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संपदा 2.0 की बड़ी गड़बड़ी, गलत ऑनलाइन मैपिंग से अटक रजिस्ट्रियां; परेशान हो रहे संपत्ति खरीदार

संपदा 2.0 की बड़ी गड़बड़ी, गलत ऑनलाइन मैपिंग से अटक रजिस्ट्रियां; परेशान हो रहे संपत्ति खरीदार

संपदा 2.0 की गलत ऑनलाइन मैपिंग से इंदौर में रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। गलत लोकेशन दर्ज होने से गाइडलाइन दरें बदल रही हैं और संपत्ति मालिक…और पढ़ें

Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 01:26:00 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 01:26:00 PM (IST)

संपदा 2.0 की बड़ी गड़बड़ी। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. गलत मैपिंग से रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगातार बाधाएं सामने आ रहीं।
  2. कई कॉलोनियों की ऑनलाइन लोकेशन गलत दर्ज हो गई।
  3. गलत गाइडलाइन दर से रजिस्ट्री शुल्क में बदलाव हो रहा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। संपदा 2.0 साफ्टवेयर पर की गई आनलाइन मैपिंग की गड़बड़ी अब शहर में रजिस्ट्री कराने वालों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई कालोनियों की लोकेशन गलत दर्ज होने से संपत्तियों की गाइडलाइन दरें बदल रही हैं और रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

सर्विस प्रोवाइडर द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया करने के दौरान आनलाइन लोकेशन गलत आ रही है और पोर्टल पर गलत लोकेशन के कारण दस्तावेज प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग सुधार के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं।

जल्दबाजी में हुई मैपिंग, अब भुगत रहे लोग

संपदा 2.0 की शुरुआत से पहले पूरे जिले की आनलाइन मैपिंग कराई थी। इसके लिए पंजीयन कार्यालय को प्रतिदिन लक्ष्य दिया था। जल्दबाजी में काम पूरा करने और पूरे क्षेत्र की जानकारी नहीं होने से कई कालोनियों की मैपिंग गलत क्षेत्र में दर्ज हो गई। कुछ कालोनियों का पूरा हिस्सा दूसरी लोकेशन में चला गया, जबकि कई जगह आधी कालोनी एक क्षेत्र और आधी दूसरे क्षेत्र में दर्ज हो गई।

गलत लोकेशन से बदल रही गाइडलाइन दर

इसका असर रजिस्ट्री में सामने आ रहा है। पोर्टल पर संपत्ति की वास्तविक लोकेशन की जगह दूसरे क्षेत्र का नक्शा खुलने से संबंधित क्षेत्र की गाइडलाइन दर लागू हो रही है। इससे रजिस्ट्री शुल्क में भी बदलाव हो रहा है और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं हो पा रहा है। बिचौली मर्दाना स्थित श्री अग्रवाल नगर कालोनी का एक हिस्सा श्री अग्रवाल नगर व दूसरा दुर्गानगर मूसाखेड़ी की लोकेशन में दिखाई दे रहा है। जबकि पूरा क्षेत्र श्री अग्रवाल नगर का ही हिस्सा है।

597 लोकेशन की हुई मर्जिंग

जिले में वर्तमान में 4579 लोकेशन पर दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 597 लोकेशन को मर्ज कर नई बनाई थी। इससे संपदा 2.0 साफ्टवेयर में मर्ज लोकेशनों की मैपिंग आसान हुई है।

सुधार में लग रहे चार से पांच दिन

गलत लोकेशन के मामले आ रहे हैं। इससे भूखंड और मकानों की आनलाइन मैपिंग में परेशानी आ रही है। आवेदन लेकर सुधार कराया जा रहा है। सुधार होने के बाद संबंधित संपत्ति की सही लोकेशन साफ्टवेयर पर अपडेट हो रही है।

मंजुला पटेल, वरिष्ठ जिला पंजीयक

भोपाल होता है तकनीकि सुधार

  • गलत लोकेशन सुधारने के लिए लगातार आवेदन पंजीयन कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद उन्हें भोपाल भेजा जाता है, जहां तकनीकी स्तर पर सुधार किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में चार से पांच दिन का समय लग रहा है, जिसके कारण रजिस्ट्री का काम भी प्रभावित हो रहा है।
  • अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश स्थानों पर सुधार कर दिया गया है। शेष स्थानों पर सुधार आवेदन आने पर कराया जा रहा है।

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