स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ लोग तलवार और कुल्हाड़ी लेकर वनकर्मियों के पीछे दौड़ पड़े। इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें दो जेसीबी मशीनों और एक सरकारी …और पढ़ें
HighLights
- विवाद में वनकर्मी घायल, खेती करने की तैयारी में थे ग्रामीण, सिमरोल थाने में लिखित शिकायत
- स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ लोग तलवार और कुल्हाड़ी लेकर वनकर्मियों के पीछे दौड़ पड़े
- इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें दो जेसीबी मशीनों और एक सरकारी वाहन के कांच टूट गए
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। चोरल रेंज में शनिवार को वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय विवाद में बदल गई। जब वनभूमि पर कब्जा किए हुए लोगों ने वन अमले पर हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ लोग तलवार और कुल्हाड़ी लेकर वनकर्मियों के पीछे दौड़ पड़े। इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें दो जेसीबी मशीनों और एक सरकारी वाहन के कांच टूट गए। हमले में एक वनकर्मी घायल हो गया।
चोरल रेंज के रसकुडिया वनक्षेत्र में गिनावल परिवार पिछले कुछ समय से वनभूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। उन्होंने इस दौरान जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई की। 10 हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जा कर खेती करने की तैयारी थी।
मामले की जानकारी मिलते ही चोरल रेंजर सचिन वर्मा के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर दोपहर तीन बजे पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान वनभूमि पर बोई गई फसल को हटाया जा रहा था। इसी बीच कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पहले वनकर्मियों और ग्रामीणों के बीच बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।
जैसे ही जेसीबी मशीन से जमीन खोदने का काम शुरू हुआ। अतिक्रमणकारियों ने वन अमले पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पत्थराव करने के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। कुछ ग्रामीण तलवार और कुल्हाड़ी लेकर वनकर्मियों को डराने और खदेड़ने लगे। वनकर्मियों के मुताबिक इस दौरान एक महिला भी हमला करने वालों में शामिल थी। वनकर्मी आनंद सिंह घायल हो गए। जबकि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सीधे सिमरोल थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज करवाई। सुरक्षा को देखते हुए इंदौर वनमंडल से अतिरिक्त स्टाफ भी बुलाया गया। रेंजर सचिन वर्मा ने बताया कि वनभूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान यह हमला हुआ है।
पहले भी हुए हमले
- 2022 में अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान ग्रामीण ने डिप्टी रेंजर पर हमला कर दिया है। तत्कालीन डिप्टी रेंजर राकेश जारवाल व एक वनकर्मी ने आशापुर वनक्षेत्र में ग्रामीण सुरेश को अतिक्रमण कर खेती करते पाया। ग्रामीण और डिप्टी रेंजर के बीच तीखी बहस हुई। इस बीच सुरेश की पत्नी भी वहां पहुंच गई और डिप्टी रेंजर का डंडा छीनने लगी। इस दौरान ग्रामीण ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
- 2021 में रसकुडिया में अतिक्रमण हटाने के दौरान ग्रामीण ने विरोध किया। उस दौरान भी ग्रामीणों ने हमला किया था। यह विवाद वनकर्मियों और ग्रामीण के बीच दो से तीन दिन विवाद चलता रहा। वनकर्मी भी इतने डरे हुए थे कि स्टाफ क्वार्टर पर रात में नहीं रुकते थे, क्योंकि रात में पत्थराव होता था। इंदौर वनमंडल से भी स्टाफ को भेजा गया था।
- 2021 में उमठ के जंगलों में मंदिर की आड़ में अतिक्रमण किया गया। वन विभाग की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने चोरल रेंज का घेराव किया था।
- 2022 में अतिक्रमण को लेकर ग्रामीण पर पेड़ जलाने का आरोप लगा। इस दौरान ग्रामीण की पिटाई की गई। विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने टीम पर हमला भी किया था। पूरे मामले में राजनीतिक दवाब के चलते रेंजर और स्टाफ पर कार्रवाई की गई।
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