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डॉ. गरिमा संजय दुबे की 2 नवीन कृतियों का गरिमामय विमोचन
	
		
			
	
	वामा साहित्य मंच के तत्वावधान में इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित भव्य साहित्यिक समारोह में लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे की 2 नवीन कृतियों, कहानी संग्रह (पर छवि कहां समाय एवं ललित निबंध संग्रह) लालित्यं शरणं व्रज का लोकार्पण संपन्न हुआ।
	
	​आयोजन का शुभारंभ इशिता जोशी द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात वामा साहित्य मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन ने स्वागत उद्बोधन में पधारे सुधीजनों का अभिनंदन किया और लेखिका के लेखन को अक्षय तृतीया जैसा अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे के ललित निबंध न तो क्लिष्ट हैं और न ही सरल, बल्कि वे सीधे पाठक के हृदय को प्रभावित करते हैं।
	
	लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे ने अपने आत्मकथ्य के माध्यम से बताया कि उन्हें सदैव श्रेष्ठ गुरुजनों का मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, सास-ससुर और संयुक्त परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि इंदौर शहर अपनी बहुओं के लिए बहुत उदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सदैव वही लिखती हैं जिसे वे स्वयं के जीवन, परिवार और विद्यार्थियों पर लागू कर सकें।
	
	पारिवारिक भावनाओं को साझा करते हुए मनीष व्यास और डॉ. दीपा व्यास ने परिवार की ओर से विचार रखे। उन्होंने परिवार की पाती का वाचन करते हुए लेखिका की पारिवारिक श्रेष्ठता और लेखकीय गुणों की प्रशंसा की।

	​वरिष्ठ साहित्यकार व प्रकाशक पंकज सुबीर ने कहानी संग्रह पर चर्चा के दौरान कहा कि लेखक को समाज एवं राष्ट्र के प्रति त्रिआयामी दृष्टि रखनी चाहिए।
	
	उन्होंने कृति की सराहना करते हुए उसे उच्च स्तरीय पत्रिकाओं के योग्य बताया, साथ ही सचेत किया कि लेखक को तथ्यों की शुद्धता और शीर्षक के चयन में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सुबीर ने जोर दिया कि लेखक को किसी विचारधारा के बजाय सदैव विचार के साथ विपक्ष में खड़ा होना चाहिए। उन्होंने गंभीर लेखन के लिए सोशल मीडिया की अति सक्रियता से दूरी को आवश्यक बताया।
	
	वरिष्ठ कला मनीषी संजय पटेल ने ललित निबंध संग्रह की समीक्षा करते हुए इसे समकालीन साहित्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने मालवी परिवेश में प्रकाशित दोनों पुस्तकों को बेटियों की संज्ञा देते हुए आखातीज पर इनके विमोचन को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद दिया। पटेल ने संग्रह के 21 निबंधों की प्रशंसा की और दुर्वा निबंध को संवेदनाओं एवं जज्बातों का सुंदर संगम बताया।
	
	​वरिष्ठ साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय ने डॉ. दुबे की कृतियों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब मन के भीतर बादलों की तरह उमड़ने वाले भाव अभिव्यक्ति में इंद्रधनुष बनते हैं, तभी सृजन सार्थक होता है। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. दुबे साहित्य में परिक्रमा नहीं बल्कि यात्रा कर रही हैं। उपाध्याय ने इन सात्विक और संप्रेषणीय निबंधों के लिए लेखिका को बधाई दी।
	
	​अतिथियों का स्वागत मदनलाल दुबे, पद्मा राजेंद्र, डॉ. राकेश शर्मा, मनीष व्यास, मनोहर मंजुल, शीला दुबे और डॉ. पद्मा सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रकाशक शहरयार का सम्मान सूर्यकांत नागर ने, सरस्वती वंदना प्रस्तोता का सम्मान अंजना चक्रपाणी मिश्र और कुशल मंच संचालन करने वाली अंतरा करवड़े को वैजयंती दाते ने सम्मानित किया। समारोह में शहर के प्रबुद्ध साहित्यकार और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में डॉ. संजय दुबे ने आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
	Edited By : Chetan Gour

डॉ. गरिमा संजय दुबे की 2 नवीन कृतियों का गरिमामय विमोचन

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	वामा साहित्य मंच के तत्वावधान में इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित भव्य साहित्यिक समारोह में लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे की 2 नवीन कृतियों, कहानी संग्रह (पर छवि कहां समाय एवं ललित निबंध संग्रह) लालित्यं शरणं व्रज का लोकार्पण संपन्न हुआ।
	
	​आयोजन का शुभारंभ इशिता जोशी द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात वामा साहित्य मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन ने स्वागत उद्बोधन में पधारे सुधीजनों का अभिनंदन किया और लेखिका के लेखन को अक्षय तृतीया जैसा अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे के ललित निबंध न तो क्लिष्ट हैं और न ही सरल, बल्कि वे सीधे पाठक के हृदय को प्रभावित करते हैं।
	
	लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे ने अपने आत्मकथ्य के माध्यम से बताया कि उन्हें सदैव श्रेष्ठ गुरुजनों का मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, सास-ससुर और संयुक्त परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि इंदौर शहर अपनी बहुओं के लिए बहुत उदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सदैव वही लिखती हैं जिसे वे स्वयं के जीवन, परिवार और विद्यार्थियों पर लागू कर सकें।
	
	पारिवारिक भावनाओं को साझा करते हुए मनीष व्यास और डॉ. दीपा व्यास ने परिवार की ओर से विचार रखे। उन्होंने परिवार की पाती का वाचन करते हुए लेखिका की पारिवारिक श्रेष्ठता और लेखकीय गुणों की प्रशंसा की।

	​वरिष्ठ साहित्यकार व प्रकाशक पंकज सुबीर ने कहानी संग्रह पर चर्चा के दौरान कहा कि लेखक को समाज एवं राष्ट्र के प्रति त्रिआयामी दृष्टि रखनी चाहिए।
	
	उन्होंने कृति की सराहना करते हुए उसे उच्च स्तरीय पत्रिकाओं के योग्य बताया, साथ ही सचेत किया कि लेखक को तथ्यों की शुद्धता और शीर्षक के चयन में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सुबीर ने जोर दिया कि लेखक को किसी विचारधारा के बजाय सदैव विचार के साथ विपक्ष में खड़ा होना चाहिए। उन्होंने गंभीर लेखन के लिए सोशल मीडिया की अति सक्रियता से दूरी को आवश्यक बताया।
	
	वरिष्ठ कला मनीषी संजय पटेल ने ललित निबंध संग्रह की समीक्षा करते हुए इसे समकालीन साहित्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने मालवी परिवेश में प्रकाशित दोनों पुस्तकों को बेटियों की संज्ञा देते हुए आखातीज पर इनके विमोचन को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद दिया। पटेल ने संग्रह के 21 निबंधों की प्रशंसा की और दुर्वा निबंध को संवेदनाओं एवं जज्बातों का सुंदर संगम बताया।
	
	​वरिष्ठ साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय ने डॉ. दुबे की कृतियों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब मन के भीतर बादलों की तरह उमड़ने वाले भाव अभिव्यक्ति में इंद्रधनुष बनते हैं, तभी सृजन सार्थक होता है। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. दुबे साहित्य में परिक्रमा नहीं बल्कि यात्रा कर रही हैं। उपाध्याय ने इन सात्विक और संप्रेषणीय निबंधों के लिए लेखिका को बधाई दी।
	
	​अतिथियों का स्वागत मदनलाल दुबे, पद्मा राजेंद्र, डॉ. राकेश शर्मा, मनीष व्यास, मनोहर मंजुल, शीला दुबे और डॉ. पद्मा सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रकाशक शहरयार का सम्मान सूर्यकांत नागर ने, सरस्वती वंदना प्रस्तोता का सम्मान अंजना चक्रपाणी मिश्र और कुशल मंच संचालन करने वाली अंतरा करवड़े को वैजयंती दाते ने सम्मानित किया। समारोह में शहर के प्रबुद्ध साहित्यकार और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में डॉ. संजय दुबे ने आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
	Edited By : Chetan Gour

वामा साहित्य मंच के तत्वावधान में इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित भव्य साहित्यिक समारोह में लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे की 2 नवीन कृतियों, कहानी संग्रह (पर छवि कहां समाय एवं ललित निबंध संग्रह) लालित्यं शरणं व्रज का लोकार्पण संपन्न हुआ।

​आयोजन का शुभारंभ इशिता जोशी द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात वामा साहित्य मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन ने स्वागत उद्बोधन में पधारे सुधीजनों का अभिनंदन किया और लेखिका के लेखन को अक्षय तृतीया जैसा अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे के ललित निबंध न तो क्लिष्ट हैं और न ही सरल, बल्कि वे सीधे पाठक के हृदय को प्रभावित करते हैं।

लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे ने अपने आत्मकथ्य के माध्यम से बताया कि उन्हें सदैव श्रेष्ठ गुरुजनों का मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, सास-ससुर और संयुक्त परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि इंदौर शहर अपनी बहुओं के लिए बहुत उदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सदैव वही लिखती हैं जिसे वे स्वयं के जीवन, परिवार और विद्यार्थियों पर लागू कर सकें।

पारिवारिक भावनाओं को साझा करते हुए मनीष व्यास और डॉ. दीपा व्यास ने परिवार की ओर से विचार रखे। उन्होंने परिवार की पाती का वाचन करते हुए लेखिका की पारिवारिक श्रेष्ठता और लेखकीय गुणों की प्रशंसा की।

​वरिष्ठ साहित्यकार व प्रकाशक पंकज सुबीर ने कहानी संग्रह पर चर्चा के दौरान कहा कि लेखक को समाज एवं राष्ट्र के प्रति त्रिआयामी दृष्टि रखनी चाहिए।

उन्होंने कृति की सराहना करते हुए उसे उच्च स्तरीय पत्रिकाओं के योग्य बताया, साथ ही सचेत किया कि लेखक को तथ्यों की शुद्धता और शीर्षक के चयन में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सुबीर ने जोर दिया कि लेखक को किसी विचारधारा के बजाय सदैव विचार के साथ विपक्ष में खड़ा होना चाहिए। उन्होंने गंभीर लेखन के लिए सोशल मीडिया की अति सक्रियता से दूरी को आवश्यक बताया।

वरिष्ठ कला मनीषी संजय पटेल ने ललित निबंध संग्रह की समीक्षा करते हुए इसे समकालीन साहित्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने मालवी परिवेश में प्रकाशित दोनों पुस्तकों को बेटियों की संज्ञा देते हुए आखातीज पर इनके विमोचन को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद दिया। पटेल ने संग्रह के 21 निबंधों की प्रशंसा की और दुर्वा निबंध को संवेदनाओं एवं जज्बातों का सुंदर संगम बताया।

​वरिष्ठ साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय ने डॉ. दुबे की कृतियों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब मन के भीतर बादलों की तरह उमड़ने वाले भाव अभिव्यक्ति में इंद्रधनुष बनते हैं, तभी सृजन सार्थक होता है। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. दुबे साहित्य में परिक्रमा नहीं बल्कि यात्रा कर रही हैं। उपाध्याय ने इन सात्विक और संप्रेषणीय निबंधों के लिए लेखिका को बधाई दी।

​अतिथियों का स्वागत मदनलाल दुबे, पद्मा राजेंद्र, डॉ. राकेश शर्मा, मनीष व्यास, मनोहर मंजुल, शीला दुबे और डॉ. पद्मा सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रकाशक शहरयार का सम्मान सूर्यकांत नागर ने, सरस्वती वंदना प्रस्तोता का सम्मान अंजना चक्रपाणी मिश्र और कुशल मंच संचालन करने वाली अंतरा करवड़े को वैजयंती दाते ने सम्मानित किया। समारोह में शहर के प्रबुद्ध साहित्यकार और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में डॉ. संजय दुबे ने आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
Edited By : Chetan Gour

वामा साहित्य मंच के तत्वावधान में इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित भव्य साहित्यिक समारोह में लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे की 2 नवीन कृतियों, कहानी संग्रह (पर छवि कहां समाय एवं ललित निबंध संग्रह) लालित्यं शरणं व्रज का लोकार्पण संपन्न हुआ।
​आयोजन का शुभारंभ इशिता जोशी द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात वामा साहित्य मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन ने स्वागत उद्बोधन में पधारे सुधीजनों का अभिनंदन किया और लेखिका के लेखन को अक्षय तृतीया जैसा अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे के ललित निबंध न तो क्लिष्ट हैं और न ही सरल, बल्कि वे सीधे पाठक के हृदय को प्रभावित करते हैं।
लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे ने अपने आत्मकथ्य के माध्यम से बताया कि उन्हें सदैव श्रेष्ठ गुरुजनों का मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, सास-ससुर और संयुक्त परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि इंदौर शहर अपनी बहुओं के लिए बहुत उदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सदैव वही लिखती हैं जिसे वे स्वयं के जीवन, परिवार और विद्यार्थियों पर लागू कर सकें।
पारिवारिक भावनाओं को साझा करते हुए मनीष व्यास और डॉ. दीपा व्यास ने परिवार की ओर से विचार रखे। उन्होंने परिवार की पाती का वाचन करते हुए लेखिका की पारिवारिक श्रेष्ठता और लेखकीय गुणों की प्रशंसा की।

​वरिष्ठ साहित्यकार व प्रकाशक पंकज सुबीर ने कहानी संग्रह पर चर्चा के दौरान कहा कि लेखक को समाज एवं राष्ट्र के प्रति त्रिआयामी दृष्टि रखनी चाहिए।
उन्होंने कृति की सराहना करते हुए उसे उच्च स्तरीय पत्रिकाओं के योग्य बताया, साथ ही सचेत किया कि लेखक को तथ्यों की शुद्धता और शीर्षक के चयन में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सुबीर ने जोर दिया कि लेखक को किसी विचारधारा के बजाय सदैव विचार के साथ विपक्ष में खड़ा होना चाहिए। उन्होंने गंभीर लेखन के लिए सोशल मीडिया की अति सक्रियता से दूरी को आवश्यक बताया।
वरिष्ठ कला मनीषी संजय पटेल ने ललित निबंध संग्रह की समीक्षा करते हुए इसे समकालीन साहित्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने मालवी परिवेश में प्रकाशित दोनों पुस्तकों को बेटियों की संज्ञा देते हुए आखातीज पर इनके विमोचन को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद दिया। पटेल ने संग्रह के 21 निबंधों की प्रशंसा की और दुर्वा निबंध को संवेदनाओं एवं जज्बातों का सुंदर संगम बताया।
​वरिष्ठ साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय ने डॉ. दुबे की कृतियों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब मन के भीतर बादलों की तरह उमड़ने वाले भाव अभिव्यक्ति में इंद्रधनुष बनते हैं, तभी सृजन सार्थक होता है। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. दुबे साहित्य में परिक्रमा नहीं बल्कि यात्रा कर रही हैं। उपाध्याय ने इन सात्विक और संप्रेषणीय निबंधों के लिए लेखिका को बधाई दी।
​अतिथियों का स्वागत मदनलाल दुबे, पद्मा राजेंद्र, डॉ. राकेश शर्मा, मनीष व्यास, मनोहर मंजुल, शीला दुबे और डॉ. पद्मा सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रकाशक शहरयार का सम्मान सूर्यकांत नागर ने, सरस्वती वंदना प्रस्तोता का सम्मान अंजना चक्रपाणी मिश्र और कुशल मंच संचालन करने वाली अंतरा करवड़े को वैजयंती दाते ने सम्मानित किया। समारोह में शहर के प्रबुद्ध साहित्यकार और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में डॉ. संजय दुबे ने आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
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Deadspin | Garrett Mitchell providing spark as Brewers eye sweep of Marlins <div id=""><section id="0" class=" w-full"><div class="xl:container mx-0 !px-4 py-0 pb-4 !mx-0 !px-0"><img src="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28761193.jpg" srcset="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28761193.jpg" alt="MLB: Milwaukee Brewers at Miami Marlins" class="w-full" fetchpriority="high" loading="eager"/><span class="text-0.8 leading-tight">Apr 18, 2026; Miami, Florida, USA; Milwaukee Brewers center fielder Garrett Mitchell (5) celebrates after scoring against the Miami Marlins during the sixth inning at loanDepot Park. Mandatory Credit: Sam Navarro-Imagn Images<!-- --> <!-- --> </span></div></section><section id="section-1"> <p>Garrett Mitchell has often been on the injured list since his major league debut in August 2022, but he has been healthy this season as he and the Milwaukee Brewers go for a three-game sweep of the host Miami Marlins on Sunday.</p> </section><section id="section-2"> <p>“I’m just happy with the way he’s staying healthy,” Brewers manager Pat Murphy said of Mitchell, who drew three walks, stole one base and scored one run on Saturday in Milwaukee’s season-high fourth straight win. “He’s responding after bad results.</p> </section><section id="section-3"> <p>“Garrett gives you tough at-bats. He sees a lot of pitches.”</p> </section><section id="section-4"> <p>Mitchell, a 27-year-old Californian with elite tools, was Milwaukee’s first-round pick (No. 20 overall) in 2020. In 18 games this year, he has an .877 OPS, which is on pace to exceed his career high of .832 from 2022. He’s getting regular playing time in part because center fielder Jackson Chourio and DH/outfielder Christian Yelich are on the injured list.</p> </section><section id="section-5"> <p>As for Sunday’s pitching matchup, it will be a battle of two tall right-handers with triple-digit fastballs: Miami’s Eury Perez (1-1, 5.40 ERA) against Jacob Misiorowski (1-1, 3.32).</p> </section><section id="section-6"> <p>Perez, listed at 6-foot-8 and 220 pounds, is 0-1 with a 3.72 ERA in two career starts against the Brewers.</p> </section><section id="section-7"> <p>The Marlins are 3-1 this season when starting Perez, although he has pitched past the fifth inning just once. Perez has elite extension and easy velocity, topping out between 98 and 101 mph. He also has a deadly slider, and his confidence in his other secondary pitches appears to be growing.</p> </section><br/><section id="section-8"> <p>Misiorowski, listed at 6-foot-7 and 201 pounds, has never faced Miami.</p> </section> <section id="section-9"> <p>The Brewers are 2-2 this season when pitching Misiorowski, who has lasted at least five innings in all four of his starts.</p> </section><section id="section-10"> <p>Misiorowski, who reaches 100 mph with his fastball, was Milwaukee’s second-round pick in 2022. He made his major league debut last year, going 5-3 with a 4.36 ERA in 15 games, including 14 starts, and being selected for the All-Star Game. He struck out 87 in 66 innings, showing off some of the most electrifying stuff in MLB.</p> </section><section id="section-11"> <p>This season, he has 33 strikeouts in 21 2/3 innings.</p> </section><section id="section-12"> <p>On Sunday, he will be facing a Marlins squad that has lost seven of their past eight, including a season-high four in a row.</p> </section><section id="section-13"> <p>In Saturday’s 5-2 loss to Milwaukee, the Marlins had eight hits — all singles — and five came after the seventh inning.</p> </section><section id="section-14"> <p>“I wish I had the magic pill to determine which innings we’re going to do it,” Marlins manager Clayton McCullough said. “I think it’s just the ebb and flow of games.</p> </section><section id="section-15"> <p>“You will see times when we cash in with runners in scoring position. And you will see games when we get opportunities, and we just don’t come through.”</p> </section><br/><section id="section-16"> <p>–Field Level Media</p> </section> </div> #Deadspin #Garrett #Mitchell #providing #spark #Brewers #eye #sweep #Marlins

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इंदौर में चलती हुई सीएनजी कार में लगी आग, पांच लोगों ने बाहर कूदकर बचाई अपनी जान

इंटरनेट डेस्क। रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट की आगामी फिल्म लव एंड वॉर की रिलीज डेट का खुलासा हो गया है। संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म लव एंड वॉर 21 जनवरी 2027 को दुनियाभर में रिलीज होगी।

खबरों के अनुसार, लव एंड वॉर को हिंदी, तमिल और तेलुगु में 21 जुलाई 2027 को रिलीज किया जाएगा। इसे संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म बताया जा रहा है। ये देश सबसे बड़ी लव सागा और इंडियन सिनेमा की सबसे शानदार रोमांटिक फिल्मों में से एक बनकर उभर रही है।

दर्शकों की भी इस फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को बार फिर से एक साथ अभिनय देखने को मिलेगा। दोनों कलाकारों ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अभी विशेष पहचान बनाई है। दोनों कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दे चुके हैं।

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Ranbir Kapoor, Vicky Kaushal, Alia Bhatt">अब इस फिल्म में देखने को मिलेगा रणबीर कपूर और आलिया भट्ट का अभिनय, 21 जनवरी को होगी रिलीज   इंटरनेट डेस्क। रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट की आगामी फिल्म लव एंड वॉर की रिलीज डेट का खुलासा हो गया है। संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म लव एंड वॉर 21 जनवरी 2027 को दुनियाभर में रिलीज होगी।

खबरों के अनुसार, लव एंड वॉर को हिंदी, तमिल और तेलुगु में 21 जुलाई 2027 को रिलीज किया जाएगा। इसे संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म बताया जा रहा है। ये देश सबसे बड़ी लव सागा और इंडियन सिनेमा की सबसे शानदार रोमांटिक फिल्मों में से एक बनकर उभर रही है।

दर्शकों की भी इस फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को बार फिर से एक साथ अभिनय देखने को मिलेगा। दोनों कलाकारों ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अभी विशेष पहचान बनाई है। दोनों कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दे चुके हैं।

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अब इस फिल्म में देखने को मिलेगा रणबीर कपूर और आलिया भट्ट का अभिनय, 21 जनवरी को होगी रिलीज   इंटरनेट डेस्क। रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट की आगामी फिल्म लव एंड वॉर की रिलीज डेट का खुलासा हो गया है। संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म लव एंड वॉर 21 जनवरी 2027 को दुनियाभर में रिलीज होगी।

खबरों के अनुसार, लव एंड वॉर को हिंदी, तमिल और तेलुगु में 21 जुलाई 2027 को रिलीज किया जाएगा। इसे संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म बताया जा रहा है। ये देश सबसे बड़ी लव सागा और इंडियन सिनेमा की सबसे शानदार रोमांटिक फिल्मों में से एक बनकर उभर रही है।

दर्शकों की भी इस फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को बार फिर से एक साथ अभिनय देखने को मिलेगा। दोनों कलाकारों ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अभी विशेष पहचान बनाई है। दोनों कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दे चुके हैं।

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खबरों के अनुसार, लव एंड वॉर को हिंदी, तमिल और तेलुगु में 21 जुलाई 2027 को रिलीज किया जाएगा। इसे संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी रोमांटिक ड्रामा फिल्म बताया जा रहा है। ये देश सबसे बड़ी लव सागा और इंडियन सिनेमा की सबसे शानदार रोमांटिक फिल्मों में से एक बनकर उभर रही है।

दर्शकों की भी इस फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को बार फिर से एक साथ अभिनय देखने को मिलेगा। दोनों कलाकारों ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अभी विशेष पहचान बनाई है। दोनों कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दे चुके हैं।

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