राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक बुधवार को समाप्त होने के बाद गुरुवार को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रांत प्रचारकों के साथ चर्चा की।
HighLights
- इंदौर में डॉ. भागवत और होसबाले ने प्रांत प्रचारकों के साथ की चर्चा
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरसंघचालक और सरकार्यवाह से की चर्चा
- समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता की जानकारी साझा की गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक बुधवार को समाप्त होने के बाद गुरुवार को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रांत प्रचारकों के साथ चर्चा की। इसमें शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के माध्यम से संघ से जुड़े प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को समवैचारिक संगठनों से जोड़े रखने पर चर्चा हुई।
दोपहर में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी डेली कॉलेज स्थित बैठक स्थल पर पहुंचे। वह यहां करीब एक घंटे रुके और सरसंघचालक एवं सरकार्यवाह से चर्चा की। इस अवसर पर आयोजित भोज में भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता की जानकारी साझा की गई
प्रांत प्रचारकों के साथ चर्चा में शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और उनमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता की जानकारी साझा की गई। जिला केंद्रों और अन्य प्रमुख स्थानों पर 3207 प्रमुख जन गोष्ठियां आयोजित की गई थीं। इनमें चार लाख 29 हजार 262 प्रमुख समाजजन शामिल हुए थे।
युवाओं और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए 57 हजार 243 कार्यक्रम किए गए
वहीं, युवाओं और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए 57 हजार 243 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कुल 31 लाख 26 हजार 404 विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। शाखाओं के विस्तार के साथ ही इन कार्यक्रमों के माध्यम से जुड़े लोगों का जुड़ाव बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। शुक्रवार को क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद दोपहर से देशभर से आए केंद्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे प्रतिनिधियों के लौटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
हिंदू सम्मेलन और गृह संपर्क से भी जुड़े लोग
शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित हिंदू सम्मेलनों और गृह संपर्क अभियान से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इन लोगों को आगे भी संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़े रखने की रणनीति पर बैठक में चर्चा हुई। हिंदू सम्मेलनों में 4,93,76,694 समाजजन शामिल हुए, जिनमें सवा दो करोड़ से अधिक मातृशक्ति की सहभागिता उल्लेखनीय रही।
अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और अंडमान जैसे स्थानों पर भी हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त गृह संपर्क अभियान भी चलाया गया। इसके तहत संघ के कार्यकर्ताओं की टोलियां कुल 4 लाख 63 हजार 340 गांवों और 41 हजार 825 नगरीय बस्तियों में संपर्क के पहुंची थीं।
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