घरवालों ने बिना बताए इस टॉप क्रिकेटर का रिश्ता कर दिया था पक्का, फिर बहन से पैदा की चार बेटियां
Shahid Afridi पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अक्सर किसी ने किसी वजह के चलते चर्चा में बने रहते हैं। अपनी क्रिकेट को लेकर सुबह है अक्सर चर्चा में आते ही रहते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी काफी ज्यादा दिलचस्प है। उनकी लव स्टोरी और शादी का किस्सा जानकर आज भी लोग काफी ज्यादा हैरान रह जाते हैं।
स्कूल में टीचर पर आ गया था दिल
शाहिद आफरीदी ने एक पुराने टीवी इंटरव्यू में अपने पहले प्यार का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी उन्हें पहली बार किसी से प्यार हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उनकी टीचर थीं।
शाहिद आफरीदी ने हंसते हुए बताया था कि उस समय उनकी उम्र करीब 9 या 10 साल थी और उन्हें अपनी टीचर बेहद खूबसूरत लगती थीं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ बचपन का क्रश था, लेकिन उस समय उन्हें सच में लगता था कि उन्हें प्यार हो गया है।
मजाक-मजाक में तय हो गई शादी
शाहिद आफरीदी की शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपनी कजिन यानी मामा की बेटी नादिया से शादी की है। खबरों के अनुसार यह लव नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी। शाहिद आफरीदी ने खुद बताया था कि एक बार वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मजाक में अपने पिता से कह दिया कि उनके लिए कोई लड़की ढूंढ लें। लेकिन उनके पिता ने इस बात को मजाक नहीं समझा। जब वो वापस लौटे, तो उनके पिता ने बताया कि उन्होंने उनके लिए रिश्ता तय कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब पता चला कि उनकी होने वाली पत्नी उनकी कजिन नादिया हैं, जिन्हें वह बचपन से जानते थे।
शादी के अगले दिन ही खेलने चले गए मैच
शाहिद आफरीदी और नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद भी उन्होंने क्रिकेट को सबसे ऊपर रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के अगले ही दिन आफरीदी पाकिस्तान टीम के साथ मैच खेलने निकल गए थे क्योंकि उस समय पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज चल रही थी।
दिलचस्प बात यह है कि शादी के बाद खेले गए पहले ही मैच में शाहिद आफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया। लाहौर में खेले गए मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी लगाने के साथ 5 विकेट भी झटके थे। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
चार बेटियों के पिता हैं आफरीदी
शाहिद आफरीदी और उनकी पत्नी नादिया आज चार बेटियों के माता-पिता हैं। उनकी बेटियों के नाम अक्सा, अंशा, अज्वा और अस्मारा हैं। शाहिद आफरीदी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। हालांकि वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा लाइमलाइट में रखना पसंद नहीं करते।
क्रिकेट के साथ समाज सेवा में भी एक्टिव
क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी शाहिद आफरीदी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल सर्विस में भी काफी एक्टिव हैं।उनका NGO Shahid Afridi Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करता है।
Shahid Afridi पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अक्सर किसी ने किसी वजह के चलते चर्चा में बने रहते हैं। अपनी क्रिकेट को लेकर सुबह है अक्सर चर्चा में आते ही रहते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी काफी ज्यादा दिलचस्प है। उनकी लव स्टोरी और शादी का किस्सा जानकर आज भी लोग काफी ज्यादा हैरान रह जाते हैं।
स्कूल में टीचर पर आ गया था दिल
शाहिद आफरीदी ने एक पुराने टीवी इंटरव्यू में अपने पहले प्यार का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी उन्हें पहली बार किसी से प्यार हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उनकी टीचर थीं।
शाहिद आफरीदी ने हंसते हुए बताया था कि उस समय उनकी उम्र करीब 9 या 10 साल थी और उन्हें अपनी टीचर बेहद खूबसूरत लगती थीं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ बचपन का क्रश था, लेकिन उस समय उन्हें सच में लगता था कि उन्हें प्यार हो गया है।
मजाक-मजाक में तय हो गई शादी
शाहिद आफरीदी की शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपनी कजिन यानी मामा की बेटी नादिया से शादी की है। खबरों के अनुसार यह लव नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी। शाहिद आफरीदी ने खुद बताया था कि एक बार वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मजाक में अपने पिता से कह दिया कि उनके लिए कोई लड़की ढूंढ लें। लेकिन उनके पिता ने इस बात को मजाक नहीं समझा। जब वो वापस लौटे, तो उनके पिता ने बताया कि उन्होंने उनके लिए रिश्ता तय कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब पता चला कि उनकी होने वाली पत्नी उनकी कजिन नादिया हैं, जिन्हें वह बचपन से जानते थे।
शादी के अगले दिन ही खेलने चले गए मैच
शाहिद आफरीदी और नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद भी उन्होंने क्रिकेट को सबसे ऊपर रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के अगले ही दिन आफरीदी पाकिस्तान टीम के साथ मैच खेलने निकल गए थे क्योंकि उस समय पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज चल रही थी।
दिलचस्प बात यह है कि शादी के बाद खेले गए पहले ही मैच में शाहिद आफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया। लाहौर में खेले गए मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी लगाने के साथ 5 विकेट भी झटके थे। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
चार बेटियों के पिता हैं आफरीदी
शाहिद आफरीदी और उनकी पत्नी नादिया आज चार बेटियों के माता-पिता हैं। उनकी बेटियों के नाम अक्सा, अंशा, अज्वा और अस्मारा हैं। शाहिद आफरीदी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। हालांकि वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा लाइमलाइट में रखना पसंद नहीं करते।
क्रिकेट के साथ समाज सेवा में भी एक्टिव
क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी शाहिद आफरीदी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल सर्विस में भी काफी एक्टिव हैं।उनका NGO Shahid Afridi Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करता है।
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने ही-मैन धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद उनसे जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र आखिरी मैसेज का सुलासा किया है। ये मैसेज उन्होंने पूरे परिवार को दिया था।
हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी सफर, मौजूदा जिंदगी, सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते और फिल्मों में वापसी को लेकर भी जानकारी दी थी। एक बातचीत में उन्होंने धर्मेंद्र के आखिरी मैसेज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जाते-जाते धर्मेंद्र ने सभी से एक बात कही। उन्होंने कहा था कि एक परिवार बनो… सब एक साथ रहना है।
काम जो भी हों, लेकिन परिवार को हमेशा तवज्जो देना। इस दौरान उन्होंने दोनों सौतेले बेटों सनी और बॉबी को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा की सनी और बॉबी दोनों बहुत अच्छे हैं। हम सब साथ हैं हम कोई पब्लिसिटी नहीं करते, हमारा अंदर से एक जुडाव हैं।
PC:koimoi
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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने ही-मैन धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद उनसे जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र आखिरी मैसेज का सुलासा किया है। ये मैसेज उन्होंने पूरे परिवार को दिया था।
हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी सफर, मौजूदा जिंदगी, सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते और फिल्मों में वापसी को लेकर भी जानकारी दी थी। एक बातचीत में उन्होंने धर्मेंद्र के आखिरी मैसेज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जाते-जाते धर्मेंद्र ने सभी से एक बात कही। उन्होंने कहा था कि एक परिवार बनो… सब एक साथ रहना है।
काम जो भी हों, लेकिन परिवार को हमेशा तवज्जो देना। इस दौरान उन्होंने दोनों सौतेले बेटों सनी और बॉबी को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा की सनी और बॉबी दोनों बहुत अच्छे हैं। हम सब साथ हैं हम कोई पब्लिसिटी नहीं करते, हमारा अंदर से एक जुडाव हैं।
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Hema Malini, Dharmendra,Sunny, Bobby Deol">धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद Hema Malini ने किया बड़ा खुलासा, सनी और बॉबी देओल के लिए भी बोल दी ये बात
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने ही-मैन धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद उनसे जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र आखिरी मैसेज का सुलासा किया है। ये मैसेज उन्होंने पूरे परिवार को दिया था।
हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी सफर, मौजूदा जिंदगी, सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते और फिल्मों में वापसी को लेकर भी जानकारी दी थी। एक बातचीत में उन्होंने धर्मेंद्र के आखिरी मैसेज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जाते-जाते धर्मेंद्र ने सभी से एक बात कही। उन्होंने कहा था कि एक परिवार बनो… सब एक साथ रहना है।
काम जो भी हों, लेकिन परिवार को हमेशा तवज्जो देना। इस दौरान उन्होंने दोनों सौतेले बेटों सनी और बॉबी को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा की सनी और बॉबी दोनों बहुत अच्छे हैं। हम सब साथ हैं हम कोई पब्लिसिटी नहीं करते, हमारा अंदर से एक जुडाव हैं।
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Hema Malini, Dharmendra,Sunny, Bobby Deol
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
Ritabrata Banerjee">TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
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