‘काला हिरण’ फिल्म के डायरेक्टर का सलमान खान को खुला चैलेंज, बोली- उसी जगह देंगे जबाव
Salman Khan Kala Hiran Film: फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ को लेकर छिड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान द्वारा फिल्म के मेकर्स को भेजे गए लीगल नोटिस के बाद अब निर्माता अमित जानी ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत में अमित जानी ने कहा कि यदि सलमान खान इस मामले को अदालत तक ले जाना चाहते हैं, तो वह उन्हें कोर्ट में ही जवाब देंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी फिल्म न तो सलमान खान पर आधारित है और न ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर, बल्कि यह बिश्नोई समाज के उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने अपने अधिकारों और न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
सलमान के लीगल नोटिस पर अमित जानी की दो टूक
आईएएनएस से बात करते हुए अमित जानी ने कहा, “फिल्म का अभी तक न तो टीजर रिलीज हुआ है और न ही ट्रेलर सामने आया है। जब किसी ने फिल्म देखी ही नहीं है, तो उसके कंटेंट को लेकर आपत्ति कैसे जताई जा सकती है? अगर सलमान खान सीधे उनसे बातचीत करते और फिल्म की कहानी के बारे में पूछते, तो मैं विस्तार से समझा देता कि फिल्म का वास्तविक विषय क्या है।”
‘फिल्म देखे बिना विरोध करना सही नहीं’
निर्माता ने कहा, ”मुझे लगता है कि सलमान खान बिना पूरी जानकारी के इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। फिल्म में किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई है। अगर किसी पोस्टर में एक व्यक्ति बंदूक लिए खड़ा दिखाई देता है और कहीं भी सलमान खान का नाम नहीं लिखा गया है, तो यह मान लेना कि फिल्म उन्हीं के बारे में है, सही नहीं है।”
बातचीत के दौरान अमित जानी ने आगे कहा, “काला हिरण उन बिश्नोई समुदाय के लोगों की कहानी है, जिन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया। मेरी पिछली फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर भी कानूनी विवाद सामने आया था। उस मामले में अदालत के निर्देश पर हमने याचिकाकर्ताओं को फिल्म रिलीज से पहले दिखाई थी। इसी तरह यदि अदालत इस मामले में भी ऐसा कोई निर्देश देती है, तो हम उसका पालन करेंगे। अगर सलमान खान सीधे तौर पर फिल्म देखने की इच्छा जताते, तो मैं इसके लिए भी तैयार था। लेकिन बिना फिल्म देखे सीधे नोटिस भेजना उचित नहीं है।”
Salman Khan Kala Hiran Film: फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ को लेकर छिड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान द्वारा फिल्म के मेकर्स को भेजे गए लीगल नोटिस के बाद अब निर्माता अमित जानी ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत में अमित जानी ने कहा कि यदि सलमान खान इस मामले को अदालत तक ले जाना चाहते हैं, तो वह उन्हें कोर्ट में ही जवाब देंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी फिल्म न तो सलमान खान पर आधारित है और न ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर, बल्कि यह बिश्नोई समाज के उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने अपने अधिकारों और न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
सलमान के लीगल नोटिस पर अमित जानी की दो टूक
आईएएनएस से बात करते हुए अमित जानी ने कहा, “फिल्म का अभी तक न तो टीजर रिलीज हुआ है और न ही ट्रेलर सामने आया है। जब किसी ने फिल्म देखी ही नहीं है, तो उसके कंटेंट को लेकर आपत्ति कैसे जताई जा सकती है? अगर सलमान खान सीधे उनसे बातचीत करते और फिल्म की कहानी के बारे में पूछते, तो मैं विस्तार से समझा देता कि फिल्म का वास्तविक विषय क्या है।”
‘फिल्म देखे बिना विरोध करना सही नहीं’
निर्माता ने कहा, ”मुझे लगता है कि सलमान खान बिना पूरी जानकारी के इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। फिल्म में किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई है। अगर किसी पोस्टर में एक व्यक्ति बंदूक लिए खड़ा दिखाई देता है और कहीं भी सलमान खान का नाम नहीं लिखा गया है, तो यह मान लेना कि फिल्म उन्हीं के बारे में है, सही नहीं है।”
बातचीत के दौरान अमित जानी ने आगे कहा, “काला हिरण उन बिश्नोई समुदाय के लोगों की कहानी है, जिन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया। मेरी पिछली फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर भी कानूनी विवाद सामने आया था। उस मामले में अदालत के निर्देश पर हमने याचिकाकर्ताओं को फिल्म रिलीज से पहले दिखाई थी। इसी तरह यदि अदालत इस मामले में भी ऐसा कोई निर्देश देती है, तो हम उसका पालन करेंगे। अगर सलमान खान सीधे तौर पर फिल्म देखने की इच्छा जताते, तो मैं इसके लिए भी तैयार था। लेकिन बिना फिल्म देखे सीधे नोटिस भेजना उचित नहीं है।”
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता रणबीर कपूर और अभिनेत्री आलिया भट्ट की आगामी फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर बड़ा हादसा होने की खबर आई है। खबर ये है कि मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई।
शॉर्ट सर्किट के कारण हुए इस हादसे के समय सेट पर आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि चंद्रधारी सिंह हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। इस फिल्म में दर्शकों को विक्की कौशल का भी अभिनय देखने को मिलेगा।
PC:news18
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता रणबीर कपूर और अभिनेत्री आलिया भट्ट की आगामी फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर बड़ा हादसा होने की खबर आई है। खबर ये है कि मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई।
शॉर्ट सर्किट के कारण हुए इस हादसे के समय सेट पर आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि चंद्रधारी सिंह हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। इस फिल्म में दर्शकों को विक्की कौशल का भी अभिनय देखने को मिलेगा।
PC:news18
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
">रणबीर-आलिया की फिल्म Love & War के सेट पर हुआ बड़ा हादसा, करंट लगने से कारपेंटर की मौत
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता रणबीर कपूर और अभिनेत्री आलिया भट्ट की आगामी फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर बड़ा हादसा होने की खबर आई है। खबर ये है कि मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई।
शॉर्ट सर्किट के कारण हुए इस हादसे के समय सेट पर आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि चंद्रधारी सिंह हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। इस फिल्म में दर्शकों को विक्की कौशल का भी अभिनय देखने को मिलेगा।
PC:news18
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक घटना की जांच के लिए 2 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है। इस मामले में 4 अफसर भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। इस हादसे के बाद CM योगी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और इसकी सख्त जांच के आदेश दिए हैं' उन्होंने सोमवार देर शाम हादसे को लेकर हाईलेवल मीटिंग की थी।
कैसे लगी आज, जांच में क्या सामने
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई हो सकती है। उत्तरप्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, भवन में सुरक्षित निकास मार्ग नहीं होने के कारण धुएं से दम घुटने की स्थिति बनी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। भवन निर्माण मानकों में संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आग पर काबू पाने के बाद बचाव दल ने पास की इमारत के जरिए स्ट्रेचर अंदर पहुंचाए। रेस्क्यू टीम ने प्रभावित भवन की दीवार में छेद कर लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। मैंने खुद घटनास्थल का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल जाकर वहां भर्ती घायल मरीजों से मुलाकात की। उन्हें सही इलाज मिल रहा है। शुरुआती इलाज के बाद कई लोगों को डिस्चार्ज दे दी गई। 2-3 मरीज अभी भी यहां हैं और उनका बिना किसी परेशानी के सही इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और जहां जरूरी होगा, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही कोई नतीजा निकाला जा सकता है।
पुलिस ने जांच के बाद बिल्डिंग मालिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में 3 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला और एनिमेशन ट्रेनिंग स्टूडियो का मालिक तुषांत जैसवाल शामिल हैं। इसके अलावा एक और आरोपी रामकृष्ण उपाध्याय की भी गिरफ्तारी हुई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बचाव अभियान को तेजी से पूरा किया गया और अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मियों ने पड़ोसी मकान की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर भवन में प्रवेश किया। घने धुएं को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन लगाए गए और कमरे-दर-कमरे तलाशी अभियान चलाया गया। हर कमरे और शौचालय की जांच की गई ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर न छूटे। Edited by : Sudhir Sharma
मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक घटना की जांच के लिए 2 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है। इस मामले में 4 अफसर भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। इस हादसे के बाद CM योगी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और इसकी सख्त जांच के आदेश दिए हैं' उन्होंने सोमवार देर शाम हादसे को लेकर हाईलेवल मीटिंग की थी।
कैसे लगी आज, जांच में क्या सामने
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई हो सकती है। उत्तरप्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, भवन में सुरक्षित निकास मार्ग नहीं होने के कारण धुएं से दम घुटने की स्थिति बनी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। भवन निर्माण मानकों में संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आग पर काबू पाने के बाद बचाव दल ने पास की इमारत के जरिए स्ट्रेचर अंदर पहुंचाए। रेस्क्यू टीम ने प्रभावित भवन की दीवार में छेद कर लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। मैंने खुद घटनास्थल का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल जाकर वहां भर्ती घायल मरीजों से मुलाकात की। उन्हें सही इलाज मिल रहा है। शुरुआती इलाज के बाद कई लोगों को डिस्चार्ज दे दी गई। 2-3 मरीज अभी भी यहां हैं और उनका बिना किसी परेशानी के सही इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और जहां जरूरी होगा, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही कोई नतीजा निकाला जा सकता है।
पुलिस ने जांच के बाद बिल्डिंग मालिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में 3 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला और एनिमेशन ट्रेनिंग स्टूडियो का मालिक तुषांत जैसवाल शामिल हैं। इसके अलावा एक और आरोपी रामकृष्ण उपाध्याय की भी गिरफ्तारी हुई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बचाव अभियान को तेजी से पूरा किया गया और अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मियों ने पड़ोसी मकान की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर भवन में प्रवेश किया। घने धुएं को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन लगाए गए और कमरे-दर-कमरे तलाशी अभियान चलाया गया। हर कमरे और शौचालय की जांच की गई ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर न छूटे। Edited by : Sudhir Sharma
">लखनऊ अग्निकांड : मरने वालों की संख्या 15 पहुंची, 4 अधिकारी सस्पेंड, CM योगी ने 5-5 लाख रुपए मुआवजे और SIT जांच का किया ऐलान
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित उषा मेहता मार्ग पर सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। खबरों के मुताबिक इस अग्निकांड में 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक घटना की जांच के लिए 2 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है। इस मामले में 4 अफसर भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। इस हादसे के बाद CM योगी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और इसकी सख्त जांच के आदेश दिए हैं' उन्होंने सोमवार देर शाम हादसे को लेकर हाईलेवल मीटिंग की थी।
कैसे लगी आज, जांच में क्या सामने
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई हो सकती है। उत्तरप्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, भवन में सुरक्षित निकास मार्ग नहीं होने के कारण धुएं से दम घुटने की स्थिति बनी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। भवन निर्माण मानकों में संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आग पर काबू पाने के बाद बचाव दल ने पास की इमारत के जरिए स्ट्रेचर अंदर पहुंचाए। रेस्क्यू टीम ने प्रभावित भवन की दीवार में छेद कर लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। मैंने खुद घटनास्थल का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल जाकर वहां भर्ती घायल मरीजों से मुलाकात की। उन्हें सही इलाज मिल रहा है। शुरुआती इलाज के बाद कई लोगों को डिस्चार्ज दे दी गई। 2-3 मरीज अभी भी यहां हैं और उनका बिना किसी परेशानी के सही इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और जहां जरूरी होगा, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही कोई नतीजा निकाला जा सकता है।
पुलिस ने जांच के बाद बिल्डिंग मालिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में 3 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला और एनिमेशन ट्रेनिंग स्टूडियो का मालिक तुषांत जैसवाल शामिल हैं। इसके अलावा एक और आरोपी रामकृष्ण उपाध्याय की भी गिरफ्तारी हुई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बचाव अभियान को तेजी से पूरा किया गया और अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मियों ने पड़ोसी मकान की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर भवन में प्रवेश किया। घने धुएं को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन लगाए गए और कमरे-दर-कमरे तलाशी अभियान चलाया गया। हर कमरे और शौचालय की जांच की गई ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर न छूटे। Edited by : Sudhir Sharma
Post Comment