‘समय जल्दी बीत जाता है…’, अमिताभ बच्चन ने क्यों कही ये बात? पिता हरिवंश राय बच्चन की कविताओं का किया जिक्र
सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन 83 साल की उम्र में भी फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया और ब्लॉग पर भी लगातार सक्रिय हैं। वो अक्सर अपने ब्लॉग्स के जरिए भी लोगों को प्रेरित करते रहते हैं और प्रेरणादायक बातें साझा करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग पोस्ट में सक्रिय और प्रेरित रहने के महत्व पर विचार व्यक्त किया। इसके लिए उन्होंने अपने पिता व रचनाकार हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियों का भी जिक्र किया।
शरीर को गतिशील रखें
अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की रचनाओं से प्रेरणा लेते हुए अमिताभ ने समय की अस्थिरता और शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्रिय रहने के महत्व के बारे में बात की। अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा, ‘बाबूजी की रचनाओं से कुछ विचार और दिन बीतते जा रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही बीता था और अगला महीना शुरू होने वाला है। यह हमें याद दिलाता है कि समय कितनी जल्दी बीत जाता है। गतिशीलता ही कुंजी है। शरीर को गतिशील रखें, मन को गतिशील रखें और गतिशीलता की शक्ति अचानक स्पष्ट हो जाएगी, न कि बिना किसी कारण के बैठे रहने से।’
धैर्य और ज्ञान का बताया महत्व
बिग बी ने धैर्य और ज्ञान के महत्व पर भी बात की। उन्होंने लिखा, ‘धैर्य उस पहेली की तरह है, जिसका हल हर पल चाहिए। एक पल भी धैर्य की परीक्षा है। लेकिन इसका फल मिलता है और बहुत अच्छा मिलता है। आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि दार्शनिक दृष्टि से।’ उन्होंने ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, ‘किसी भी विषय का अध्ययन युद्ध के संदर्भ में धनुष से कई तीर निकालने जैसा है।
धनुष और बाण, इन्हें कितना महत्व दिया जाता है। यह हमारे जीवन में भीतर और बाहर दोनों जगह मौजूद है।’ युद्ध के बदलते स्वरूप धनुष और बाण से लेकर मिसाइलों तक का उदाहरण देते हुए बिग बी ने बताया कि कैसे तरीकों में बदलाव के बावजूद संघर्ष का सार कभी नहीं बदलता।
मध्यप्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी जरूरी है। शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस कदम के लिए उसका स्वागत किया है।


Post Comment