केंद्र सरकार देशभर में एक नए और एडवांस्ड Public Wi-Fi सिस्टम पर काम कर रही है। यह कदम PM-WANI योजना की सीमित सफलता से सबक लेते हुए उठाया जा रहा है। सरकार का मकसद यूजर्स के लिए पब्लिक Wi-Fi को ज्यादा आसान, सुरक्षित और उपयोगी बनाना है।
नए सिस्टम के तहत यूजर्स को अब हर Wi-Fi हॉटस्पॉट पर अलग-अलग OTP के जरिए लॉगिन नहीं करना पड़ेगा। एक बार OTP या पासवर्ड के जरिए लॉगिन करने के बाद यूजर देशभर में मौजूद लगभग 4 लाख सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट्स का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इस दिशा में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है और लोगों से सुझाव मांगे हैं।
UPI और डिजिटल पेमेंट होंगे ज्यादा सुरक्षित
सरकार इस नए पब्लिक Wi-Fi फ्रेमवर्क में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए ‘Wi-Fi प्रोटेक्टेड एक्सेस 3 (WPA3)’ जैसे आधुनिक सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू किए जाएंगे।
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इससे भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे साइबर फ्रॉड और डेटा चोरी जैसी घटनाओं पर भी कुछ हद तक रोक लग सकेगी।
सरकार क्यों बदल रही है पुराना मॉडल?
TRAI के कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक मौजूदा पब्लिक Wi-Fi मॉडल इसलिए सफल नहीं हो पाया क्योंकि यह लोगों की जरूरत का हिस्सा नहीं बन सका। साथ ही इससे ऑपरेटर्स को कोई मजबूत कमाई का जरिया भी नहीं मिला।
इसी वजह से सरकार अब ऐसा मॉडल तैयार करना चाहती है जिससे ऑपरेटर्स को भी कमाई हो सके। इसके लिए विज्ञापन आधारित मॉडल, पेड प्लान्स और सब्सिडी यानी वायाबिलिटी गैप फंडिंग जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
गांवों में मिलेगा सस्ता कम्यूनिटी Wi-Fi
नई योजना के तहत शहरों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में कम लागत वाला ‘कम्यूनिटी Wi-Fi’ मॉडल लागू किया जाएगा। भारत की करीब 140 करोड़ आबादी में फिलहाल केवल 2 प्रतिशत लोग ही पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं।
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वहीं दक्षिण कोरिया में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत, अमेरिका में 70 प्रतिशत, यूरोप और चीन में 60 प्रतिशत और इंग्लैंड में करीब 50 प्रतिशत है। सरकार का मानना है कि नया फ्रेमवर्क इंटरनेट एक्सेस बढ़ाने के साथ मोबाइल नेटवर्क पर बढ़ते डेटा लोड को भी कम करेगा।
सस्ते इंटरनेट से मजबूत होगी डिजिटल इंडिया की नींव
पब्लिक Wi-Fi से न केवल कनेक्टिविटी की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी। खासकर उन लोगों के लिए यह काफी मददगार होगा जो महंगे मोबाइल डेटा प्लान अफोर्ड नहीं कर पाते।
वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड सर्विस और AI आधारित सेवाओं जैसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल वाले कामों के लिए Wi-Fi बेहतर विकल्प साबित होता है। इसके अलावा ई-गवर्नेंस जैसी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में भी इसकी अहम भूमिका होगी।
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