इंदौर में ईद का पर्व हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। शहर की अलग-अलग मस्जिदों में ईद पर विशेष नमाज अदा की गई। मुख्य नमाज सदर बाजार के ईदगाह मैदान पर हुई, जहां शहर काजी इशरत अली ने समाजजनों के साथ नमाज अदा की और देश व शहर के लिए अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करना चाहिए, ताकि उसके कटने पर पाबंदी लग सके। इस बात पर उन्होंने हाथ उठवाकर समाजजनों से सहमति भी दर्ज कराई।
शहर काजी ने कहा कि इंदौर में हरियाली कम हो रही है। विकास के नाम पर हरियाली को उजाड़ा जा रहा है। हमें पर्यावरण की भी रक्षा करनी है। समाजजन अपने-अपने इलाकों में पेड़ लगाएं, खासकर सहजन की फली के पेड़ लगाएं। इससे आर्थिक लाभ भी होगा। शहर को हरा-भरा बनाना हमारी भी जिम्मेदारी है।
शहर काजी ने कहा कि शहर में जलसंकट छाया हुआ है। पानी को व्यर्थ न बहने दें। बारिश के दिनों में वाटर रिचार्जिंग करें। सरकारें और अधिकारी आते-जाते रहते हैं, लेकिन शहरवासी ही शहर के मालिक होते हैं। हमें बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना है।शहर काजी ने स्मार्टफोन को परिवार की महिलाओं और बच्चों से दूर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह नशे की तरह हावी हो रहा है।
हिंदू परिवार बग्घी में लेकर पहुंचा शहर काजी को
इंदौर में ईद के मौके पर सलवाड़िया परिवार ने 50 साल पुरानी परंपरा निभाई। वे शहर काजी इशरत अली को उनके निवास राज मोहल्ला से ईदगाह मैदान तक शाही बग्घी में लेकर गए। नमाज अदा करने के बाद फिर उन्हें बग्घी में उनके निवास तक छोड़कर आए।सत्यनारायण सलवाड़िया ने बताया कि उनके पिता ने यह परंपरा शुरू की थी, जिसे उनका परिवार आज भी निभा रहा है।
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