ठगों ने गिरफ्तारी का भय दिखाकर कक्कड़ को “डिजिटल अरेस्ट” में रहने का आदेश दिया और कहा कि वे कहीं जा नहीं सकते। इसके साथ ही खातों की पूरी रकम तुरंत “सु …और पढ़ें
HighLights
- कमरे में नजरबंद रहा पति, बाजू के कमरे में पत्नी घंटों तड़पती रह गई।
- कोलार से बेटी-दामाद आए तो पता चला, ठगों ने पुलिस बनकर की बात।
- आरोपियों ने गंभीर केस में लिप्तता के नाम पर धमकाकर 36 लाख ठगे।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। फर्जी केस के नाम पर लोगों को धमकाकर अब तक डिजिटल अरेस्ट में सिर्फ साइबर ठगी के मामले में सामने आए हैं, लेकिन भोपाल में पहली बार डिजिटल अरेस्ट करने वाले ठगों की क्रूरता का एक भयावह कांड सामने आया है। ठगों ने अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक वृद्ध को डिजिटल अरेस्ट रखकर न सिर्फ 36 लाख रुपये ठग लिए। वहीं वृद्ध और उनकी पत्नी साथ अमानवीयता की हदें पार कर दीं।
वृद्ध के डिजिटल अरेस्ट रहने के दौरान उनकी पत्नी घर में काम करते हुए फिसलकर गिर पड़ीं, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। महिला मदद के लिए दर्द से कराहती रहीं। वृद्ध ने पत्नी की मदद के लिए ठगों से कुछ देर की मोहलत मांगी, लेकिन ठगों ने क्रूरता दिखाते हुए उन्हें कुछ मिनट के लिए भी नहीं छोड़ा।
काफी देर बाद वृद्ध ने भोपाल में रहने वाली उनकी बेटी और दामाद को फोन कर मदद के लिए बुलाया। जिसके बाद वे कोलार से अरेरा कॉलोनी उनके घर पहुंचे और एंबुलेंस से महिला को अस्पताल पहुंचाया।
साथ ही जब बेटी-दामाद जबरन वृद्ध के कमरे में घुसे तो डिजिटल अरेस्ट का राज खुला। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। ई-जीरोएफआईआर के जरिए हबीबगंज पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
बैंक खातों से संदिग्ध लेनदेन का फर्जी आरोप
- पुलिस के अनुसार, ई-5 अरेरा कालोनी निवासी अविनाश कक्कड़ (75), मंडीदीप स्थित एक फैक्ट्री से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वह अपनी पत्नी शशि कक्कड़ के साथ रहते हैं।
- 30 अप्रैल की रात उनके मोबाइल पर एक वाट्सएप वीडियो काॅल आया। कॉलर ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताया। वीडियो काॅल में वह वर्दी पहने भी नजर आए।
- उन्होंने बुजुर्ग को डराया कि उनके बैंक खाते फेडरल बैंक और इंडसइंड बैंक में संदिग्ध लेनदेन हुआ है और वे गंभीर आपराधिक जांच के दायरे में हैं।
- ठगों ने गिरफ्तारी का भय दिखाकर कक्कड़ को “डिजिटल अरेस्ट” में रहने का आदेश दिया और कहा कि वे कहीं जा नहीं सकते।
- इसके साथ ही खातों की पूरी रकम तुरंत “सुरक्षित जांच” के नाम पर ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया।
- लगातार धमकी, निगरानी और मानसिक दबाव के बीच बुजुर्ग ने अलग-अलग खातों में कुल 37.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पति को बैंक भेजा तो पत्नी को कर लिया नजरबंद
अगले दिन एक मई को बैंक जाकर उनकी एफडी तोड़ने की बात भी कही गई। वहीं जब अगले दिन वे बैंक जाने लगे तो ठगों ने उनकी पत्नी को वीडियो काॅल पर नजरबंद कर ‘गारंटी’ बनाकर एक कमरे में कैद रहने को मजबूर किया, ताकि बुजुर्ग उनके हर आदेश का पालन करते रहें। ठगों ने दंपति की 30-30 लाख रुपये की दो एफडी तुड़वाने की कोशिश करवाई, लेकिन बैंक अधिकारियों ने अवधि पूरी न होने के कारण मना कर दिया, जिससे बड़ी राशि बच गई।
बेबस अविनाश को ठगों ने हिलने तक नहीं दिया
- बैंक से लौटने के बाद दोपहर को जब अविनाश डिजिटल अरेस्ट थे। तब उनकी पत्नी शशि घर में काम कर रही थीं। इसी दौरान वह फिसलकर गिर गईं और उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई।
- उन्होंने मदद के लिए पति को बुलाया, लेकिन ठगों के चंगुल में फंसे बेबस अविनाश को ठगों ने वहां से हिलने तक नहीं दिया।
- उन्होंने एंबुलेंस बुलाकर पत्नी को भर्ती करवाने के लिए समय मांगा तो आरोपितों ने इस पर भी इनकार कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार अविनाश ने अपनी बेटी-दामाद को बुलाया।
- एसआई अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि बेटी-दामाद के पहुंचने पर ही ठगी की वारदात से पर्दा उठा।
- उनकी शिकायत पर रविवार रात को हबीबगंज पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। उधर पीड़ित अविनाश की पत्नी का मंगलवार को आपरेशन होना है।
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