नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। तेज गर्मी में और भीषण बनाते जल संकट के खिलाफ मंगलवार कांग्रेस नेता सड़कों पर उतरे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन, सज्जन वर्मा और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी, सत्यनारायण पटेल, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के साथ तमाम कांग्रेसियों और अलग-अलग वार्डों के डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों ने राजवाड़ा पर धरना दिया।
दो घंटे के धरने के बाद भीड़ निगम मुख्यालय की ओर पैदल मार्च करते हुए पहुंची। कांग्रेसी अपने हाथ में खाली मटके लेकर चल रहे थे। इन पर विधायकों-महापौर के मुखौटे चिपके थे। विरोध करते कांग्रेसियों ने इन्हीं मटकों को निगम मुख्यालय के बाहर फोड़कर आक्रोश जताया। सज्जन वर्मा ने विधायक व मंत्रियों को कुंभकर्ण बता दिया।
जीतू पटवारी का तीखा हमला और घोटाले के आरोप
राजवाड़ा पर धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी समय नर्मदा लाने के लिए इंदौर की जनता सड़क पर उतरी थी। आज फिर इतने लोगों को पानी के लिए जन आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक, मंत्री और महापौर की अकर्मण्यता का परिणाम इंदौर की जनता भुगत रही है। मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल रही। 2200 करोड़ की फर्जी फाइल और घोटाले हुए आज तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई।
भागीरथपुरा में लोग पानी से मरे लेकिन किसी जिम्मेदार ने इस्तीफा नहीं दिया। जनता को समझना होगा कि विपक्ष की आवाज बने वरना भाजपा के नेता तानाशाह बन जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 12 साल में छह बार जनता से कह चुके हैं कि ये ना करें वो ना करें, लेकिन अपने नेताओं को नहीं बता पा रहे हैं कि उन्हें क्या करना है।
सज्जन वर्मा ने महापौर को कहा ‘एक्सीडेंटल मेयर’
पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि शहर को एक्सीडेंटल मेयर मिला है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव फेल हैं और उन्हें जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। वर्मा ने कहा कि प्राचीन भारत में एक कुंभकर्ण था अब तो इंदौर में मंत्री-विधायक, सांसद समेत 12-13 कुंभकर्ण हो गए हैं।
रीना बौरासी ने कहा कि इंदौर की जनता के हाल ये कर दिए हैं कि यदि पानी देते हैं तो दूषित होता है जो जान ले लेता है। वरना पानी ही नहीं मिलता है। पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी वितरण पर मैंने विधानसभा में प्रश्न पूछा लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती ना सरकार के कानों पर जूं रेंगती है।
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महापौर और चिंटू चौकसे के बीच टैंकर राजनीति पर वार-पलटवार
कांग्रेस के पार्षद खरीदकर पानी दे रहे कांग्रेस के आंदोलन से पहले महापौर पुष्यमित्र भार्गव कांग्रेसी नेताओं पर हमलावर हो गए थे। आरोपों को निराधार बताते हुए कुछ कांग्रेसी नेताओं पर तो टैंकर बेचने और जल संकट का झूठा शोर मचाने का आरोप लगाया। इस पर जवाबी हमला करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस के पार्षद अपने खर्च से टैंकर खरीद रहे हैं ताकि लोगों को पानी बांट सकें।
कई पार्षद तो अपने खर्च से बोरवेल भी खुदवा रहे हैं। जो काम निगम को करना चाहिए वो अपने दम पर कांग्रेस के पार्षद कर रहे हैं इसके बाद भी महापौर और जिम्मेदार बेशर्म बने हुए हैं। विरोध प्रदर्शन में पार्षद सोनिला मिमरोट, सेफू यादव, यशस्वी पटेल, रफीक खान, कुणाल सोलंकी, अनवर दस्तक, राजेश चौकसे, शैलेष गर्ग, सच सलूजा के साथ युवा व महिला कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
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