इंदौर राजस्व विभाग सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में फिसल गया है। अप्रैल में 13वें स्थान पर रहने वाला इंदौर मई में 30वें पायदान पर पहुंचा। …और पढ़ें
HighLights
- मई में 1210 शिकायतों में सिर्फ 13 प्रतिशत का निराकरण हुआ
- 50 दिन से लंबित 957 में केवल 10.56 प्रतिशत सुलझीं
- खसरा, अवैध कब्जा, नामांतरण, अतिक्रमण की ज्यादा शिकायतें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिले के राजस्व विभाग में सीएम हेल्पलाइन निराकरणों के निराकरण में प्रशासनिक सुस्ती दिखाई देने लगी है। कभी बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंदौर अब शिकायतों के बोझ तले दबता नजर आ रहा है। अप्रैल में 13वें स्थान पर रहने वाला इंदौर मई में सीधे 30वें पायदान पर पहुंच गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा तीन जून को ली गई राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया कि मई में महज 13 प्रतिशत शिकायतों का ही निराकरण राजस्व विभाग कर पाया, जबकि करीब 10 प्रतिशत शिकायतें तो नान अटेंडेड ही पड़ी रहीं। यानी जिम्मेदार अधिकारियों ने उन्हें देखने तक की जहमत नहीं उठाई।
13 प्रतिशत शिकायतों का ही समाधान हो सका
दरअसल, मई में राजस्व न्यायालयों से जुड़ी 1210 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन इनमें से महज 13 प्रतिशत शिकायतों का ही समाधान हो सका। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि 50 दिन से अधिक समय से लंबित 957 शिकायतों में केवल 10.56 प्रतिशत मामलों का निराकरण हुआ। इसके उलट अप्रैल में 801 शिकायतों में से 54.46 प्रतिशत मामलों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया गया था।
एक महीने में प्रदर्शन में आई भारी गिरावट ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा 416 शिकायतें खसरा आनलाइन अपडेट नहीं होने से जुड़ी हैं। निजी भूमि पर अवैध कब्जे की 306 शिकायतें लंबित पड़ी हैं, जबकि नामांतरण और बटांकन की 247 शिकायतें अब भी लंबित हैं।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ी 147 शिकायतों पर भी कार्रवाई की चाल बेहद धीमी है। कलेक्टर शिवम वर्मा अधिकारियों को प्राथमिकता से शिकायतें निराकरण की हिदायत दे चुके हैं।
त्वरित निराकरण नहीं होने से परेशानी
सीमांकन के 140 मामले लंबित होने से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। जमीन की नाप-जोख नहीं होने से विवाद बढ़ रहे हैं और लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन बनाई गई, लेकिन यहां पर भी समय पर निराकरण नहीं होने से आमजन परेशान हैं। सम्मान निधि का भुगतान नहीं होने की भी 103 शिकायतें लंबित हैं।
मल्हारगंज में सर्वाधिक निराकरण
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में मल्हारगंज तहसील में सर्वाधिक 24.38 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया गया, जबकि सबसे कम जूनी इंदौर तहसील में महज 2.95 प्रतिशत शिकायतें ही निराकृत की गई। राऊ तहसील में 21.86 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया गया है। महू में 14.31, भिचौली हप्सी में 13.04 प्रतिशत, हातोद में 13.33 प्रतिशत शिकायतें निराकृत की गई। अन्य में 10 प्रतिशत शिकायतें भी निराकृत नहीं हो सकी।
शिकायतों की स्थिति
- 650 शिकायतें 50 दिन से अधिक समय से लंबित
- 319 शिकायतें 200 दिन से अधिक समय से लंबित
- 71 शिकायतें 500 दिन से अधिक समय से लंबित
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