एक तरफ शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। खास तौर पर छोटा गणपति स्टेशन पर रहवासी और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अफसर आम…और पढ़ें
HighLights
- पहले एलिवेटेड कॉरिडोर था, विरोध के बाद बदला प्लान; अंडरग्राउंड के लिए सर्वे पूरा
- कनाड़िया रोड पर नए टेंडर का इंतजार, फाइल प्लानिंग सेल में
- इसके बाद मेट्रो अंडरग्राउंड होना है, जिसके लिए अब तक टेंडर जारी नहीं किए जा सके हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एक तरफ शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। खास तौर पर छोटा गणपति स्टेशन पर रहवासी और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अफसर आमने-सामने हैं। वहीं दूसरी ओर खजराना चौराहा के बाद काम बंद है और करीब दो साल पीछे चल रहा है, क्योंकि इसके बाद मेट्रो अंडरग्राउंड होना है, जिसके लिए अब तक टेंडर जारी नहीं किए जा सके हैं।
डेढ़ साल से इसी बात को लेकर कशमकश चल रही थी कि इसे अंडरग्राउंड कैसे किया जाए, क्योंकि केंद्र सरकार ने एलिवेटेड कॉरिडोर का नोटिफिकेशन तक जारी कर दिया था। कनाड़िया रोड पर पहले एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना थी, लेकिन विरोध के बाद अब अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके लिए सर्वे भी पूरा हो चुका है और मुख्यमंत्री की मंजूरी भी मिल चुकी है।
बताया जा रहा है कि अब फाइल प्लानिंग सेल में भेजी गई है। वहां से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद नए टेंडर जारी किए जाएंगे। यानी कनाड़िया रोड पर मेट्रो का काम शुरू होने के लिए नए टेंडर का इंतजार है। दरअसल, केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में कनाड़िया रोड का कॉरिडोर एलिवेटेड प्रस्तावित था। स्थानीय लोगों के विरोध के चलते करीब दो साल तक इस हिस्से का काम आगे नहीं बढ़ सका। पुराना टेंडर भी निरस्त कर दिया गया।
17 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर पर कमर्शियल रन भी चुनौती
मेट्रो के करीब 17 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर पर कमर्शियल रन को लेकर भी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इस रूट पर यात्रियों की संख्या को लेकर सवाल हैं। खासकर सुपर कॉरिडोर तक पर्याप्त यात्री मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। एयरपोर्ट से अभी मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी भी नहीं है।
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