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एमपी में तबादला नीति ही सवालों के घेरे में… 28 जून को आने थे आदेश, शिक्षा विभाग में पहले ही जारी हो गए ट्रांसफर ऑर्डर

एमपी में तबादला नीति ही सवालों के घेरे में… 28 जून को आने थे आदेश, शिक्षा विभाग में पहले ही जारी हो गए ट्रांसफर ऑर्डर

स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। स्वैच्छिक तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जून से शुरू हुए हैं, लेकिन आवेदन स …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 06:58:44 PM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jun 2026 11:00:51 PM (IST)

शिक्षा विभाग में पहले ही जारी हो गए ट्रांसफर ऑर्डर। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. स्वैच्छिक तबादलों की समय-सारिणी में बड़ी विसंगति
  2. शिक्षा विभाग में पहले ही जारी हो गए ट्रांसफर ऑर्डर
  3. कटनी और शिवपुरी के शिक्षकों के आदेशों से असंतोष

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। स्वैच्छिक तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जून से शुरू हुए हैं, लेकिन आवेदन से पहले ही कुछ शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी हो गए। कायदे से आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानांतरण आदेश जारी होना था। इसके लिए 28 से 30 जून का समय तय है। शिक्षक संगठनों ने इस विसंगति के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।

तबादला नीति के उल्लंघन के मामले आए सामने

ऐसे तबादलों का पहला मामला कटनी जिले में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक दीपक कुमार कुशवाहा का है। कुशवाहा को कटनी से नर्मदापुरम जिले में स्थानांतरण का आदेश जारी हुआ है। दूसरा मामला शिवपुरी की प्राथमिक शिक्षक खुशबू शर्मा का है। उन्हें स्वैच्छिक आधार पर शिवपुरी से ग्वालियर स्थानांतरित किया गया है।

शिक्षकों में असंतोष, समय-सारिणी के पालन की मांग

विभाग ने प्रक्रिया की शुरुआत में जो कार्यक्रम जारी किया था उसके मुताबिक स्वैच्छिक तबादलों के आदेश 28 से 30 जून के बीच जारी किए जाने हैं। आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही स्थानांतरण आदेश सामने आने से शिक्षकों के बीच असंतोष बढ़ गया है।

शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि स्थानांतरण नीति में जो समय-सारिणी बनाई गई है उसी के अनुसार तबादला होना चाहिए। स्वैच्छिक के लिए आवेदन 20 जून से हो रहे हैं और इससे पहले स्वैच्छिक के नाम पर कुछ लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया यह गलत है। इससे शिक्षक परेशान हो रहे हैं। हालांकि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे संविलियन का आदेश बता रहे हैं।

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5 प्रतिशत शिक्षकों का ही तबादला हो पाएगा

ई अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक, भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कुछ जिलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षकों की वजह से स्थानांतरण नहीं देने जैसी शर्तों की वजह से इस बार तबादला कम होगा। अनुमान है कि पूरी प्रक्रिया में 20-21 हजार तबादले हो पाएंगे। यह कुल शिक्षकों का पांच प्रतिशत ही है। शुरुआत में विभाग ने 10 से 15 प्रतिशत शिक्षकों को स्थानांतरित करने का अनुमान लगाया था।

संविलियन से संबंधित ऐसे सभी प्रकरणों में यही प्रक्रिया अपनाई गई है और आदेश इसी प्रकार जारी किए गए हैं। पहले जिला आवंटन का आदेश जारी होता है। इसके बाद संबंधित जिले द्वारा विद्यालय/पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किए जाते हैं। अगर स्वैच्छिक लिखा है तो इसे दिखवाते हैं।- अभिषेक सिंह, आयुक्त, डीपीआइ

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