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इंदौर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर सख्ती: पांच हजार वर्गफीट बिल्टअप से अधिक क्षेत्रफल वाले 22769 भवनों को नोटिस जारी

इंदौर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर सख्ती: पांच हजार वर्गफीट बिल्टअप से अधिक क्षेत्रफल वाले 22769 भवनों को नोटिस जारी

भवन स्वामियों से कहा है कि वे निर्धारित समयावधि में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध अर्थदंड एवं अन्य दंडात्मक कार् …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 28 May 2026 10:54:37 AM (IST)Updated Date: Thu, 28 May 2026 11:15:03 AM (IST)

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. अधिकारियों से कहा है कि वे चिह्नित बड़े भवनों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराएं
  2. भवन स्वामी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी
  3. निगम पूर्व में भी समस्त भवन स्वामियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के लिए कह चुका है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भू-जल स्तर बढ़ाने एवं वर्षा जल के संरक्षण को प्रोत्साहित करने को लेकर नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। निगम ने शहर के पांच हजार वर्गफीट बिल्टअप से अधिक क्षेत्रफल वाले 22769 भवनों को चिह्नित कर भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं।

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सभी भवन निरीक्षकों एवं भवन अधिकारियों से कहा है कि वे चिह्नित बड़े भवनों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराएं।

भवन स्वामियों को जारी नोटिस में कहा है कि भवन स्वामी निर्धारित समयावधि में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध जलसंचयन उपविधियां 2022 के अंतर्गत अर्थदंड एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निगम पूर्व में भी सार्वजनिक सूचना जारी कर समस्त भवन स्वामियों को रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए कह चुका है।

निर्माण कार्य में उपचारित पानी नहीं इस्तेमाल कर रहे थे, 30 जगह निर्माण कराया बंद

निगम द्वारा निर्माणाधीन भवनों एवं कालोनियों में उपचारित पानी के उपयोग को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को निगम के भवन अधिकारियों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 64 निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित भवन संचालकों एवं निर्माण एजेंसियों को उपचारित पानी उपयोग संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए नोटिस जारी किए गए।

निरीक्षण में पाया गया कि 34 निर्माणाधीन भवनों द्वारा आवश्यक शुल्क जमा करवाकर तत्काल प्रभाव से उपचारित पानी का उपयोग प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं 30 निर्माणाधीन भवन में उपचारित पानी का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए निर्माण रूकवा दिया गया। निगमायुक्त ने निर्माण एजेंसियों, बिल्डर्स एवं भवन संचालकों से अपील की है कि वे निर्माण कार्यों में अनिवार्य रूप से उपचारित पानी का उपयोग करें।

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