‘दांत टूटा, चेहरा सूज गया’ स्प्लिट्सविला 16 की प्रतियोगी प्रीत के साथ हुआ हादसा; बयान किया दर्द भरा किस्सा
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एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sarijuddin
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:28 AM IST
Preet Singh: स्प्लिट्सविला 16 की प्रतियोगी प्रीत ने बताया है कि उनके साथ बड़ा हादसा हो गया है। उन्होंने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करके अपनी हालत दिखाई है।
प्रीत सिंह
– फोटो : इंस्टाग्राम@preetsingh.fit
विस्तार
एमटीवी स्प्लिट्सविला सीजन 16 की प्रतियोगी प्रीत सिंह ने हाल ही में अपने साथ हुए एक हादसे के बारे में बताया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के एक क्लब में उनके साथ मारपीट हुई। इसके बाद उनका एक दांत टूट गया और आंखें सूज गईं।
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एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sarijuddin
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:28 AM IST
Preet Singh: स्प्लिट्सविला 16 की प्रतियोगी प्रीत ने बताया है कि उनके साथ बड़ा हादसा हो गया है। उन्होंने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करके अपनी हालत दिखाई है।
प्रीत सिंह – फोटो : इंस्टाग्राम@preetsingh.fit
विस्तार
एमटीवी स्प्लिट्सविला सीजन 16 की प्रतियोगी प्रीत सिंह ने हाल ही में अपने साथ हुए एक हादसे के बारे में बताया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के एक क्लब में उनके साथ मारपीट हुई। इसके बाद उनका एक दांत टूट गया और आंखें सूज गईं।
इंटरनेट डेस्क। अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल जैसी मल्टी स्टारर कॉमेडी पिक्चर के बाद एक और कॉमेडी फिल्म अजय देवगन लेकर आ रहे है। फिल्म का नाम धमाल 4 है जो एक हिट मल्टी स्टारर कॉमेडी फ्रेंचायजी फिल्म है। धमाल 4 फिल्म का ट्रेलर लोगों को बड़ा पसंद आया था। गाने भी इंटरनेट पर छाए हुए हैं। अब रिलीज से ठीक एक हफ्ते पहले धमाल 4 को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिला है।
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट अनुसार, अजय देवगन की फिल्म धमाल 4 को सेंसर बोर्ड ने यू/ए13 प्लस सर्टिफिकेट दे दिया है। लेकिन इसमें कुछ बदलाव भी करने पड़े थे। फिल्म में जिस भी सीन के अंदर अश्लील हाथ वाले इशारे किए गए थे, उन्हें उन जगह ठीक करके बदल दिया गया, ऐसे करीब 2 सीन्स बताए गए हैं।
वहीं फिल्म में सात जगह अश्लील शब्दों को बदलने के लिए कहा गया था। अच्छी बात ये है कि फिल्म का कोई भी सीन पूरा काटा नहीं गया। बताया जा रहा है कि फिल्म में कुल 9 जगह ऐसे बदलाव किए गए हैं। ये सारे बदलाव करने के बाद, 2 जुलाई को धमाल 4 की टीम को सेंसर सर्टिफिकेट दे दिया गया। फिल्म 10 जुलाई को रिलीज होने जा रही है।
इंटरनेट डेस्क। अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल जैसी मल्टी स्टारर कॉमेडी पिक्चर के बाद एक और कॉमेडी फिल्म अजय देवगन लेकर आ रहे है। फिल्म का नाम धमाल 4 है जो एक हिट मल्टी स्टारर कॉमेडी फ्रेंचायजी फिल्म है। धमाल 4 फिल्म का ट्रेलर लोगों को बड़ा पसंद आया था। गाने भी इंटरनेट पर छाए हुए हैं। अब रिलीज से ठीक एक हफ्ते पहले धमाल 4 को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिला है।
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट अनुसार, अजय देवगन की फिल्म धमाल 4 को सेंसर बोर्ड ने यू/ए13 प्लस सर्टिफिकेट दे दिया है। लेकिन इसमें कुछ बदलाव भी करने पड़े थे। फिल्म में जिस भी सीन के अंदर अश्लील हाथ वाले इशारे किए गए थे, उन्हें उन जगह ठीक करके बदल दिया गया, ऐसे करीब 2 सीन्स बताए गए हैं।
वहीं फिल्म में सात जगह अश्लील शब्दों को बदलने के लिए कहा गया था। अच्छी बात ये है कि फिल्म का कोई भी सीन पूरा काटा नहीं गया। बताया जा रहा है कि फिल्म में कुल 9 जगह ऐसे बदलाव किए गए हैं। ये सारे बदलाव करने के बाद, 2 जुलाई को धमाल 4 की टीम को सेंसर सर्टिफिकेट दे दिया गया। फिल्म 10 जुलाई को रिलीज होने जा रही है।
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Dhamaal 4 CBFC certificate, Dhamaal 4 censor certificate, Dhamaal 4 UA 13+ certificate, Dhamaal 4 CBFC approval">Dhamaal 4: अजय देवगन की धमाल 4 को मिला सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट, जाने कब होगी रिलीज
इंटरनेट डेस्क। अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल जैसी मल्टी स्टारर कॉमेडी पिक्चर के बाद एक और कॉमेडी फिल्म अजय देवगन लेकर आ रहे है। फिल्म का नाम धमाल 4 है जो एक हिट मल्टी स्टारर कॉमेडी फ्रेंचायजी फिल्म है। धमाल 4 फिल्म का ट्रेलर लोगों को बड़ा पसंद आया था। गाने भी इंटरनेट पर छाए हुए हैं। अब रिलीज से ठीक एक हफ्ते पहले धमाल 4 को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिला है।
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट अनुसार, अजय देवगन की फिल्म धमाल 4 को सेंसर बोर्ड ने यू/ए13 प्लस सर्टिफिकेट दे दिया है। लेकिन इसमें कुछ बदलाव भी करने पड़े थे। फिल्म में जिस भी सीन के अंदर अश्लील हाथ वाले इशारे किए गए थे, उन्हें उन जगह ठीक करके बदल दिया गया, ऐसे करीब 2 सीन्स बताए गए हैं।
वहीं फिल्म में सात जगह अश्लील शब्दों को बदलने के लिए कहा गया था। अच्छी बात ये है कि फिल्म का कोई भी सीन पूरा काटा नहीं गया। बताया जा रहा है कि फिल्म में कुल 9 जगह ऐसे बदलाव किए गए हैं। ये सारे बदलाव करने के बाद, 2 जुलाई को धमाल 4 की टीम को सेंसर सर्टिफिकेट दे दिया गया। फिल्म 10 जुलाई को रिलीज होने जा रही है।
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योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 90 दिनों यानी 26 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
Digital identity of farmers in Uttar Pradesh, farmers, digital agriculture system in Uttar Pradesh, Chief Minister Yogi Adityanath, Government of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान, किसान, डिजिटल कृषि व्यवस्था उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, उत्तर प्रदेश समाचार">
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योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 90 दिनों यानी 26 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
Digital identity of farmers in Uttar Pradesh, farmers, digital agriculture system in Uttar Pradesh, Chief Minister Yogi Adityanath, Government of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान, किसान, डिजिटल कृषि व्यवस्था उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, उत्तर प्रदेश समाचार">किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा यूपी, लक्ष्य का 82.69 फीसदी कार्य हुआ पूरा
– योगी सरकार ने गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया पूर्ण
– फार्मर रजिस्ट्री में 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 82.69% कार्य पूरा
– योगी सरकार ने तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए बढ़ाई रफ्तार
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2, 38,72,418 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।
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योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 90 दिनों यानी 26 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
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Digital identity of farmers in Uttar Pradesh, farmers, digital agriculture system in Uttar Pradesh, Chief Minister Yogi Adityanath, Government of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान, किसान, डिजिटल कृषि व्यवस्था उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, उत्तर प्रदेश समाचार
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