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इंदौर में किसानों का उग्र प्रदर्शन, भोपाल कूच से पहले पुलिस ने रोका, छोड़े आंसू गैस के गोले; पश्चिम रिंग रोड पर मुआवजे की मांग

इंदौर में किसानों का उग्र प्रदर्शन, भोपाल कूच से पहले पुलिस ने रोका, छोड़े आंसू गैस के गोले; पश्चिम रिंग रोड पर मुआवजे की मांग

इंदौर और देवास जिले के गांवों से गुजरने वाली पश्चिम रिंग रोड में चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर करणी सेना परिवार के नेतृत्व में शिप्रा से भोपाल तक ट्…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 08:12:26 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 08:12:25 PM (IST)

किसानों की ट्रैक्टर रैली को बरलई में रोका।

HighLights

  1. बैरिकेडिंग हटाने पर करणी सेना परिवार और पुलिस में झड़प
  2. देवास-इंदौर के 39 गांवों के किसानों की ट्रैक्टर रैली रोकी
  3. खाद की किल्लत और जमीन अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पश्चिम रिंग रोड जमीन अधिग्रहण से प्रभावित 39 गांवों के किसानों द्वारा चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को भोपाल तक ट्रैक्टर रैली निकाली जानी थी। किसानों के ट्रैक्टर गांवों से जैसे ही बरलई पहुंचे, पुलिस और प्रशासन ने सड़क पर डंपर खड़े कर रास्ता जाम कर दिया। वहीं बैरिकेडिंग भी कर दी गई। जैसे ही किसानों को रोका गया, तो वे उग्र हो गए और बैरिकेडिंग को हटाने लगे। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़ी। किसानों को आगे नहीं जाने दिया तो वे बरलई में ही धरने पर बैठ गए।

भोपाल जा रही ट्रैक्टर रैली को पुलिस ने बरलई में रोका

इंदौर और देवास जिले के गांवों से गुजरने वाली पश्चिम रिंग रोड में चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर करणी सेना परिवार के नेतृत्व में शिप्रा से भोपाल तक ट्रैक्टर रैली निकाली जानी थी। रैली में पांच सौ से अधिक ट्रैक्टरों के शामिल होने का दावा किया जा रहा था। किसानों को भोपाल जाने से रोकने के लिए बरलई में रास्ते पर डंपर खड़े कर दिए गए। पुलिस का भारी फोर्स और वाटर कैनन को तैनात किया गया।

किसानों ने बरलई से आगे जाने के प्रयास में बैरिकेडिंग को हटा दिया, तो पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए वाटर कैनन से पानी डाला। पानी के कारण किसानों को कुछ देर के लिए पीछे हटना पड़ा, लेकिन फिर बैरिकेडिंग हटाने लगे, तो पुलिस ने आंसू गैस छोड़ दी। पुलिस और किसानों के बीच बड़ी देर तक यह प्रक्रिया जारी रही।

करणी सेना परिवार के जिला अध्यक्ष ऋषिराज सिंह सिसोदिया का कहना है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से भोपाल तक ट्रैक्टर रैली निकालने वाले थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज तक किया गया। करीब दो हजार किसान बरलई में ही धरने पर बैठे हैं।

पश्चिम रिंग रोड में हुआ जमीन अधिग्रहण और मुआवजे का विवाद

पश्चिम रिंग रोड का लंबे समय से विरोध जारी है और इसको थामने के लिए प्रशासन और शासन ने प्रभावित गांवों की गाइडलाइन 150 से 200 प्रतिशत तक बढ़ाकर मुआवजा वितरित किया था। यहां पर अधिकांश किसानों को अवार्ड हो चुके हैं और जमीन अधिग्रहण भी पूर्ण होने के करीब है। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा जमीन अधिग्रहण में चार गुना मुआवजे की घोषणा की गई थी। अब किसान चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

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खाद और जंगली पशुओं के प्रबंधन की मांग

किसान चार गुना मुआवजे के साथ ही खेती से जुड़े अन्य मुद्दों को भी सरकार के सामने रखना चाहते थे। इसमें समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए, खाद की बढ़ती कीमतों पर राहत दी जाए। वहीं नीलगाय और अन्य जंगली पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का स्थायी समाधान किया जाए।

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