गुजरात में सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक आयोजन सोमनाथ अमृतपर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पहली बार मंदिर के भव्य शिखर पर विशेष कलश से देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा, जो सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इस आयोजन के साक्षी बनेंगे। विशेष रूप से तैयार करीब आठ फीट ऊंचे कलश की क्षमता 1100 लीटर की है। इसकी पूरी संरचना का वजन 1860 किलोग्राम है, जिसमें स्वयं कलश का वजन 760 किलोग्राम है। इतना विशाल और तकनीकी रूप से उन्नत कलश अपने आप में एक अद्भुत इंजीनियरिंग का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री मोदी समेत ये हस्तियां होंगी शामिल
पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा, देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए सोमनाथ पहुंच रहे हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में कुंभाभिषेक का रिहर्सल भी हुआ है। इस महापर्व के लिए सोमनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया है। भव्य आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
महज तीन मिनट में शिखर पर कलश स्थापित होगा
अधिकारियों ने बताया, महीनों की मेहनत के बाद इस कलश को तैयार किया है। 90 मीटर ऊंची क्रेन की सहायता से इस विशाल कुंभ को मंदिर के शिखर तक सावधानीपूर्वक पहुंचाया जाएगा।अत्याधुनिक रिमोट कंट्रोल प्रणाली और सेंसर सिस्टम की सहायता से महज तीन मिनट में शिखर पर स्थापित कलश से वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच 11 पवित्र तीर्थों के पवित्र जल से शिखर अभिषेक संपन्न होगा। यह दृश्य आस्था, विज्ञान और पंरपरा के साथ इतिहास का अनूठा संगम दिखेगा।
दक्षिण भारतीय परंपरा को अपनाया गया
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिखर कुंभाभिषेक दक्षिण भारत के मंदिरों में 10 से 12 वर्षों के अंतराल पर आयोजित किया जाता है। लेकिन सोमनाथ मंदिर में यह आयोजन पहली बार हो रहा है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ गई है।
अन्य वीडियो
Source link
#समनथ #अमतपरव #पहल #बर #शखर #पर #पवतर #तरथ #क #जल #स #हग #कभभषक #आयजन #क #सकष #बनग #मद



Post Comment