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लड़कों को रात 10 बजे तक की छूट, लड़कियों पर 8 बजे की पाबंदी, छात्राओं ने भेदभाव को लेकर की शिकायत

लड़कों को रात 10 बजे तक की छूट, लड़कियों पर 8 बजे की पाबंदी, छात्राओं ने भेदभाव को लेकर की शिकायत

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में होस्टल की व्यवस्था को लेकर छात्रा ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। जहां छात्रावास की व्यवस्थाओं और वार्डन के र…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 11:12:13 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 11:12:13 AM (IST)

रात में होस्टल में छात्राओं के प्रवेश को लेकर की शिकायत। (एआई इमेज)

HighLights

  1. गर्ल्स-ब्वॉयज होस्टल में रात को प्रवेश बंद करने का अलग-अलग समय
  2. सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत, छात्र-छात्राओं के बीच भेदभाव का लगाया आरोप
  3. छात्रा किसी कारणवश कुछ मिनट भी देर से पहुंचती है तो उसे होस्टल में प्रवेश देने में परेशान किया जाता है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में होस्टल की व्यवस्था को लेकर छात्रा ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। जहां छात्रावास की व्यवस्थाओं और वार्डन के रवैए को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कमला नेहरू होस्टल की छात्रा का कहना है कि होस्टल में मनमाने नियम लागू किए गए है। इससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग नियम बनाकर भेदभाव किया जा रहा है।

हेल्पलाइन पर छात्रा ने शिकायत में यह कहा कि लड़कियों के लिए हास्टल में प्रवेश का समय रात 8 बजे निर्धारित किया गया है। यदि कोई छात्रा किसी कारणवश कुछ मिनट भी देर से पहुंचती है तो उसे हास्टल में प्रवेश देने में अनावश्यक परेशान किया जाता है। वहीं लड़कों के होस्टल में प्रवेश का समय रात 10 बजे तक का रखा है। छात्राओं का कहना है कि जब दोनों ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं तो उनके लिए अलग-अलग नियम क्यों बनाए गए हैं? उनका मानना है कि सुरक्षा के नाम पर छात्राओं की स्वतंत्रता पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं

छात्रा ने होस्टल की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाएं है। होस्टल में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब है। कई बार समय पर सफाई नहीं होती, जिससे गंदगी का माहौल बना रहता है। जबकि विश्वविद्यालय में सफाई व्यवस्था संभाल रही कामधेन एजेंसी को लेकर कई बार शिकायत हो चुकी है।

होस्टल से कचरा नहीं उठता है। विश्वविद्यालय ने कई बार एजेंसी को नोटिस भी थमा दिया है। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सुपरवाइजर विजय शंकर तिवारी का कहना है कि सफाईकर्मियों की काफी कमी है। कैंपस का काम होने के बाद होस्टल से कचरा उठाया जाता है।

खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं

सफाई के अलावा होस्टल में खाने की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। कई बार मेस के खाने को लेकर शिकायत की गई है। वहीं पीने के पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। छात्रा का आरोप है कि वार्डन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुनतीं और कई बार नियमों के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।

छात्राओं की सुरक्षा जरूरी

गर्ल्स और ब्वॉयज होस्टल के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए है। सुरक्षा का ध्यान रखते हुए होस्टल में रात आठ बजे तक छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है। जबकि छात्रों के लिए होस्टल में रात 10 बजे बाद प्रवेश बंद रहता है। वैसे अभी शिकायत चीफ वार्डन कार्यालय को नहीं मिली है। हालांकि छात्रा से चर्चा की जाएगी। -डॉ. जीएल प्रजापति, चीफ वार्डन, डीएवीवी

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