शहर का हर चौथा स्टार्टअप किसी न किसी रूप में महिला नेतृत्व से जुड़ा हुआ है। नेशनल लेवल पर महिला फाउंडर्स की हिस्सेदारी 18 से 20 प्रतिशत के आसपास है। इ …और पढ़ें
HighLights
- शहर में 1400 से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं, इनमें से 300 स्टार्टअप की कमान महिलाओं के हाथ में है
- नेशनल लेवल पर महिला फाउंडर्स की हिस्सेदारी 18 से 20 प्रतिशत के आसपास है
- पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं का रुझान जॉब के बजाए अपना व्यवसाय शुरू करने की ओर तेजी से बढ़ा है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश के सबसे तेजी से उभरते स्टार्टअप वाले शहरों में शामिल इंदौर अब वुमन आंत्रप्रेन्योरशिप का भी बड़ा केंद्र बन गया है। शहर में 1400 से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 300 स्टार्टअप की कमान महिलाओं के हाथ में है।
शहर का हर चौथा स्टार्टअप किसी न किसी रूप में महिला नेतृत्व से जुड़ा हुआ है
शहर का हर चौथा स्टार्टअप किसी न किसी रूप में महिला नेतृत्व से जुड़ा हुआ है। नेशनल लेवल पर महिला फाउंडर्स की हिस्सेदारी 18 से 20 प्रतिशत के आसपास है। इसमें इंदौर में यह आंकड़ा इससे अधिक है। वुमन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की फाउंडर श्रेष्ठा गोयल का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं का रुझान जॉब के बजाए अपना व्यवसाय शुरू करने की ओर तेजी से बढ़ा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्टार्टअप इकोसिस्टम, निवेशकों तक पहुंच और मेंटरशिप कार्यक्रमों से इस बदलाव को नई गति मिल रही है।
फूड, फैशन, ब्यूटी सेक्टर पसंद
प्रो. डॉ. जानवी चंदवानी बताती हैं कि इंदौर की बात करें तो महिलाओं ने फूड, फैशन, ब्यूटी, हेल्थ, एजुकेशन और ऑनलाइन कारोबार में मजबूत पहचान बना रही है। सबसे बड़ी हिस्सेदारी फूड और बेकरी सेक्टर में है। करीब 30 प्रतिशत महिलाएं इसमें सक्रिय हैं। इसके बाद फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल सेक्टर में 25 प्रतिशत, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन रिटेल में 15 प्रतिशत, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट में 10 प्रतिशत, हेल्थ एवं वेलनेस में 10 प्रतिशत और हैंडीक्राफ्ट, इवेंट्स क्षेत्रों में 10 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही हैं।
ये हैं शहर के सक्सेस वुमन स्टार्टअप
डॉ. प्रियंका मोक्षमार टेक्नोलॉजी सेक्टर में पहचान बना रही हैं। उनका स्टार्टअप वायु एनर्जी बचाने पर काम कर रहा है। इनका हाईब्रिड कूलिंग सिस्टम पारंपरिक एयर कंडीशनर की तुलना में काफी कम बिजली खपत के साथ कूलिंग प्रदान कर रहा है। 2015 में इसे शुरू किया था और फीफा वर्ल्ड कप तक में इनके एयर कंडीशनर उपयोग किए जा रहे हैं।
शहर की साक्षी बादले सुरक्षित ट्रैवल अनुभव देने का काम कर रही हैं। उनके स्टार्टअप ने इंदौर से यह सर्विस शुरू की थी और इस समय देश के कई शहरों में वे खासकर महिलाओं को विभिन्न जगह यात्रा कराने का काम कर रही हैं। शहर का स्टार्टअप ट्यूटर केबिन ऑनलाइन एजुकेशन देने का काम कर रहा है। इसकी फाउंडर नेहा मुजावदिया ने इसकी शुरुआत 2018 में की थी। कोविड में इसकी डिमांड बहुत तेजी से बढ़ गई थी और अब देश के साथ ही विदेश के कई स्टूडेंट्स को भी वे शिक्षा प्रदान कर रही हैं।
60 लाख तक की पिचिंग ग्रांट मिल रही है
इंदौर की जिन महिला स्टार्टअप को बाहरी संस्थागत फंडिंग मिली है, उन्हें राज्य सरकार द्वारा 60 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट दी जा चुकी है। स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के तहत देशभर की महिला स्टार्टअप के लिए 294 करोड़ स्वीकृत है। इसमें से आईआईटी इंदौर और एसजीएसआईटीएस के माध्यम से महिला स्टार्टअप को 20 लाख से 50 लाख तक का फंड मिल चुका है। कई महिलाओं के स्टार्टअप को व्यक्तिगत फंडिंग पांच साल में 100 करोड़ से ज्यादा की मिल चुकी है।
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