भारत का चीन को कड़ा मैसेज, अरुणाचल प्रदेश के नाम बदलने की कोशिश खारिज, बोला- काल्पनिक नामों से नहीं बदलेगा सच

चीन ने बदले कुछ जगहों के नाम
पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद 2020 में दोनों देशों के संबंधों में भारी गिरावट आई। पिछले डेढ़ वर्षों में, दोनों पक्षों ने संबंधों को फिर से मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। हाल ही में जारी की गई एक नई सूची में, चीन ने भारतीय क्षेत्र के कुछ स्थानों के नाम बदल दिए हैं। चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय ने 2017 में ज़ांगनान में छह स्थानों के मानकीकृत नामों की पहली सूची जारी की, जबकि 15 स्थानों की दूसरी सूची 2021 में जारी की गई, जिसके बाद 2023 में 11 स्थानों के नामों वाली एक और सूची जारी की गई। जांगनान अरुणाचल प्रदेश का चीनी नाम है। चीन, अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है।
भारत ने रविवार को कहा कि चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र को ‘ काल्पनिक नाम’ देना और ‘ निराधार विमर्श’ गढ़ना वास्तविकता को नहीं बदल सकता, लेकिन इससे द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों पर असर जरूर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली भारतीय क्षेत्र के स्थानों को ऐसे नाम देने के चीनी पक्ष के किसी भी 'शरारती प्रयास' को “स्पष्ट रूप से खारिज” करती है। जायसवाल ने कहा कि भारत, चीन द्वारा भारत की भूमि के अंतर्गत आने वाले स्थानों को मनगढ़ंत नाम देने के किसी भी शरारती प्रयास को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।”
उन्होंने कहा कि चीन द्वारा झूठे दावे पेश करने और निराधार विमर्श गढ़ने के ऐसे प्रयास इस निर्विवाद वास्तविकता को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश सहित ये स्थान और क्षेत्र भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
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जायसवाल ने कहा कि चीनी पक्ष के ऐसे प्रयास 'भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने की कवायद से ध्यान भटकाती हैं। उन्होंने कहा कि चीन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए, जो संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

देश में अब तक की सबसे बड़ी मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया के तहत 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 5.2 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। यह कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के बाद की गई, जो कुल मतदाताओं का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है।

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