नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मोटापा अब केवल खराब लाइफस्टाइल का परिणाम नहीं रहा है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने अनोखी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत अब अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी फिटनेस के मानकों पर खरा उतरना होगा।
कॉलेज प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन पुरुष डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमर 36 इंच से अधिक और महिला कर्मचारियों की कमर 34 इंच से अधिक होगी, उन्हें ओबेसिटी क्लिनिक में इलाज करवाना होगा। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि जब डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ खुद फिट रहेंगे, तभी वे मरीजों को बेहतर तरीके से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर पाएंगे।
देश का पहला शासकीय अस्पताल जहां स्टाफ की फिटनेस पर जोर
दावा किया जा रहा है कि यह देश का पहला ऐसा शासकीय अस्पताल है, जहां कर्मचारियों की फिटनेस को लेकर इस तरह की पहल शुरू की गई है। बता दें कि एमवाय अस्पताल में ओबेसिटी क्लिनिक शुरू किया गया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति आकर इलाज ले सकता है। क्लिनिक के अंतर्गत लाखों रुपये की निःशुल्क बेरिएट्रिक सर्जरी भी की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के सभी आठ अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की जा रही है। यहां डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को ओबेसिटी क्लिनिक में इलाज मिलेगा। क्लिनिक में डाइटिशियन द्वारा संतुलित आहार की सलाह दी जाएगी, साथ ही लाइफस्टाइल में सुधार के तरीके भी बताए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर दवाइयों की मदद से भी वजन नियंत्रित किया जाएगा।
एचओडी करेंगे डॉक्टरों और स्टाफ को चिह्नित
जारी आदेश के मुताबिक हर विभाग के एचओडी (विभागाध्यक्ष) को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे मोटापे से ग्रसित डॉक्टर और स्टाफ की पहचान करें और उन्हें इलाज के लिए क्लिनिक भेजें। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों सहित करीब छह हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
मोटापा भले ही खुद एक बीमारी न हो, लेकिन यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ जरूर है। भारत में भी करीब 20 प्रतिशत लोग मोटापे की ओर बढ़ रहे हैं, जो आने वाले समय में बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकता है। मोटापे से होने वाली प्रमुख बीमारियों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर, जोड़ों में दर्द और स्लीप एपनिया आदि शामिल हैं।
फिट डॉक्टर से समाज में जाएगा अच्छा संदेश
मोटापे से बचाव के लिए रोजाना 30 मिनट व्यायाम, संतुलित आहार, जंक फूड से दूरी, पर्याप्त नींद और योग जरूरी है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डा. अरविंद घनघोरिया के अनुसार, ‘ओबेसिटी क्लिनिक में अब अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों का भी इलाज किया जाएगा। ताकि अस्पताल में डॉक्टर फिट रहेंगे तो समाज तक अच्छा संदेश पहुंचेगा। मोटापा कई बीमारियों की जड़ है। मोटापे पर समय रहते नियंत्रण पा लिया जाए तो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दिल से जुड़ी बीमारियों के मामलों में काफी कमी आ सकती है।’
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