #क #सडक #पर #हर #दन #दड #रह #ओवरलड #वहन #स #जयद #बन #लइसस #चलक



Post Comment