वे शर्मिंदा हुए और बच्चों के व्यवहार को लेकर माफी मांगने लगे। यहां तक कि नुकसान की भरपाई करने के लिए जुर्माने की राशि जमा करने पर जोर दिया। …और पढ़ें
HighLights
- जुर्माने की राशि जमा करने के लिए दिए सात दिन
- अधिकारियों के मुताबिक घटनाक्रम को लेकर 17 विद्यार्थियों की पहचान की गई है
- विद्यार्थी रातभर होस्टल में डीजे की धुन पर विद्यार्थी थिरकते रहे थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आइईटी) हास्टल में तोड़फोड़ करने वाले छात्रों के अभिभावक मंगलवार को पहुंचे। जहां आइईटी प्रबंधन ने विद्यार्थियों के माता-पिता को तोड़फोड़ का वीडियो दिखाया।
यह देखकर वे काफी शर्मिंदा हुए और बच्चों के इस व्यवहार को लेकर माफी मांगने लगे। यहां तक कि होस्टल में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए भी माता-पिता को जुर्माने की राशि जमा करने पर जोर दिया। इसके लिए सात दिनों का समय दिया है। अधिकारियों के मुताबिक घटनाक्रम को लेकर 17 विद्यार्थियों की पहचान की गई है।
दस दिन पहले बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम पूरा होने की खुशी को लेकर होस्टल में पार्टी रखी। रातभर होस्टल में डीजे की धुन पर विद्यार्थी थिरकते रहे। यहां तक कि कुछ विद्यार्थी ने होस्टल की खिड़कियों के कांच, टेबल-कुर्सी और पानी की टंकी तोड़ दी थी। घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद आईईटी प्रबंधन ने समिति बनाई।
वीडियो के आधार पर विद्यार्थियों की पहचान की गई
सदस्यों ने जांचकर रिपोर्ट कुलगुरु डा. राकेश सिंघई को सौंपी। साथ ही वीडियो के आधार पर विद्यार्थियों की पहचान की गई। रिजल्ट और प्लेसमेंट रोकने के साथ ही विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दस दिनों से विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाया जा रहा था। मंगलवार को दो छात्रों के माता-पिता आईईटी पहुंचे।
निदेशक डा. प्रतोष बसंल और चीफ वार्डन डा. नागेंद्र सोहनी से मिले। उन्होंने घटना के वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य दिखाए गए। अभिभावक अपने बच्चों की हरकतों से शर्मिंदा नजर आए और उन्होंने इस व्यवहार पर नाराजगी भी जताई।
अभिभावकों से लिखित शपथ पत्र लिया जा रहा है
आईईटी के चीफ वार्डन डा सोहनी ने बताया कि छात्रों और उनके अभिभावकों से लिखित शपथ पत्र लिया जा रहा है। इसमें यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। साथ ही हास्टल में हुई तोड़फोड़ से सरकारी संपत्ति को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई भी छात्रों से कराई जाएगी।
वे बताते है कि इस मामले में किसी भी छात्र को राहत नहीं दी जाएगी। प्रत्येक छात्र पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
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