ऐतिहासिक धरोहर लालबाग पैलेस परिसर में चार चांद और लगने वाले हैं। अतीत की इस स्वर्णिम विरासत में विकास के पंख लगने जा रहे हैं। जहां न केवल हरियाली बढ़ा…और पढ़ें
HighLights
- बाउंड्रीवाल, पार्किंग, गार्डन, सड़क, साइकिल ट्रैक सहित अन्य निर्माणों से पर्यटकों को मिलेगी सुविधाएं
- ऐतिहासिक धरोहर लालबाग पैलेस परिसर में चार चांद और लगने वाले हैं
- यहां न केवल हरियाली बढ़ाई जा रही है, बल्कि मनोरंजन की भी खास व्यवस्था पर्यटकों के लिए रहेगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। ऐतिहासिक धरोहर लालबाग पैलेस परिसर में चार चांद और लगने वाले हैं। अतीत की इस स्वर्णिम विरासत में विकास के पंख लगने जा रहे हैं। जहां न केवल हरियाली बढ़ाई जा रही है, बल्कि मनोरंजन की भी खास व्यवस्था पर्यटकों के लिए रहेगी।
कला का मेला तो यहां होगा पर मेलों का रेला नहीं होगा। पैलेस में विकास कार्यों को भी अतीत की रंगत के अनुरूप सजाया जा रहा है। शहर में विकास की नई इबारत और धरोहर को सहेजने-संवारने की सौगात जल्द ही यहां के गौरव में जुड़ जाएगी और इस पर न केवल स्वीकृति की मोहर भी लग चुकी है, बल्कि विकास कार्य तेज गति से जारी है।
होलकर राजवंश द्वारा बनवाए गए इस लालबाग को संवारने के लिए प्रदेश सरकार भी गंभीर हो चुकी है। सिंहस्थ के पहले लालबाग के विकास कार्य पूरे करने के लिए 47.59 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं। इसके तहत लालबाग परिसर के अंदर पार्किंग, गार्डन, साइकिल ट्रैक सहित अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। साथ ही सुंदरता के लिए हरियाली भी बढ़ाई जाएगी। केसरबाग रोड के बाहर बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य लाल पत्थरों से किया जा रहा है। पिछली बार लोहे के सरिये लगाए गए थे, जो आसपास के रहवासी उखाड़कर ले गए थे।
लाल पत्थरों का उपयोग करके बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है
इस बार लाल पत्थरों का उपयोग करके बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। केसरबाग रोड पर बाउंड्रीवाल का काम पूरा होने के बाद सामने वाले हिस्से में बाउंड्रीवाल का काम शुरू होगा। वहीं, पुराने द्वार पर यातायात की समस्या को देखते हुए उसका उपयोग सिर्फ वीआइपी मेहमानों के लिए ही रहेगी। केसरबाग रोड पर एक द्वार बनाया गया है। इससे ही लालबाग पैलेस में पर्यटक आवागमन कर सकेंगे। साथ ही एमफीथियेटर, गार्डन कैफे, फव्वारे, साइकिल ट्रैक और वीकली हाट की खास व्यवस्था रहेगी। खासबात यह है कि ये सभी कार्य प्रकृति और ऐतिहासिक संरचना को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मौका
लालबाग में एम्फीथियेटर भी बनाया जाएगा। इस एमपी थियेटर में स्थानीय कलाकारों को प्रस्तुति देने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए यहां बाकायदा स्टेज भी बनाया जाएगा। यह थियेटर ओपन थियेटर की तरह होगा जिसमें बैठक व्यवस्था पत्थरों से बनी बैंच पर जाएगी। इसकी क्षमता 500 दर्शकों की होगी। इसके अलावा आसपास घास और बगीचा भी होगा ताकि जिन्हें बैंच न मिल पाए वे घास पर बैठकर भी आयोजन का लुत्फ ले सकें।
मेला नहीं, हाट लगेगा यहां
लालबाग में अभी तक जो वृहद स्तर पर मेले लगते आ रहे थे अब उन पर प्रतिबंध लग जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इन मेलों से पुरातत्व की इस धरोहर को क्षति पहुंच रही थी। यहां होने वाले विकास कार्य में मेलों को नहीं लेकिन कैफे का आनंद ले सकेंगे। लालबाग देखने आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रख कैफे भी शुरू किया जाएगा। इसे इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि लोग अंदर बैठकर भी व्यंजनों का लुत्फ ले सकें और जिन्हें प्राकृतिक परिवेश में जायके का आनंद लेना हो उनकी ख्वाहिश भी पूरी हो सके। इस कैफे का एक भाग वातानुकूलित होगा। इसमें वरांडा भी होगा जहां भी बैठक व्यवस्था होगी और पूल के समीप भी
वीकली हाट के कंसेप्ट को जरूर स्थान दिया है। इसके तहत विशेष जोन बनाएंगे जहां अस्थायी केनोपी लगाकर स्थानीय कलाकारों को कलाकृतियां प्रदर्शित कर उसके प्रशंसकों तक पहुंचाने का अवसर दिया जाएगा। अर्बन सिस्टम इंडिया प्रा.लि. के आर्किटेक्ट पुनित सोहल के अनुसार लालबाग में होने वाले यह तमाम विकास कार्य पैलेस की मूल संरचना के अनुरूप होंगे। पूर्व में बनी इमारत में जिस तरह की शैली, पत्थर और रंग संयोजन को शामिल किया गया है उन्हीं बातों को अब नवीन कार्यों में भी ध्यान रखा जाएगा ताकि नवीन संरचना पुरानी संरचना से अलग नजर नहीं आए। एमपी थियेटर, कैफे और वीकली हाट में इन्हीं बातों का ध्यान रखा गया है।
Lalbagh Palace Indore: जहां से चली हुकूमत, निखर रही उस पैलेस की सूरत
Source link
#सहसथ #स #पहल #इदर #म #ललबग #परसर #क #वकस #करय #म #आई #तज #बढ #रह #हरयल #मनरजन #क #सधन #भ #हग



Post Comment