सीएम विजय की ‘सरकार’ के पुलिस ने फाड़े थे पोस्टर, मुरुगदास ने बताया कैसे विरोध के बीच रिलीज हुई थी फिल्म?
अभिनेता से राजनीति में आए और मुख्यमंत्री बने थलापति विजय ने आज तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। अब सभी की नजरें विजय के शासन के कामों पर हैं, क्योंकि विजय ने कई बड़े वादे भी किए हैं और युवाओं ने उन पर भरोसा करके उन्हें चुना है। विजय इससे पहले कई फिल्मों में भी अपनी राजनीतिक सोच को दिखा चुके हैं। उनकी इसी तरह की एक फिल्म है साल 2018 में आई ‘सरकार’।
इस फिल्म में एक्टर से राजनेता बनने तक के उनके वास्तविक जीवन के सफर से काफी समानताएं दिखाई गई हैं। अब फिल्म के निर्देशक एआर मुरुगदास ने फिल्म की रिलीज के वक्त हुए विवादों को याद किया। उन्होंने बताया कि यह फिल्म विवादों और विरोध प्रदर्शनों से घिरे तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में रिलीज हुई थी।
फिल्म के पोस्टर फाड़े, पुलिस ने हमारा पीछा किया
जय की फिल्म ‘सत्तेंद्रु मारुधु वानीलाई’ के प्री-रिलीज इवेंट के दौरान एआर मुरुगदास ने ‘सरकार’ की रिलीज के समय हुई घटनाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि जब ‘सरकार’ रिलीज हुई, तो कई पोस्टर फाड़ दिए गए थे। वह बहुत मुश्किल समय था। पुलिस हमारा पीछा कर रही थी।
उस समय दिग्गज निर्माता-निर्देशक बाबू विजय और मैं सुरक्षित गाड़ियों में निकलते थे। वह गाड़ी चला रहे थे और मैं उनके बगल में बैठा था। हम काशी थिएटर पहुंचे और मैंने देखा कि पुलिस हमारे बैनर फाड़ रही थी। उस दिन मैं बहुत रोया था। उस तनावपूर्ण समय में भी बाबू विजय ने मेरी बहुत मदद की। मेरे साथ काम करने वाले लगभग 12 लोग निर्देशक बन चुके हैं। बाबू विजय की तरक्की देखकर मुझे बहुत खुशी होती है।


Post Comment