नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने और दुनिया को भारत की खूबसूरती दिखाने का सपना लेकर नीदरलैंड के एम्स्टर्डम से भारत आया एक युवा, पिछले पांच माह से देश के अलग-अलग शहरों में बेबसी की जिंदगी जी रहा था। मुंबई में बॉलीवुड में उसे काम नहीं मिला, जिससे उसका सपना टूट गया।
सामान चोरी और आर्थिक तंगी ने युवक को सड़कों पर रातें गुजारने पर भी मजबूर कर दिया। जब सारी उम्मीदें खत्म होती दिख रही थीं, तब इंदौर ने उसका हाथ थाम लिया। इंदौर की सड़कों पर मदद मांगते हुए मिले नीदरलैंड के नागरिक लुसियानो पेल्लेग्रिनी को गुरुवार को इंदौर से अपने देश एम्स्टर्डम भेजा गया। हवाई टिकट संस्था महाकाल सहित अन्य समाजसेवियों ने मिलकर करवाई।
खंडवा रोड पर बेबस बैठे विदेशी युवक की ऐसे हुई मदद
दरअसल चार जून की रात को लुसियानो खंडवा रोड पर बैठा था, तभी वहां से गुजर रहे इन्फ्लुएंसर अंश तिवारी ने उसे देखा। बातचीत की तो पता चला कि उसके पास रहने और खाने की व्यवस्था नहीं है। इसके बाद रहने के लिए होटल और खाने की व्यवस्था करवाई। इसके बाद सामाजिक संस्था के पास युवक को लेकर पहुंचे।
जय्यु जोशी ने बताया कि लुसियानो की हवाई यात्रा के लिए टिकट बुक समाजसेवियों की मदद से करवाई है। इंदौर से गुरुवार को रात 10.20 बजे फ्लाइट है जो मुंबई होते हुए शुक्रवार को 11.15 बजे एम्स्टर्डम पहुंचेगी। इसके लिए करीब 34000 रुपये का टिकट हुआ है। युवक के पास जुलाई तक का वीजा है।
अभिनेता बनने के लिए दोस्तों से उधार लिए थे पैसे
लुसियानो ने बताया कि भारत में वह अभिनेता बनने के सपने के साथ आया था, यहां आने के लिए उसने दोस्तों से रुपये उधार लिए थे। लेकिन मुंबई पहुंचने के बाद जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। कई कास्टिंग एजेंसियों के चक्कर लगाने के दौरान सामान भी चोरी हो गया। वहां लोगों से मदद मांगी, लेकिन नहीं मिली।
इसके बाद मदद की तलाश में वह दिल्ली पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे कोई सहारा नहीं मिला। इसके बाद वह इंदौर पहुंचा, लेकिन यहां आने के बाद भी उसकी परेशानियां खत्म नहीं हुईं। जेब खाली थी और सिर पर छत नहीं थी। कई दिन उसने सड़कों पर गुजारे, भाषा की समस्या अलग थी। ऐसे में इंदौरियों ने उसकी स्थिति को समझा और मदद के लिए आगे आए।
भारतीय खाना नहीं जमेगा सोचकर खिलाया पसंदीदा भोजन
महाकाल संस्था सहित अन्य समाजसेवियों ने लुसियानो का अतिथि सत्कार किया। उसे होटल में ठहराने से लेकर भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की। भारतीय भोजन से सामंजस्य बैठाने में कठिनाई होने पर उसकी पसंद के अनुसार पिज्जा, बर्गर और अन्य भोजन भी उपलब्ध करवाया गया। लुसियानो बार-बार यही कहता रहा कि कठिन परिस्थितियों के बीच इंदौर ने उसे इंसानियत का असली चेहरा दिखाया।
कलेक्टर के मार्गदर्शन और पुलिस सत्यापन के बाद किया रवाना
मामले की जानकारी मिलने के बाद महाकाल संस्था के जय्यु जोशी और करीम खान ने जिला प्रशासन से संपर्क किया। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में करीब 35 हजार रुपए की लागत से हवाई टिकट और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गईं।
विदेशी नागरिक होने के कारण उसकी यात्रा से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और पुलिस सत्यापन की सभी कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की गईं।
विदाई में नए कपड़े और इंदौर की प्रसिद्ध सेंव भी साथ भेजी
घर वापसी से पहले उसे नए कपड़ों और जरूरी सामान की शॉपिंग करवाई गई। इंदौर की प्रसिद्ध सेंव भी उसके साथ भेजी, साथ ही नए कपड़े भी उसे दिलवाए।
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