×
दूषित पानी पर एमपी सरकार का बड़ा फैसला: अब हर बोरिंग, कुएं और तालाब का बनेगा हेल्थ रिपोर्ट कार्ड

दूषित पानी पर एमपी सरकार का बड़ा फैसला: अब हर बोरिंग, कुएं और तालाब का बनेगा हेल्थ रिपोर्ट कार्ड

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 35 मौतों के बाद मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के पर्यावरण प्लान में बदलाव किए हैं।

Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 10:11:56 AM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 10:11:56 AM (IST)

एमपी के सभी जिलों में होगी जल स्रोतों की गुणवत्ता निगरानी (AI Generated Image)

HighLights

  1. भागीरथपुरा हादसे के बाद नई जल निगरानी व्यवस्था
  2. सभी जल स्रोतों का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड बनेगा
  3. इंदौर में वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल बनेगी

डिजिटल डेस्क, इंदौर। भागीरथपुरा में दिसंबर-जनवरी के दौरान दूषित पानी से 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल स्रोतों की निगरानी और संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। घटना की जांच में इसे दूषित पानी से फैलने वाली महामारी का संकेत माना गया, जिसके आधार पर राज्य के सभी 55 जिलों के डिस्ट्रिक्ट एनवायरनमेंट प्लान में संशोधन किया गया है।

इंदौर में बनेगी वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल

नई व्यवस्था के तहत इंदौर जिले में वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। यह सेल जिले की नदियों, नालों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की नियमित निगरानी करेगी। साथ ही सभी जल स्रोतों का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा और उनकी जियो टैगिंग भी की जाएगी।

9 बिंदुओं पर होगा जल संरक्षण का कार्य

जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और उनके संरक्षण के लिए नौ प्रमुख बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें सतही जल, भूजल और पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों के संरक्षण के साथ-साथ दूषित पानी के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह योजना अगले 12 से 24 महीनों में प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जाएगी।

भागीरथपुरा जांच रिपोर्ट बनी आधार

इंदौर के संशोधित पर्यावरण प्लान में भागीरथपुरा हादसे की विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट को प्रमुख आधार बनाया गया है। रिपोर्ट में इस घटना को जल-जनित आउटब्रेक बताया गया है। जांच के दौरान पानी में ई. कोलाई सहित अन्य दूषित तत्व पाए गए थे। इसी आधार पर सभी जिलों से यह जानकारी मांगी गई है कि जल स्रोतों में सीवरेज और गंदे पानी के मिश्रण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

ये होंगे प्रमुख बदलाव

नई व्यवस्था के तहत जिले की सभी नदियों, तालाबों और प्रदूषित हिस्सों की पहचान की जाएगी। जल स्रोतों की गुणवत्ता के आधार पर हेल्थ रिपोर्ट कार्ड तैयार होंगे। यह कार्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचई और नगर निगम सहित संबंधित एजेंसियां मिलकर करेंगी। दूषित पानी वाले हॉट स्पॉट चिन्हित किए जाएंगे, जिनमें कान्ह और सरस्वती नदी के कई क्षेत्र शामिल हैं।

इन स्थानों पर पहले से हो रही ऑनलाइन निगरानी के साथ सुधार कार्यों को भी गति दी जाएगी। इसके अलावा जल स्रोतों को कचरे और अतिक्रमण से सुरक्षित रखने, भूजल स्रोतों की जियो टैगिंग, वॉटर हार्वेस्टिंग और वॉटर रिचार्जिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का ईवीएन अलर्ट ऐप और ऑनलाइन सिस्टम दूषित पानी से जुड़ी शिकायतों और उनके निवारण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

Source link
#दषत #पन #पर #एमप #सरकर #क #बड #फसल #अब #हर #बरग #कए #और #तलब #क #बनग #हलथ #रपरट #करड

Previous post

If You Have A D+ Cup, Here Are 27 Products You’ll Want To Take A Look At

Next post

LIVE: लोकसभा में पेश हुआ पेपर लीक संशोधन बिल, पेलेट गन पर संसद में बवाल<div id="live_content_data"><p> भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि बहुत दुखद विषय है कि कुछ समय पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जिस प्रकार का ट्वीट किया है, उन्होंने यह कहा है कि पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से फायरिंग की है, मुझे लगता है कि यह ना केवल गैर-जिम्मेदाराना बल्कि यह एक तरह से पाप है। देश में इस प्रकार से हिंसा और अराजकता भड़काने की कोशिश विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे हैं, यह घोर अन्याय है।</p></div>Live news in Hindi, Breaking News Hindi LIVE, 25 july updates, Aaj ki taaja khabar, Latest Hindi News, Breaking news today, world news in hindi, parliament, Breaking News live in hindi, Taza samachar, आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, लेटेस्ट न्यूज, बिग ब्रेकिंग न्यूज, बड़ी खबरें, दिनभर की बड़ी खबरें

Post Comment