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ट्रेन रद्द होने पर नहीं कटेगा एक भी पैसा, रेलवे ने तय किया एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के लिए कैंसिलेशन शुल्क

ट्रेन रद्द होने पर नहीं कटेगा एक भी पैसा, रेलवे ने तय किया एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के लिए कैंसिलेशन शुल्क

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश में रोजाना लाखों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। कई बार तकनीकी या अन्य कारणों के चलते ट्रेन कैंसल हो जाती है। ऐसे में उन यात्रियों के सामने यह सवाल होता है कि कैंसल टिकट की राशि कब और कैसे वापस मिलेगी। बता दें कि कोई भी ट्रेन कैंसल होने पर रेलवे यात्रियों को टिकट की पूरी राशि प्राप्त करने का अधिकार देता है और इसमें किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाती। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है जिन्होंने काउंटर से और ऑनलाइन ई-टिकट बुक किया है।

ट्रेन रद्द होने पर कैसे मिलता है रिफंड?

रेलवे के नियमों के अनुसार यदि बाढ़, दुर्घटना, ट्रैक खराब होने या किसी अन्य कारण से ट्रेन रद्द कर दी जाती है और उसे पीआरएस सिस्टम में कैंसल्ड दिखाया जाता है, तो यात्री को पूरा रिफंड दिया जाता है। ई-टिकट के मामले में आमतौर पर रिफंड अपने आप यात्रियों के उसी बैंक खाते, कार्ड, यूपीआई या भुगतान माध्यम में भेज दिया जाता है जिससे भुगतान किया गया था।

इसके लिए अलग से टीडीआर भरने की आवश्यकता नहीं होती। रिफंड आने में आमतौर पर कुछ दिनों का समय लग सकता है। यदि टिकट काउंटर से बुक किया गया है तो यात्रियों को टिकट लेकर उसी रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर जाना होगा और रिफंड का आवेदन करना होगा। नियमों के अनुसार, काउंटर टिकट के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर रिफंड दावा करना होता है।

टिकट रद्द करने के अन्य नियम

रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि यात्रियों को अपना टिकट रद्द करना हो तो ई-टिकट को केवल इंटरनेट के माध्यम से ही रद्द किया जा सकता है। यात्री ट्रेन का चार्ट बनने से पहले अपने ई-टिकट को ऑनलाइन रद्द कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद “बुक्ड टिकट्स” विकल्प में जाकर उस टिकट का चयन करना होगा जिसे रद्द करना है। यात्री चाहें तो पूरे टिकट के बजाय केवल कुछ यात्रियों का टिकट भी रद्द कर सकते हैं। टिकट रद्द करने के बाद राशि उसी खाते में भेज दी जाती है, जिससे टिकट का भुगतान किया गया था।

कंफर्म टिकट रद्द करने पर कटने वाला शुल्क

नियमों के अनुसार टिकट रद्द करने पर कुछ शुल्क भी लिया जाता है। यदि कोई कंफर्म टिकट ट्रेन के चलने के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो तय शुल्क काटा जाता है। अलग-अलग श्रेणियों के लिए यह शुल्क अलग होता है। एसी प्रथम श्रेणी और एग्जीक्यूटिव श्रेणी के लिए 240 रुपये, एसी टू टियर के लिए 200 रुपये, एसी थ्री टियर और एसी चेयर कार के लिए 180 रुपये, स्लीपर श्रेणी के लिए 120 रुपये और द्वितीय श्रेणी के लिए 60 रुपये प्रति यात्री राशि काटी जाती है।

ट्रेन रवानगी के समय के आधार पर कटौती

अगर टिकट ट्रेन रवाना होने से 48 घंटे के भीतर लेकिन 12 घंटे से पहले रद्द किया जाता है, तो किराए का 25 प्रतिशत तक शुल्क काटा जाता है। वहीं, यदि टिकट ट्रेन चलने से 12 घंटे के भीतर और चार घंटे पहले तक रद्द किया जाता है, तो किराए का 50 प्रतिशत तक शुल्क काटा जा सकता है। यह नियम चार्ट बनने के समय तक लागू रहता है।

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चार्ट तैयार होने के बाद टीडीआर (TDR) दर्ज करने की प्रक्रिया

चार्ट तैयार होने के बाद सामान्य यात्रियों के लिए ई-टिकट सीधे रद्द करने की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती। ऐसी स्थिति में यात्रियों को ऑनलाइन टीडीआर यानी टिकट डिपॉजिट रसीद दर्ज करनी होती है। इसके लिए आईआरसीटीसी वेबसाइट के सर्विस मेन्यू में “फाइल टिकट डिपॉजिट रसीद” विकल्प का उपयोग किया जा सकता है। यदि किसी यात्री का कंफर्म टिकट है और उसने यात्रा नहीं की है, तो उसे निर्धारित समय के भीतर टिकट रद्द करना या टीडीआर दर्ज करना जरूरी है।

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