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इंदौर में कनाड़िया जंक्शन डबल डेकर ब्रिज रद, अंडरपास से सुधारेंगे बायपास का ट्रैफिक

इंदौर में कनाड़िया जंक्शन डबल डेकर ब्रिज रद, अंडरपास से सुधारेंगे बायपास का ट्रैफिक

बायपास पर रोज के ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए कनाड़िया रोड जंक्शन पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपए का ‘डबल डेकर ब्रिज’ प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 09:35:29 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 09:35:29 AM (IST)

कनाड़िया में चल रहा है काम। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आईडीए ने शासन को भेजा प्रस्ताव, 5 साल में 3 गुना बढ़ेगा ट्रैफिक
  2. कनाड़िया, बिचौली और एमआर-9 जंक्शन पर बनेंगे 6-लेन अंडरपास
  3. अब कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर अंडरपास बनाने की तैयारी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर । बायपास पर रोज के ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए कनाड़िया रोड जंक्शन पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपए का ‘डबल डेकर ब्रिज’ प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद कर दिया गया है।

अब कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने की तैयारी है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने राज्य के नगरीय विकास व आवास विभाग के माध्यम से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को पत्र भेजकर सर्वे शुरू करने और निर्माण कराने का आग्रह किया है।

1000 एकड़ की 3 टाउनशिप से 3 गुना बढ़ेगा ट्रैफिक

आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, डबल डेकर ब्रिज अत्यधिक महंगा था और उससे सिर्फ एक चौराहे की समस्या हल होती। पूरे बायपास पर सुचारू आवाजाही के लिए एनएचएआई के माध्यम से एमआर-10 जैसा थ्री-टायर ग्रेड सेपरेटर बनाना ही एकमात्र स्थायी उपाय है। आईडीए ने सरकार को भेजी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि बायपास की वर्तमान व्यवस्थाएं आने वाले 2-3 सालों में पूरी तरह ध्वस्त हो जाएंगी।

8-10 साल पुराने 2 लेन बॉक्स टाइप फ्लाईओवर आउटडेटेड

  • अभी एनएचएआई द्वारा कनाड़िया और बिचौली हप्सी पर बनाए गए 2-लेन बॉक्स टाइप फ्लाईओवर 8-10 साल पुराने ट्रैफिक के हिसाब से बने थे।
  • टू-लेन स्ट्रक्चर आज के सामान्य ट्रैफिक के लिए ही छोटे पड़ रहे हैं।
  • मांगलिया और देवगुराड़िया की तरफ से आने वाले वाहनों के कारण सर्विस रोड पर रोजाना जाम लग रहा है।
  • आईडीए का सुझाव है कि इन पुराने स्ट्रक्चर्स में सुधार करके या नए सिरे से निर्माण करके ही एमआर-10 जैसी थ्री-टायर व्यवस्था बनाई जा सकती है।

50 हजार वाहनों का दबाव बढ़ सकता है

आईडीए की तीन बड़ी स्कीम: बायपास के दूसरी ओर आईडीए टीपीएस-4, टीपीएस-5 और टीपीएस-9 नाम से 1000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में टाउनशिप विकसित कर रहा है। इनकी अंदरूनी सड़कें सीधे बायपास से जुड़ रही हैं।

  • सड़कों का चौड़ीकरण: कनाड़िया और बिचौली हप्सी रोड को मास्टर प्लान के अनुसार चौड़ा कर रहे हैं। इससे नई निजी कॉलोनियों का ट्रैफिक सीधे इन जंक्शन पर आएगा।
  • कमर्शियल विस्तार (मिक्स लैंड यूज): नगर निगम बायपास की सर्विस रोड को चौड़ा करने और अंडरग्राउंड यूटिलिटी बिछाने की डीपीआर बना रहा है। बायपास के कंट्रोल एरिया को डिनोटिफाई कर ‘मिक्स लैंड यूज’ (22 मीटर अतिरिक्त चौड़ाई) की मंजूरी मिलने से यहां कमर्शियल गतिविधियां बढ़ेंगी।
  • अनुमान: एमआर-9, कनाड़िया और बिचौली हप्सी जंक्शन पर अभी करीब 1 लाख वाहन रोज गुजरते हैं। इन योजनाओं के बाद करीब 50 हजार वाहनों का दबाव और बढ़ जाएगा।

इसलिए रद्द हुआ ‘डबल डेकर’

आईडीए ने कनाड़िया रोड के समानांतर आंतरिक रोड से होते हुए डबल डेकर ब्रिज का शुरुआती खाका तैयार किया था, लेकिन जांच में यह योजना व्यावहारिक नहीं पाई गई।

  • तकनीकी अड़चन: 108 मीटर लंबा ऑब्लिगेटरी स्पान देना और कनाड़िया रोड की तरफ एप्रोच बनाना तकनीकी रूप से जटिल था।
  • अत्यधिक लागत: प्रोजेक्ट पर 150 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च आ रहा था और इससे केवल कनाड़िया चौराहे का ही आंशिक समाधान होता।

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