शहर के पश्चिम क्षेत्र में रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उल्लास छाएगा। दोपहर 1 बजे अन्नपूर्णा मंदिर से इस्कान मंदिर की यात्रा निकलेगी। यूक्रेन…और पढ़ें
HighLights
- जगन्नाथ रथ यात्रा का मार्ग को आठ स्वर्ण झाडुओं से बुहारेंगे भक्त
- इस्कान मंदिर के चल समारोह में आज शामिल होंगे देशी-विदेशी भक्त
- 05 किलोमीटर लंबे मार्ग पर गूंजेगे जय जगन्नाथ के जयघोष
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के पश्चिम क्षेत्र में रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उल्लास छाएगा। दोपहर 1 बजे अन्नपूर्णा मंदिर से इस्कान मंदिर की यात्रा निकलेगी। यूक्रेन, कतर एवं रूस के अलावा वृन्दावन, कोलकाता एवं बेंगलुरु तथा उज्जैन सहित देश के अनेक इस्कॉन मंदिरों से जुड़े श्रद्धालु भी शामिल होंगे। 51 फीट ऊंचे हाईड्रोलिक रथ पर जगत के पालनहार जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्र भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे।
मार्ग में विभिन्न मंचों से यात्रा का स्वागत किया जाएगा। सैकड़ों श्रद्धालु रथ को अपने हाथों से खींचकर अन्नपूर्णा मंदिर से राजवाडा स्थित गोपाल मंदिर तक ले जाएंगे। शनिवार की शाम को महू नाका चौराहे से गोपाल मंदिर तक इस्कॉन के संतों और गुरुकुल के वेदपाठी पंडितों ने स्वामी महामनदास के सान्निध्य एवं अन्नपूर्णा आश्रम के संचालक स्वामी जयेंद्रानंद गिरी के आतिथ्य में मनुहार यात्रा निकाली।
संयोजक हरि अग्रवाल, किशोर गोयल, अशोक गोयल एवं भावेश दवे ने बताया कि रथ यात्रा में शामिल होने के लिए यूक्रेन से गोपालाराज दास एवं रूस से गोविंदा हरिदास तथा कतर से डा. लक्ष्मण दास सहित देश के विभिन्न इस्कान मंदिरों से जुड़े श्रद्धालु और संत इंदौर पहुच गए हैं। इनके अलावा वृंदावन और मायापुर-कोलकाता से संकीर्तन मण्डली और भगवान कृष्ण के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति देने वाली मण्डली के कलाकार भी आकर्षण का केंद्र होंगे।। यात्रा में राधा कृष्ण संग गोपियों का नृत्य, दुर्गावाहिनी की अश्वारोही बालिकाएं, 3 भजन मंडलियां, सरगम बैंड की 2 गाड़िया, 1 बड़ा रथ और 1 छोटा रथ, 3 बग्घियों में राधा कृष्ण के स्वरुप में सजी-धजी महिलाऐं इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होंगे।
यह रहेगा यात्रा मार्ग
अन्नपूर्णा मंदिर से दोपहर 1 बजे आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वैश्वरानंद गिरी के सानिध्य में प्रारम्भ होने वाली रथ यात्रा नरेन्द्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान मंदिर, महू नाका चौराहा, छत्रीपुरा, बियाबानी, मालगंज चौराहा से मल्हारगंज, टोरी कार्नर, गोराकुंड, खजूरी बाजार, राजबाड़ा होते हुए गोपाल मंदिर तक ले जाएंगे। मार्ग में श्रद्धालुओं के बीच फल एवं फलाहार का वितरण भी पूरे मार्ग में जारी रहेगा। पूरे यात्रा मार्ग में भक्तों के लिए एक वाहन से प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है।
यातायात व्यवस्था के लिए 21 भक्त तैनात
मुख्य रथ की उंचाई 51 फीट है जिसे हाईड्रोलिक की मदद से ऊपर-नीचे खिसकाकर बिजली के तारों एवं अन्य अवरोधों से बचाया जा सकेगा। यात्रा के अंत में पूरे मार्ग की सफाई के लिए एक अतिरिक्त सफाई वाहन भी साथ चलेगा वहीं यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी इस्कॉन के 21 भक्तों की टीम तैनात रहेगी। मार्ग की सफाई के लिए स्वर्ण निर्मित 8 झाडुओं की व्यवस्था रहेगी। अनेक विशिष्ट अतिथि इस यात्रा का शुभारम्भ भी करेंगे और यात्रा में शामिल भी होंगे।
- 05 किलोमीटर लंबे मार्ग पर गूंजेगे जय जगन्नाथ के जयघोष।
- 65 मंच विभिन्न संगठनों द्वारा लगाए जाएंगे।
- 100 से अधिक विदेशी भक्त भी भाग लेंगे।
- 80 से अधिक संगठन शामिल होंगे।
महाकाल की नगरी में गूंजे भगवान जगन्नाथ के जयकारे, ऐतिहासिक रथ यात्रा में उमड़ा आस्था का ज्वार
Source link
#इदर #म #रथयतर #फट #हइडरलक #रथ #पर #वरजत #हकर #भकत #क #दरशन #दग #जगत #क #पलनहर



Post Comment