Asha Bhosle: 78 साल का सफर, 20 भाषाओं में गाए लगभग 12 हजार गाने; ग्रैमी नामंकन पाने वाली पहली भारतीय महिला
आशा भोसले – फोटो : अमर उजाला
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आशा भोसले – फोटो : अमर उजाला
हर भारतीय संगीत प्रेमी आज ये ही कह रहा है, लेकिन अफसोस कि आज उसकी ये मुराद पूरी नहीं हो सकती है। क्योंकि इस गाने को अपनी आवाज से यादगार बनाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी हैं। 92 साल की उम्र में आशा भोसले ने अंतिम सांस ली। भले ही अब आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने सदाबहार गीतों के जरिए आशा भोसले हमसे कभी जुदा नहीं होंगी, ये वादा रहा। डालते हैं एक नजर आशा भोसले के प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके करियर, अवॉर्ड्स और यादगार गीतों पर।
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आशा भोसले
– फोटो : अमर उजाला
‘अभी ना जाओ छोड़कर, ये दिल अभी भरा नहीं…’
हर भारतीय संगीत प्रेमी आज ये ही कह रहा है, लेकिन अफसोस कि आज उसकी ये मुराद पूरी नहीं हो सकती है। क्योंकि इस गाने को अपनी आवाज से यादगार बनाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी हैं। 92 साल की उम्र में आशा भोसले ने अंतिम सांस ली। भले ही अब आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने सदाबहार गीतों के जरिए आशा भोसले हमसे कभी जुदा नहीं होंगी, ये वादा रहा। डालते हैं एक नजर आशा भोसले के प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके करियर, अवॉर्ड्स और यादगार गीतों पर।
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Gold Silver Rates 26 June : अमेरिका ईरान युद्ध थमने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी सोने चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक बुलियन बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से आज भी सोने चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले बाद क्रूड की कीमतें 70 डॉलर तक पहुंच गई। WTI क्रूड 70.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 74.05 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 6.07 फीसदी गिरकर 70.71 डॉलर प्रति बैरल हो गए।
26 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं दिखाई दिया। दोपहर 12:00 बजे MCX पर सोना 73 रुपए बढ़कर 1,43,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1,268 रुपए की बढ़त के साथ 2,20,940 पर थी।
स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4034.611 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.179 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,41,600 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,29,800 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,02,200 रुपए प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,40,000 रुपए प्रति किलो थी।


अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
edited by : Nrapendra Gupta
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दोनों ने भाई-बहन होने के साथ-साथ प्रोफेशनल पार्टनर के रूप में काम करने की चुनौतियों, 2020 के बाद के मुश्किल समय और कैसे एक साथ बिज़नेस खड़ा करने से उन्हें नई दिशा मिली, इस बारे में बात की।
बातचीत के दौरान नेहा धूपिया ने पूछा कि क्या साथ में बिज़नेस शुरू करना आसान फैसला था। इस पर रिया ने ईमानदारी से जवाब देते हुए कहा कि भाई-बहन के साथ काम करना आसान नहीं होता।
रिया ने कहा, “भाई-बहन के साथ काम करना मुश्किल होता है। पर्सनल और प्रोफेशनल रिश्तों के बीच फर्क समझने में समय लगता है। अगर घर पर किसी बात को लेकर आप उनसे नाराज़ हैं और फिर ऑफिस में वे कोई छोटी-सी गलती कर दें, तो वह बात आपको कहीं ज्यादा बड़ी लगने लगती है क्योंकि आप पहले से ही गुस्से में होते हैं।” अपने बिज़नेस के शुरुआती दिनों को याद करते हुए रिया ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर बहस हो जाया करती थी। उन्होंने हंसते हुए कहा, “शुरुआत में हमारे लिए यह बहुत मुश्किल था। कई बार तो कमरे से बाहर जाते-जाते वह कहता था कि अब वह घर छोड़कर जा रहा है।” हालांकि, रिया का मानना है कि जब शोविक अलग रहने लगे तो चीजें काफी बेहतर हो गईं। उन्होंने कहा, “उसका अलग घर में शिफ्ट होना हमारे लिए अच्छा रहा। हम पूरा दिन ऑफिस में साथ बिताते हैं, इसलिए घर पर अपनी-अपनी जगह होने से एक बेहतर संतुलन बन गया।”
कभी-कभी होने वाली नोकझोंक के बावजूद रिया मानती हैं कि परिवार के साथ काम करने का सबसे बड़ा फायदा भरोसा होता है। उन्होंने कहा, “भाई-बहन के साथ काम करने की सबसे अच्छी बात यह है कि आपके बीच पूरा भरोसा होता है। लेकिन रिश्ते की वजह से कुछ चुनौतियां भी आती हैं।”
रिया ने यह भी बताया कि अपने छोटे भाई को एक ज़िम्मेदार लीडर और कंपनी के सीईओ के रूप में विकसित होते देखना उनके लिए दिलचस्प अनुभव रहा है।
उन्होंने कहा,।”एक बड़ी बहन के तौर पर उसे एक वयस्क और हमारी कंपनी ‘चैप्टर 2’ के सीईओ के रूप में देखना बहुत खास रहा है। कंपनी के कंप्लायंस और अकाउंट्स जैसे काम मैं संभालती हूं, जिनमें उसकी खास दिलचस्पी नहीं है।”
रिया ने यह भी खुलासा किया कि कंपनी का नाम तय करते समय उनके दिमाग में कुछ अनोखे नाम थे। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मैं कंपनी का नाम ‘चुड़ैल का बदला’ रखना चाहती थी। मुझे यह नाम बहुत पसंद था और मैं इसके नाम से टी-शर्ट्स और मर्चेंडाइज बनाने की भी कल्पना कर रही थी।”
रिया ने बताया कि लोगों ने उन्हें ऐसा नाम रखने से मना किया, लेकिन वह इसे मज़ेदार मानती थीं। उन्होंने कहा, “सब लोग कहते थे कि इतना नकारात्मक मत सोचो, लेकिन मैं कहती थी कि यह नकारात्मक नहीं, बल्कि मज़ेदार है।”
रिया ने यह भी बताया कि एक और नाम जिस पर उन्होंने गंभीरता से विचार किया था, वह था ‘ब्लैक शीप’। उन्होंने कहा, “मैंने तो ‘ब्लैक शीप’ लिखे हुए ब्रेसलेट भी बनवा लिए थे क्योंकि उस समय हम खुद को समाज का ब्लैक शीप महसूस करते थे।”
आखिरकार दोनों ने ‘चैप्टर 2’ नाम चुना, जो उनकी जिंदगी में एक नई शुरुआत और नए अध्याय का प्रतीक बना। वहीं शोविक ने बताया कि उनका यह बिज़नेस ऐसे समय में शुरू हुआ जब दोनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो हमने यह बिज़नेस इसलिए शुरू किया क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।” शोविक के अनुसार, उस समय जहां रिया के अभिनय करियर में अनिश्चितता थी, वहीं एमबीए पूरा करने के बावजूद उन्हें भी कोई सही अवसर नहीं मिल रहा था। इस पर रिया ने कहा, “2020 के बाद मुझे काम मिलना बंद हो गया था। मुझे कोई साइन नहीं कर रहा था और उसे भी कोई नौकरी नहीं दे रहा था।” शोविक ने आगे बताया कि जिस साल उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसी साल उन्हें एमबीए में दाखिला भी मिला था। उन्होंने कहा, “मेरे 97 प्रतिशत अंक आए थे।” उन्होंने यह कहते हुए उस दौर को याद किया कि कैसे कुछ ही समय में जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी।
यूट्यूब पर प्रसारित डबल डेट में रिया और शोविक की इस खुली बातचीत ने दर्शकों को परिवार के साथ काम करने की वास्तविक चुनौतियों, 2020 के बाद उनके संघर्षों और साथ मिलकर एक नया व्यवसाय खड़ा करने की यात्रा की झलक दिखाई। दोनों ने माना कि भाई-बहन के रिश्ते और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना हमेशा आसान नहीं रहा, लेकिन आपसी भरोसे और सहयोग ने उन्हें हर मुश्किल से बाहर निकलने में मदद की। उनकी यह बातचीत न सिर्फ उनके उद्यमी सफर को दर्शाती है, बल्कि उन मुश्किल परिस्थितियों में भी उनके मजबूत होते रिश्ते और जज़्बे को भी सामने लाती है।
दोनों ने भाई-बहन होने के साथ-साथ प्रोफेशनल पार्टनर के रूप में काम करने की चुनौतियों, 2020 के बाद के मुश्किल समय और कैसे एक साथ बिज़नेस खड़ा करने से उन्हें नई दिशा मिली, इस बारे में बात की।
बातचीत के दौरान नेहा धूपिया ने पूछा कि क्या साथ में बिज़नेस शुरू करना आसान फैसला था। इस पर रिया ने ईमानदारी से जवाब देते हुए कहा कि भाई-बहन के साथ काम करना आसान नहीं होता।
रिया ने कहा, “भाई-बहन के साथ काम करना मुश्किल होता है। पर्सनल और प्रोफेशनल रिश्तों के बीच फर्क समझने में समय लगता है। अगर घर पर किसी बात को लेकर आप उनसे नाराज़ हैं और फिर ऑफिस में वे कोई छोटी-सी गलती कर दें, तो वह बात आपको कहीं ज्यादा बड़ी लगने लगती है क्योंकि आप पहले से ही गुस्से में होते हैं।” अपने बिज़नेस के शुरुआती दिनों को याद करते हुए रिया ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर बहस हो जाया करती थी। उन्होंने हंसते हुए कहा, “शुरुआत में हमारे लिए यह बहुत मुश्किल था। कई बार तो कमरे से बाहर जाते-जाते वह कहता था कि अब वह घर छोड़कर जा रहा है।” हालांकि, रिया का मानना है कि जब शोविक अलग रहने लगे तो चीजें काफी बेहतर हो गईं। उन्होंने कहा, “उसका अलग घर में शिफ्ट होना हमारे लिए अच्छा रहा। हम पूरा दिन ऑफिस में साथ बिताते हैं, इसलिए घर पर अपनी-अपनी जगह होने से एक बेहतर संतुलन बन गया।”
कभी-कभी होने वाली नोकझोंक के बावजूद रिया मानती हैं कि परिवार के साथ काम करने का सबसे बड़ा फायदा भरोसा होता है। उन्होंने कहा, “भाई-बहन के साथ काम करने की सबसे अच्छी बात यह है कि आपके बीच पूरा भरोसा होता है। लेकिन रिश्ते की वजह से कुछ चुनौतियां भी आती हैं।”
रिया ने यह भी बताया कि अपने छोटे भाई को एक ज़िम्मेदार लीडर और कंपनी के सीईओ के रूप में विकसित होते देखना उनके लिए दिलचस्प अनुभव रहा है।
उन्होंने कहा,।”एक बड़ी बहन के तौर पर उसे एक वयस्क और हमारी कंपनी ‘चैप्टर 2’ के सीईओ के रूप में देखना बहुत खास रहा है। कंपनी के कंप्लायंस और अकाउंट्स जैसे काम मैं संभालती हूं, जिनमें उसकी खास दिलचस्पी नहीं है।”
रिया ने यह भी खुलासा किया कि कंपनी का नाम तय करते समय उनके दिमाग में कुछ अनोखे नाम थे। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मैं कंपनी का नाम ‘चुड़ैल का बदला’ रखना चाहती थी। मुझे यह नाम बहुत पसंद था और मैं इसके नाम से टी-शर्ट्स और मर्चेंडाइज बनाने की भी कल्पना कर रही थी।”
रिया ने बताया कि लोगों ने उन्हें ऐसा नाम रखने से मना किया, लेकिन वह इसे मज़ेदार मानती थीं। उन्होंने कहा, “सब लोग कहते थे कि इतना नकारात्मक मत सोचो, लेकिन मैं कहती थी कि यह नकारात्मक नहीं, बल्कि मज़ेदार है।”
रिया ने यह भी बताया कि एक और नाम जिस पर उन्होंने गंभीरता से विचार किया था, वह था ‘ब्लैक शीप’। उन्होंने कहा, “मैंने तो ‘ब्लैक शीप’ लिखे हुए ब्रेसलेट भी बनवा लिए थे क्योंकि उस समय हम खुद को समाज का ब्लैक शीप महसूस करते थे।”
आखिरकार दोनों ने ‘चैप्टर 2’ नाम चुना, जो उनकी जिंदगी में एक नई शुरुआत और नए अध्याय का प्रतीक बना। वहीं शोविक ने बताया कि उनका यह बिज़नेस ऐसे समय में शुरू हुआ जब दोनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो हमने यह बिज़नेस इसलिए शुरू किया क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।” शोविक के अनुसार, उस समय जहां रिया के अभिनय करियर में अनिश्चितता थी, वहीं एमबीए पूरा करने के बावजूद उन्हें भी कोई सही अवसर नहीं मिल रहा था। इस पर रिया ने कहा, “2020 के बाद मुझे काम मिलना बंद हो गया था। मुझे कोई साइन नहीं कर रहा था और उसे भी कोई नौकरी नहीं दे रहा था।” शोविक ने आगे बताया कि जिस साल उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसी साल उन्हें एमबीए में दाखिला भी मिला था। उन्होंने कहा, “मेरे 97 प्रतिशत अंक आए थे।” उन्होंने यह कहते हुए उस दौर को याद किया कि कैसे कुछ ही समय में जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी।
यूट्यूब पर प्रसारित डबल डेट में रिया और शोविक की इस खुली बातचीत ने दर्शकों को परिवार के साथ काम करने की वास्तविक चुनौतियों, 2020 के बाद उनके संघर्षों और साथ मिलकर एक नया व्यवसाय खड़ा करने की यात्रा की झलक दिखाई। दोनों ने माना कि भाई-बहन के रिश्ते और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना हमेशा आसान नहीं रहा, लेकिन आपसी भरोसे और सहयोग ने उन्हें हर मुश्किल से बाहर निकलने में मदद की। उनकी यह बातचीत न सिर्फ उनके उद्यमी सफर को दर्शाती है, बल्कि उन मुश्किल परिस्थितियों में भी उनके मजबूत होते रिश्ते और जज़्बे को भी सामने लाती है।
Rhea and Showik Chakraborty:अभिनेत्री और उद्यमी रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती ने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के चैट शो डबल डेट में अपनी ज़िंदगी के कठिन दौर और साथ में बिज़नेस शुरू करने के अनुभव को खुलकर साझा किया।

दोनों ने भाई-बहन होने के साथ-साथ प्रोफेशनल पार्टनर के रूप में काम करने की चुनौतियों, 2020 के बाद के मुश्किल समय और कैसे एक साथ बिज़नेस खड़ा करने से उन्हें नई दिशा मिली, इस बारे में बात की।
बातचीत के दौरान नेहा धूपिया ने पूछा कि क्या साथ में बिज़नेस शुरू करना आसान फैसला था। इस पर रिया ने ईमानदारी से जवाब देते हुए कहा कि भाई-बहन के साथ काम करना आसान नहीं होता।
रिया ने कहा, “भाई-बहन के साथ काम करना मुश्किल होता है। पर्सनल और प्रोफेशनल रिश्तों के बीच फर्क समझने में समय लगता है। अगर घर पर किसी बात को लेकर आप उनसे नाराज़ हैं और फिर ऑफिस में वे कोई छोटी-सी गलती कर दें, तो वह बात आपको कहीं ज्यादा बड़ी लगने लगती है क्योंकि आप पहले से ही गुस्से में होते हैं।” अपने बिज़नेस के शुरुआती दिनों को याद करते हुए रिया ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर बहस हो जाया करती थी। उन्होंने हंसते हुए कहा, “शुरुआत में हमारे लिए यह बहुत मुश्किल था। कई बार तो कमरे से बाहर जाते-जाते वह कहता था कि अब वह घर छोड़कर जा रहा है।” हालांकि, रिया का मानना है कि जब शोविक अलग रहने लगे तो चीजें काफी बेहतर हो गईं। उन्होंने कहा, “उसका अलग घर में शिफ्ट होना हमारे लिए अच्छा रहा। हम पूरा दिन ऑफिस में साथ बिताते हैं, इसलिए घर पर अपनी-अपनी जगह होने से एक बेहतर संतुलन बन गया।”
कभी-कभी होने वाली नोकझोंक के बावजूद रिया मानती हैं कि परिवार के साथ काम करने का सबसे बड़ा फायदा भरोसा होता है। उन्होंने कहा, “भाई-बहन के साथ काम करने की सबसे अच्छी बात यह है कि आपके बीच पूरा भरोसा होता है। लेकिन रिश्ते की वजह से कुछ चुनौतियां भी आती हैं।”
रिया ने यह भी बताया कि अपने छोटे भाई को एक ज़िम्मेदार लीडर और कंपनी के सीईओ के रूप में विकसित होते देखना उनके लिए दिलचस्प अनुभव रहा है।
उन्होंने कहा,।”एक बड़ी बहन के तौर पर उसे एक वयस्क और हमारी कंपनी ‘चैप्टर 2’ के सीईओ के रूप में देखना बहुत खास रहा है। कंपनी के कंप्लायंस और अकाउंट्स जैसे काम मैं संभालती हूं, जिनमें उसकी खास दिलचस्पी नहीं है।”
रिया ने यह भी खुलासा किया कि कंपनी का नाम तय करते समय उनके दिमाग में कुछ अनोखे नाम थे। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मैं कंपनी का नाम ‘चुड़ैल का बदला’ रखना चाहती थी। मुझे यह नाम बहुत पसंद था और मैं इसके नाम से टी-शर्ट्स और मर्चेंडाइज बनाने की भी कल्पना कर रही थी।”
रिया ने बताया कि लोगों ने उन्हें ऐसा नाम रखने से मना किया, लेकिन वह इसे मज़ेदार मानती थीं। उन्होंने कहा, “सब लोग कहते थे कि इतना नकारात्मक मत सोचो, लेकिन मैं कहती थी कि यह नकारात्मक नहीं, बल्कि मज़ेदार है।”
रिया ने यह भी बताया कि एक और नाम जिस पर उन्होंने गंभीरता से विचार किया था, वह था ‘ब्लैक शीप’। उन्होंने कहा, “मैंने तो ‘ब्लैक शीप’ लिखे हुए ब्रेसलेट भी बनवा लिए थे क्योंकि उस समय हम खुद को समाज का ब्लैक शीप महसूस करते थे।”
आखिरकार दोनों ने ‘चैप्टर 2’ नाम चुना, जो उनकी जिंदगी में एक नई शुरुआत और नए अध्याय का प्रतीक बना। वहीं शोविक ने बताया कि उनका यह बिज़नेस ऐसे समय में शुरू हुआ जब दोनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो हमने यह बिज़नेस इसलिए शुरू किया क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।” शोविक के अनुसार, उस समय जहां रिया के अभिनय करियर में अनिश्चितता थी, वहीं एमबीए पूरा करने के बावजूद उन्हें भी कोई सही अवसर नहीं मिल रहा था। इस पर रिया ने कहा, “2020 के बाद मुझे काम मिलना बंद हो गया था। मुझे कोई साइन नहीं कर रहा था और उसे भी कोई नौकरी नहीं दे रहा था।” शोविक ने आगे बताया कि जिस साल उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसी साल उन्हें एमबीए में दाखिला भी मिला था। उन्होंने कहा, “मेरे 97 प्रतिशत अंक आए थे।” उन्होंने यह कहते हुए उस दौर को याद किया कि कैसे कुछ ही समय में जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी।
यूट्यूब पर प्रसारित डबल डेट में रिया और शोविक की इस खुली बातचीत ने दर्शकों को परिवार के साथ काम करने की वास्तविक चुनौतियों, 2020 के बाद उनके संघर्षों और साथ मिलकर एक नया व्यवसाय खड़ा करने की यात्रा की झलक दिखाई। दोनों ने माना कि भाई-बहन के रिश्ते और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना हमेशा आसान नहीं रहा, लेकिन आपसी भरोसे और सहयोग ने उन्हें हर मुश्किल से बाहर निकलने में मदद की। उनकी यह बातचीत न सिर्फ उनके उद्यमी सफर को दर्शाती है, बल्कि उन मुश्किल परिस्थितियों में भी उनके मजबूत होते रिश्ते और जज़्बे को भी सामने लाती है।
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