इंदौर नगर निगम में संपत्ति कर खातों में फर्जी नामांतरण का बड़ा घोटाला सामने आने के बाद अब नियम सख्त कर दिए गए हैं।
HighLights
- 450 से अधिक खातों में अफसरों की आईडी से नाम बदलने का मामला पकड़ा गया
- इसमें नगर निगम कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत भी सामने आई है
- इसके बाद इंदौर नगर निगम ने नामांतरण की पूरी प्रक्रिया में बदलाव किया है
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर में अफसरों की आईडी से फर्जी तरीके से संपत्ति कर खातों में नाम बदलने का घोटाला सामने आया है। इसके बाद इंदौर नगर निगम ने नामांतरण की प्रोसेस में बड़े बदलाव कर दिए हैं। इसके लिए अब चेन ऑफ डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी।
यानी वो सभी दस्तावेज जिसमें जमीन या घर के पुरान मालिकों की भी जानकारी हो। एक साल के अंदर 450 से अधिक खातों में नाम बदलने का मामला सामने आया है। इसमें कर्मचारियों सहित दलालों की मिलीभगत का भी खुलासा हुआ है।
नगर निगम इस घोटाले की जांच के लिए आईटी एक्सपर्ट की सहायता ले रही है। इससे वह यह पता लगा रहे हैं कि किन सिस्टम के जरिए संपत्ति कर खातों के नाम में बदलाव किया गया है।
नामांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी
नगर निगम के राजस्व विभाग में नामांतरण की पूरी प्रोसेस अब डिजिटल रहेगी। इसमें जमीन और मकान के सारे रिकॉर्ड ऑनलाइन ही रहेंगे। नामांतरण की प्रक्रिया के लिए वकील को साथ लेकर आना होगा। इसके साथ ही बिल कलेक्टर मौके पर पहुंचकर जमीन या मकान की जांच करेंगे। इसके साथ इसमें संपत्ति की ताजी फोटो लगाई जाएगी।
फर्जी तरीके से कराई रजिस्ट्रियों को कैंसिल किया जाएगा
इंदौर नगर निगम में फर्जी तरीके से संपत्ति कर खातों में नाम बदलवाने और रजिस्ट्री करवाने के मामले में आगे की कार्रवाई भोपाल स्थित कार्यालय से की जाएगी। इसके लिए नगर निगम को ऐसी रजिस्ट्रियों को कैंसिल करने के लिए पत्र भेजना होगा।
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