दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई भीषण बस दुर्घटना में कई यात्रियों की जान समय पर बाहर नहीं निकल पाने के कारण चली गई। हादसे में घायल नंदानगर निवासी ईशा…और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई भीषण बस दुर्घटना में कई यात्रियों की जान समय पर बाहर नहीं निकल पाने के कारण चली गई। हादसे में घायल नंदानगर निवासी ईशा सिंह ने दावा किया कि टक्कर के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। पीछे बैठे यात्री जान बचाने के लिए इमरजेंसी गेट की ओर दौड़े, लेकिन गेट नहीं खुला। देखते ही देखते आग की लपटों ने बस को अपनी चपेट में ले लिया और कई यात्री जिंदा जल गए।
ईशा सिंह बस की 26 नंबर सीट पर सफर कर रही थीं। उनके पैरों में कई जगह गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनके पति प्रदीप सिंह भी हादसे में घायल हुए हैं।
चालक और हेल्पर पर शराब पीने का आरोप, 45 मिनट देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड
निजी कंपनी की कर्मचारी ईशा सिंह पति प्रदीप सिंह पंवार और ननद रिशा सिंह ऋषिकेश से बस में बैठी थीं। हादसे से पांच मिनट पूर्व ही वह जरूरी काम से आगे गई थीं। हेल्पर और चालक चलती बस में शराब पी रहे थे। उसने पति से इसका जिक्र किया ही था कि बस और ट्राला में जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में आगे बैठे कुछ यात्री झटके से बाहर जा गिरे।
डिक्की वाले हिस्से से धुआं उठने लगा और ईशा ने आवाज लगाई और आगे की तरफ भागी। उसकी आंखों के सामने बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नीचे गिरी थीं। कुछ लोग सीटों के बीच में फंस गए और अपनों का हाथ छूट गया। बाद में उनके शव तक पहचान में नहीं आए। फायरकर्मियों ने भी पहुंचने में 45 मिनट लगा दिए।
डीएनए टेस्ट करवा कर पोटली में लाए बेटी का शव, एसपी ने दिए जांच के आदेश
बजंरग नगर निवासी भूमि भोर एलएनटी कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। उसका शव बुरी तरह जल गया था। बुधवार दोपहर भूमि के पिता भारत रिश्तेदारों के साथ दौसा पहुंचे और डीएनए टेस्ट करवा कर पहचान की। भूमि सहेली लिसा और दिशा के साथ मसूरी गई थी। उसका शव पोटली में लेकर आना पड़ा।
सहेलियों ने स्वजन को बताया कि बस तेज रफ्तार में चल रही थी। कुछ लोगों ने बताया चालक को झपकी लगी थी। आगे चल रहे ट्राला में बस का अगला हिस्सा चढ़ गया था। कई यात्रियों को तो स्वजन तलाशते रहे। उधर दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
“मुझे तो खींच कर निकाल लिया पर पत्नी मेरे सामने जल गई”
पत्रकार चंद्रप्रकाश गुप्ता ने बताया कि वो और पत्नी निर्मला नीचे की बर्थ पर थे। अचानक चिल्लाने की आवाज आई तो पता चला एक्सीडेंट हुआ है। बस में धुआं भर चुका था। मुझे लोगों ने हाथ खींच कर बाहर की तरफ धकेला लेकिन पत्नी निर्मला फंस गई। उन्हें निकालने का प्रयास किया पर वो मेरी आंखों के सामने ही जल गई। मैं कुछ नहीं कर सका। अंदर जाने की स्थिति नहीं थी।
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