इंदौर के पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहे आरोपी पति अखिलेश सैनी का शव गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक से बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में जो सबसे हैरान करने वाली बात सामने आई है, वह यह है कि बरामद शव का सिर धड़ से पूरी तरह गायब है। मृतक की पैंट की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में की गई है।
इंदौर से रवाना हुई टीम
पुलिस विभाग का कहना है कि परिजनों द्वारा शव की प्रत्यक्ष पहचान किए जाने के बाद ही इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही इंदौर पुलिस की एक विशेष टीम के साथ अखिलेश के परिजन गंजबासौदा के लिए रवाना हो चुके हैं।
रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला शव
टीआई संजय वेदिया ने बताया कि गंजबासौदा और पवई स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के पोल नंबर 925 के पास एक अज्ञात शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा भयावह था। पटरी पर केवल एक पुरुष का धड़ पड़ा हुआ था, जबकि उसका सिर वहां मौजूद नहीं था। पुलिस ने जब मृतक के कपड़ों की तलाशी ली, तो उसकी जेब से अखिलेश सैनी से संबंधित दस्तावेज और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ।
सिर की खोज में पुलिस का सघन तलाशी अभियान
थाना प्रभारी वेदिया ने आगे बताया कि शव का सिर गायब होने के कारण पुलिस ने तुरंत आस-पास के इलाके में खोजबीन शुरू की। पुलिस की टीमों ने रेलवे ट्रैक के आसपास के करीब 6 किलोमीटर तक के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस लंबी और बारीक जांच के बावजूद पुलिस को अब तक मृतक का सिर बरामद करने में सफलता नहीं मिल सकी है।
सरकारी आवास में हुई थी उर्मिला की निर्मम हत्या
इस पूरे मामले की शुरुआत बीती 11 जुलाई को हुई थी, जब सरकारी आवास में रहने वाली 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस खौफनाक वारदात का खुलासा उस वक्त हुआ जब दोपहर के करीब एक बजे उर्मिला के दोनों बच्चे स्कूल से पढ़ाई पूरी कर अपने घर लौटे थे। बच्चों ने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और भीतर टेलीविजन बहुत तेज आवाज में चल रहा था।
मासूम बच्चों ने देखा था मां का शव
जैसे ही बच्चे घर के भीतर दाखिल हुए, उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में मृत पाया। इस खौफनाक मंजर को देखकर बच्चे बुरी तरह सहम गए और उन्होंने तुरंत अपने नाना सत्यनारायण मालाकार को फोन कर घटना की जानकारी दी। बच्चों के रोने और चीखने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग भी तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई।
आरोपी पति पर घोषित था 20 हजार का इनाम
उर्मिला सैनी की हत्या के दिन से ही उसका पति अखिलेश लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। मामले की जांच के दौरान उनकी बेटी प्रेक्षा ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। बेटी ने बताया था कि उसके पिता लंबे समय से उसकी मां पर बिना किसी वजह के शक करते रहते थे। इससे पहले भी आरोपी ने उसकी मां का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया था। एक बार जब बेटी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने मंदिर का भारी सिंहासन उठाकर अपनी ही बेटी पर दे मारा था। इस वारदात के बाद से पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थीं और उस पर घोषित इनाम की राशि को 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दिया गया था। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि अखिलेश पिछले आठ दिनों से कहां और किसकी मदद से छिपा हुआ था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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